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2025 दिल दहला देने वाली घटना मां ने टोका तो शराबी बेटे ने जहर खाकर किया सुसाइड

2025 मां की सीख, बेटे का अंत: शराब छोड़ने की बात पर जहर खाकर सुसाइड ने झकझोरा समाज

समाज में शराब की लत केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार को अंदर से तोड़ देती है। जब कोई मां अपने बेटे को सही रास्ते पर लाने की कोशिश करती है और वही कोशिश उसकी मौत का कारण बन जाए, तो यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी बन जाती है। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां मां द्वारा शराब पीने की बुरी लत छोड़ने को कहने पर बेटे ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

यह घटना न सिर्फ मां के लिए असहनीय पीड़ा लेकर आई, बल्कि यह सवाल भी खड़े करती है कि नशे की लत, मानसिक तनाव और पारिवारिक संवाद के बीच संतुलन कैसे बिगड़ जाता है।


घटना का पूरा विवरण

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक युवक लंबे समय से शराब पीने का आदी था। उसकी इस आदत को लेकर घर में अक्सर विवाद होता रहता था। मां कई बार बेटे को समझा चुकी थी कि शराब उसकी सेहत, भविष्य और परिवार—तीनों को नुकसान पहुंचा रही है।

घटना वाले दिन भी मां ने बेटे को शराब छोड़ने की नसीहत दी। यह बात बेटे को इतनी नागवार गुजरी कि उसने आवेश में आकर घर में रखे जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मां बार-बार यही कहती रही—

“मैंने तो उसका भला ही चाहा था, कभी नहीं सोचा था कि मेरी बात उसकी जान ले लेगी।”

मां ने शराब पीने से मना करना बेटे को मना किया तो बेटे को यह इस कदर नागवार गुजरा कि उसने खेत में जाकर जहर सेवन कर लिया। परिजनों को इस बात की भनक लगी तब उसे गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लाकर भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उक्त मामला सक्ती जिले के मालखरौदा थाना क्षेत्र का है।

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार सक्ती जिले के मालखरौदा थानांतर्गत ग्राम बुंदेली निवासी चन्द्रप्रकाश गवेल पिता केजहाराम गवेल (उम्र 19 वर्ष) शराब पीने का आदी था। वहीं विगत बुधवार को वह शराब के नशे में टुन्न हो कर घर पहुंचा तो उसे इस हालत में देखकर उसकी मां ने शराब पीने से मना किया।

मां द्वारा शराब पीने से मना करना युवक को इस कदर नागवार गुजरा कि वह खेत की ओर गया और जहर सेवन कर लिया। परिजनों को जब इस बात की भनक लगी तब वे आनन-फानन में चन्द्रप्रकाश को मालखरौदा स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार के लिए ले गए, जहां गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे रायगढ़ रेफर कर दिया था।

वहीं पीडि़त युवक को रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान आज सुबह उसकी मौत हो गई। अस्पताल से मिली तहरीर पर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपते हुए आगे की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।


शराब की लत: एक धीमा ज़हर

शराब की लत केवल शारीरिक बीमारी नहीं है, यह एक मानसिक और सामाजिक समस्या भी है।

शराब की लत के प्रमुख दुष्परिणाम

विशेषज्ञों का मानना है कि शराब का अत्यधिक सेवन व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर कर देता है, जिससे वह छोटी-छोटी बातों को भी जीवन-मरण का प्रश्न बना लेता है।


मां–बेटे का रिश्ता और संवाद की कमी

मां और बेटे का रिश्ता सबसे भावनात्मक और भरोसेमंद माना जाता है। लेकिन जब संवाद में आरोप, डांट या निराशा हावी हो जाए, तो बात बिगड़ सकती है।

इस मामले में मां का उद्देश्य बेटे को सुधारना था, लेकिन बेटा पहले से ही मानसिक दबाव में था। उसे लगा कि घरवाले उसकी स्थिति नहीं समझ रहे हैं। यही गलतफहमी और मानसिक बोझ इस दुखद फैसले का कारण बन गया। Kelo Pravah


मानसिक स्वास्थ्य: नजरअंदाज किया गया पहलू

भारत में आज भी मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से नहीं लिया जाता।

यदि समय रहते काउंसलिंग या इलाज मिल जाता, तो शायद यह युवक अपनी जान न गंवाता।


आत्महत्या: समस्या का समाधान नहीं

आत्महत्या किसी भी समस्या का हल नहीं है। यह पीछे छोड़ जाती है—

हर आत्महत्या एक संदेश देती है कि हम कहीं न कहीं समय पर मदद नहीं पहुंचा पाए


विशेषज्ञों की राय

मनोचिकित्सकों के अनुसार:


परिवारों के लिए जरूरी सीख

इस घटना से समाज और परिवारों को कई अहम सबक मिलते हैं:

1. संवाद में संयम रखें

गुस्से या ताने से बात बिगड़ सकती है।

2. मानसिक स्थिति को समझें

नशे के पीछे अक्सर कोई गहरी मानसिक वजह होती है।

3. समय पर मदद लें

डॉक्टर, काउंसलर या नशामुक्ति केंद्र से संपर्क करें।

4. अकेलापन न बढ़ने दें

व्यक्ति को यह महसूस कराएं कि वह अकेला नहीं है।


समाज की जिम्मेदारी

यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है। समाज को भी आगे आना होगा—


अगर आप या आपका कोई परिचित संकट में है

यदि कोई व्यक्ति आत्महत्या के विचारों से जूझ रहा है, तो तुरंत मदद लेना बेहद जरूरी है

भारत में सहायता के लिए संपर्क करें

यह सेवाएं गोपनीय हैं और 24×7 उपलब्ध रहती हैं।

मां की एक सीख, बेटे का एक गलत फैसला और हमेशा के लिए बिखर गया एक परिवार। यह घटना हमें याद दिलाती है कि शराब की लत और मानसिक तनाव को हल्के में लेना जानलेवा साबित हो सकता है

जरूरत है संवेदनशीलता, समझदारी और समय पर मदद की।
क्योंकि एक जीवन अनमोल है—और उसे बचाना हम सबकी जिम्मेदारी।

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