बिजली विभाग का ‘रिकवरी मोड’ ऑन 98 लोगों की लाईन कट, बकायादारों वसूले 10.50 लाख रूपए

बिजली विभाग का ‘रिकवरी मोड’ ऑन: 98 लोगों की लाईन कट, बकायादारों वसूले 10.50 लाख रूपए

घटना का संक्षिप्त विवरण

रायगढ़ में बिजली विभाग ने हाल ही में अपने ‘रिकवरी मोड’ को सक्रिय किया। इसका उद्देश्य बकायादार उपभोक्ताओं से लंबित बिल वसूलना था। इस कार्रवाई के तहत 98 लोगों की बिजली लाइन काटी गई और कुल 10.50 लाख रुपये की बकाया राशि वसूली गई। यह कदम विभाग की सख्ती और कड़ाई का प्रतीक है, ताकि बिजली चोरी और बकाया बिलों की समस्या पर काबू पाया जा सके।

 10 हजार से अधिक बकाया बिजली बिल वाले उपभोक्ताओं से वसूली के लिए बिजली विभाग का अभियान आज दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को हुई कार्रवाई में 61 बकायादारों से तकरीबन साढ़े 10 लाख रूपए की वसूली की गई है तथा 98 लोगों द्वारा बिल का भुगतान नहीं किये जाने पर उनकी लाईन काटने की कार्रवाई विभागीय टीम ने की है। इस प्रकार दो दिनों में लगभग साढ़े 25 लाख रूपए की वसूली की गई है।

वित्तीय वर्ष समाप्ति के तीन माह पूर्व से ही सीएसपीडीसीएल ने बिजली बिल बकायदारों से वसूली तेज कर दी है। प्रदेश के दूसरे जिलों से 12 टीम रायगढ़ पहुंच कर विशेष वसूली अभियान में जुटी है।वर्तमान में 10 हजार से अधिक बकाया वाले उपभोक्ताओं से वसूली की कार्रवाई की जा रही है। अभियान के आज दुसरे दिन शहर के जोन-1 व जोन-2 में दस टीम जांच के लिए निकली थी। दोनों जोन में मिला कर 193 बकायदारों पर बकाया 61 लाख रूपए की वसूली के लिए अभियान चलाया गया।

इस दौरान 61 बकायादारों से तकरीबन साढ़े 10 लाख रूपए की वसूली की गई। वहीं टीम के पहुंचने के बावजूद बिल का भुगतान करने में हील हवाला करने वाले 98 बकायादारों के कनेक्शन किये गये है। बताया जा रहा है कि जिन 98 लोगों की लाईन काटी गई है उनसे लगभग 39 लाख रूपए की वसूली होनी है।इस प्रकार दो दिनों में विद्युत विभाग की टीम ने 136 बकायादारोंं से लगभग साढ़े 25 लाख रूपए की वसूली की है तथा 228 बकायादारोंं की लाईन काटने की कार्रवाई की गई है।


‘रिकवरी मोड’ क्या है?

बिजली विभाग द्वारा अपनाया गया ‘रिकवरी मोड’ एक विशेष अभियान है, जिसमें लंबित बिल और 98 बकायादार उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की जाती है। इस प्रक्रिया के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  1. पहचान और सूचीकरण: सबसे पहले विभाग अपनी रिकॉर्डिंग प्रणाली के माध्यम से बकायादार उपभोक्ताओं की पहचान करता है।

  2. सावधानीपूर्वक नोटिस: बकाया राशि के बारे में नोटिस भेजा जाता है, जिसमें भुगतान की अंतिम तारीख दी जाती है।

  3. कड़ाई की कार्रवाई: यदि नोटिस के बाद भी बिल का भुगतान नहीं होता, तो विभाग ‘रिकवरी मोड’ के तहत बिजली कटाई करता है।

  4. वसूली और पुनः जोड़ाई: बकाया राशि वसूली जाने के बाद बिजली लाइन को पुनः जोड़ा जाता है।

यह मोड विशेष रूप से उन क्षेत्रों में लागू किया जाता है, जहां बकाया राशि लंबित रहती है और नियमित भुगतान नहीं हो पाता।


कार्रवाई का कारण

रायगढ़ में बिजली बकाया राशि लगातार बढ़ती जा रही थी, जिससे विभाग को आर्थिक नुकसान हो रहा था। 98 बकायादार उपभोक्ताओं की वजह से बिजली वितरण पर दबाव बढ़ा और विभाग को मजबूरन सख्ती अपनानी पड़ी।Amar Ujala

इस अभियान के कारण प्रमुख कारण थे:

  • लंबे समय से बकाया बिल जमा न होना

  • बिजली चोरी के मामलों में वृद्धि

  • विभागीय आय में कमी

इसलिए विभाग ने ‘रिकवरी मोड’ चालू किया और सख्त कार्रवाई की।


कार्रवाई का तरीका

अभियान के दौरान बिजली विभाग ने निम्नलिखित कदम उठाए:

  1. सर्वे और पहचान: पहले 98 बकायादार उपभोक्ताओं की पहचान की गई।

  2. नोटिस जारी करना: प्रत्येक उपभोक्ता को बिल और भुगतान की अंतिम तिथि के साथ नोटिस भेजा गया।

  3. लाइन काटना: नोटिस के बाद भी भुगतान न होने पर बिजली लाइन काट दी गई।

  4. वसूली: कुल 10.50 लाख रुपये की राशि वसूल की गई।

  5. पुनः जोड़ाई: भुगतान के बाद बिजली लाइन को पुनः चालू किया गया।


स्थानीय प्रतिक्रिया

उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया

अभियान के दौरान कुछ उपभोक्ताओं ने इसका विरोध किया, जबकि कुछ ने इसे सही कदम माना।

  • सकारात्मक प्रतिक्रिया: कई लोगों ने कहा कि यह कदम बिजली विभाग की जिम्मेदारी और अनुशासन को दर्शाता है।

  • नकारात्मक प्रतिक्रिया: कुछ उपभोक्ताओं ने कहा कि अचानक बिजली कटने से उन्हें दैनिक जीवन में कठिनाई हुई।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

बिजली विभाग ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल बकाया राशि वसूलने और बिजली चोरी रोकने के लिए किया गया है। विभाग ने कहा कि भविष्य में भी नियमित भुगतान न करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।


आर्थिक प्रभाव

इस अभियान से निम्नलिखित आर्थिक प्रभाव दिखाई दिए:

  1. 10.50 लाख रुपये की वसूली: विभाग की आय बढ़ी और बकाया राशि में कमी हुई।

  2. बिजली चोरी पर अंकुश: इससे अन्य उपभोक्ताओं को भी नियमों का पालन करने की प्रेरणा मिली।

  3. स्थानीय व्यापार पर असर: कुछ छोटे व्यापारियों को अस्थायी बिजली कटाई से नुकसान हुआ, लेकिन यह कदम लंबी अवधि में लाभदायक है।


भविष्य में ऐसे अभियान

बिजली विभाग ने भविष्य में भी ‘रिकवरी मोड’ को नियमित रूप से लागू करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य है:

  • लंबित बिलों की समय पर वसूली

  • बिजली चोरी की रोकथाम

  • विभागीय आय में सुधार

यह अभियान धीरे-धीरे पूरे जिले में फैलाया जाएगा ताकि सभी बकायादारों से लंबित राशि वसूली जा सके।

रायगढ़ में बिजली विभाग द्वारा अपनाया गया ‘रिकवरी मोड’ एक सख्त लेकिन आवश्यक कदम था। 98 उपभोक्ताओं की लाइन काटकर 10.50 लाख रुपये वसूले गए, जिससे विभागीय आय में सुधार हुआ और बकाया बिलों की समस्या पर नियंत्रण मिला।

यह अभियान यह संदेश देता है कि बिजली चोरी और बकाया बिलों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे, जिससे बिजली वितरण प्रणाली मजबूत और व्यवस्थित रहे।

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