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रायगढ़ में 951 बोरी अवैध धान ज़ब्त प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

रायगढ़ में अवैध धान की बड़ी जब्ती 951 बोरी पकड़ाई प्रशासन की कड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप

रायगढ़ जिला इस समय कृषि सीजन के साथ-साथ एक और बड़ी चुनौती से जूझ रहा है—अवैध धान भंडारण और खरीदी का बढ़ता नेटवर्क। हर साल जैसे-जैसे सरकारी धान खरीदी की तारीख नजदीक आती है, वैसे-वैसे जिले में अवैध धान रखने, खरीदने और बेचने का खेल भी तेज़ हो जाता है।
20 नवंबर 2025 को घरघोड़ा क्षेत्र में हुई प्रशासनिक कार्रवाई ने एक बार फिर इस समस्या की गंभीरता उजागर कर दी।

951 बोरी पकड़ाई

एक ही गांव बिज्जना से 951 बोरी अवैध धान जब्त होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने तथा अवैध भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में आज एसडीएम घरघोड़ा दुर्गा प्रसाद अधिकारी के नेतृत्व में राजस्व एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने तहसील तमनार के ग्राम बिजना में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम को माखन गुप्ता, पिता भुनेश्वर गुप्ता के घर में बड़ी मात्रा में धान का अवैध भंडारण मिलने की जानकारी मिली। मौके पर की गई विस्तृत जांच में कुल 951 बोरी धान अवैध रूप से संग्रहित पाया गया, जिसे नियमानुसार तत्काल जब्त किया गया।

यह सिर्फ़ एक जब्ती नहीं, बल्कि यह संदेश है कि इस बार प्रशासन पूरी मुस्तैदी से मैदान में उतरा है।इस दौरान एसडीएम ने कहा कि शासन की धान खरीदी नीति को प्रभावित करने वाली किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध भंडारण और नियम विरुद्ध गतिविधियों पर प्रशासन की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर तुरंत नियंत्रण स्थापित किया जा सके। उन्होंने किसानों और व्यापारियों से अपील की है कि वे शासन की धान खरीदी नीति का पूर्ण पालन करें और अवैध भंडारण जैसी गतिविधियों से दूर रहें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


कार्रवाई कैसे शुरू हुई?

घरघोड़ा SDM की टीम को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बिज्जना गांव में कुछ लोग बड़े पैमाने पर धान जमा कर रहे हैं। बताया जा रहा था कि यह धान या तो बिचौलियों द्वारा सस्ते में खरीदकर रखा गया था या बिना किसी दस्तावेज़ के बाहर से लाया गया था, जिसे बाद में सरकारी खरीदी केंद्रों में बेचने की तैयारी थी।

जैसे ही यह जानकारी राजस्व विभाग, खाद्य विभाग और पुलिस प्रशासन तक पहुंची, तत्काल एक संयुक्त टीम बनाई गई।
सुबह-सुबह टीम ने गांव की घेराबंदी की और संदिग्ध गोदामों व घरों पर छापेमारी शुरू की।

Kelo Pravah


951 बोरी धान — यह संख्या क्यों बड़ी है?

सामान्य किसानों के घर में बमुश्किल 20–30 बोरी धान ही स्टॉक रहता है, वह भी रहने के लिए, बीज के लिए या निजी उपयोग के लिए।
लेकिन 951 बोरी की मात्रा किसी सामान्य किसान की क्षमता से कई गुना ज्यादा है।
यह संकेत देता है—

इतनी बड़ी मात्रा की जब्ती से पूरे राजस्व अमले ने राहत की सांस ली और बाकी नेटवर्क से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई।


अवैध धान भंडारण का तंत्र कैसे काम करता है?

रायगढ़ समेत कई जिलों में यह अक्सर देखा गया है कि धान खरीदी केंद्रों में समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए कुछ लोग विशेष रणनीति अपनाते हैं।

इस तंत्र में शामिल कुछ प्रमुख चरण इस प्रकार होते हैं:

इस नेटवर्क को तोड़ना आसान नहीं रहता, क्योंकि इसमें कई स्तर शामिल होते हैं। लेकिन इस साल की कार्रवाई बताती है कि प्रशासन ने इस दिशा में सख्ती बढ़ा दी है।


SDM और विभागीय टीम की क्या भूमिका रही?

घरघोड़ा SDM के नेतृत्व में पूरी टीम ने बेहद रणनीतिक तरीके से छापा मारा।
टाल-मटोल का कोई मौका न मिले, इसलिए टीम ने:

इस तेज़ और प्रभावी कार्रवाई की ग्रामीण इलाकों में काफी चर्चा रही।


गांव के लोगों की प्रतिक्रिया

कार्रवाई के दौरान गांववासी भी इकट्ठा हो गए।
कुछ लोगों ने राहत की सांस ली, क्योंकि वे लंबे समय से इस नेटवर्क की शिकायत कर रहे थे।
उनका कहना था कि—

कुछ लोग इस कार्रवाई को “बहुत जरूरी कदम” बता रहे हैं।


अवैध धान क्यों बढ़ता है?

इसके कई कारण हैं—

सरकारी समर्थन मूल्य अधिक होना
किसान को MSP मिलता है, इसलिए कुछ लोग इसे फायदे का माध्यम बना लेते हैं।

बिचौलियों का नेटवर्क
ये लोग धान को बाजार के नीचे दामों में खरीदते हैं।

अन्य राज्यों से धान की ढुलाई
जहाँ की कीमतें कम होती हैं, वहां से धान लाकर यहां बेचा जाता है।

दस्तावेज़ों की कमी
ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग रसीदें या रिकॉर्ड नहीं रखते, जिससे अवैध नेटवर्क का रास्ता खुलता है।

Janta Serishta


इस जब्ती का असर क्या होगा?

यह मामला आने वाले समय में कई स्तरों पर प्रभाव डाल सकता है—

इस कार्रवाई को भविष्य की खरीदी प्रक्रिया के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।

अवैध धान नेटवर्क में डर और सतर्कता

इतनी बड़ी जब्ती से अवैध धान खरीद–फरोख्त करने वाले लोग सतर्क और डरे हुए हैं।


 अन्य गांवों में भी बढ़ेगी सख्त जांच

951 बोरी की जब्ती “संकेत” है कि प्रशासन इस बार बिल्कुल नरमी नहीं बरत रहा।


 असली किसानों को लाभ मिलेगा

अवैध धान के कारण कई बार असली किसानों को खरीदी केंद्रों पर नुकसान उठाना पड़ता है।


 सरकारी राजस्व की सुरक्षा

अवैध धान बेचने से सरकार को बड़ा आर्थिक नुकसान होता है।


 बड़े सप्लायर्स और बिचौलियों पर नकेल

इतनी बड़ी मात्रा आम किसान के पास नहीं होती।


अब आगे क्या?

जब्ती के बाद आगे की कार्रवाई में शामिल है—

प्रशासन इस मामले को गंभीरता से देख रहा है और अगले कुछ दिनों में और खुलासे होने की उम्मीद है।

रायगढ़ जिले में अवैध धान का मुद्दा कोई नया नहीं है, लेकिन 951 बोरी की जब्ती ने इस समस्या की जड़ तक जाने की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है।
घरघोड़ा SDM और पूरी टीम की यह कार्रवाई बताती है कि इस बार प्रशासन पूरी तरह सख्त है और धान माफिया के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह कदम न सिर्फ सरकारी राजस्व की रक्षा करेगा, बल्कि उन मेहनती किसानों का भी हित सुरक्षित करेगा, जो ईमानदारी से अपनी फसल बेचते हैं।

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