रायगढ़ में स्मार्ट मीटर से बिजली बिल में वृद्धि उपभोक्ताओं की शिकायतें और समाधान

रायगढ़ में स्मार्ट मीटर से बिजली बिल में वृद्धि

छत्तीसगढ़ राज्य के रायगढ़ जिले में स्मार्ट मीटरों की स्थापना के बाद से बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि ने उपभोक्ताओं के बीच चिंता और असंतोष को जन्म दिया है। यह कदम राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) द्वारा बिजली वितरण प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उठाया गया था। हालांकि, इस पहल के परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं को अधिक बिलों का सामना करना पड़ा है, जिससे कई सवाल उठ रहे हैं।


स्मार्ट मीटरों की स्थापना का उद्देश्य

स्मार्ट मीटरों की स्थापना का मुख्य उद्देश्य बिजली की खपत की वास्तविक समय में निगरानी करना, बिलिंग प्रक्रिया को स्वचालित करना और उपभोक्ताओं को उनके उपयोग के बारे में सटीक जानकारी प्रदान करना था। इससे विद्युत वितरण कंपनियों को भी रीडिंग में होने वाली गलतियों को कम करने और राजस्व संग्रहण में सुधार की उम्मीद थी।


रायगढ़ में स्मार्ट मीटरों की स्थिति

रायगढ़ जिले में स्मार्ट मीटरों की स्थापना लगभग छह महीने पहले शुरू हुई थी, और वर्तमान में 60% से अधिक घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान कई उपभोक्ताओं ने अपनी बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि की शिकायत की है। कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटरों की स्थापना उपभोक्ताओं की सहमति के बिना की जा रही है और इससे बिलों में अनावश्यक वृद्धि हो रही है। Patrika News


उपभोक्ताओं की शिकायतें

उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटरों की स्थापना के बाद उनके बिजली बिलों में 50% से लेकर 100% तक की वृद्धि हुई है। विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों ने इस वृद्धि को अत्यधिक बताया है। कुछ उपभोक्ताओं ने तो यह भी आरोप लगाया है कि स्मार्ट मीटरों के कारण उनकी बिजली खपत में कोई बदलाव नहीं होने के बावजूद बिलों में वृद्धि हुई है।


कांग्रेस पार्टी की प्रतिक्रिया

कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने स्मार्ट मीटरों की स्थापना को रोकने और उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करने की मांग की। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटरों की स्थापना के दौरान उपभोक्ताओं से उचित सहमति नहीं ली गई और उन्हें इस प्रक्रिया के बारे में जानकारी नहीं दी गई।


बिजली विभाग की प्रतिक्रिया

बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता, मनीष तनेजा ने कहा कि इस मुद्दे पर मुख्यालय में चर्चा की जाएगी और उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि स्मार्ट मीटरों की स्थापना से बिजली वितरण प्रणाली में सुधार होगा और उपभोक्ताओं को वास्तविक समय में उनकी बिजली खपत की जानकारी मिलेगी।


अन्य जिलों में भी समान समस्याएं

रायगढ़ जिले के अलावा, छत्तीसगढ़ राज्य के अन्य जिलों जैसे जांजगीर-चांपा में भी स्मार्ट मीटरों की स्थापना के बाद बिजली बिलों में वृद्धि की शिकायतें सामने आई हैं। जांजगीर-चांपा के शिवरीनारायण खारौद नगर पंचायत में सैकड़ों महिलाओं ने बिजली कार्यालय का घेराव किया और स्मार्ट मीटरों के कारण बिलों में हुई वृद्धि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कुछ महिलाओं ने तो सामूहिक आत्महत्या की धमकी भी दी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। Patrika News


संभावित कारण

  1. स्मार्ट मीटरों की तकनीकी समस्याएं: कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटरों में तकनीकी समस्याएं हैं, जिसके कारण उनकी बिजली खपत अधिक दिखाई जा रही है।

  2. बिजली दरों में वृद्धि: राज्य सरकार ने जुलाई 2025 से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की है, जिससे बिलों में वृद्धि हुई है। The Times of India

  3. स्मार्ट मीटरों की स्थापना की प्रक्रिया: कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटरों की स्थापना के दौरान उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं दी गई।


समाधान के प्रयास

बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लिया है और जांच के आदेश दिए हैं। विभाग ने यह भी कहा है कि यदि स्मार्ट मीटरों में कोई तकनीकी समस्या पाई जाती है, तो उन्हें ठीक किया जाएगा और उपभोक्ताओं को सही बिल जारी किया जाएगा।

स्मार्ट मीटरों की स्थापना का उद्देश्य बिजली वितरण प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता लाना था, लेकिन इसके परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं को अधिक बिलों का सामना करना पड़ा है। बिजली विभाग को उपभोक्ताओं की शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए और शीघ्र समाधान प्रदान करना चाहिए, ताकि स्मार्ट मीटरों की स्थापना का उद्देश्य सफल हो सके और उपभोक्ताओं का विश्वास बना रहे।

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