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छत्तीसगढ़ में हाड़ कपा देने वाली ठंड का कहर अंबिकापुर में 3.3 डिग्री पहुंचा तापमान, कई जिलों में शीत लहर का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में हाड़ कपा देने वाली ठंड का कहर अंबिकापुर में 3.3 डिग्री पहुंचा तापमान, कई जिलों में शीत लहर का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में सर्दी ने तोड़े रिकॉर्ड, ठिठुर रहा जनजीवन

छत्तीसगढ़ में इस बार सर्दी ने अपने तेवर पहले से कहीं अधिक तीखे दिखाए हैं। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के असर से राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। खासकर सरगुजा संभाग के अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाना अपने आप में एक बड़ी घटना मानी जा रही है। यह तापमान न सिर्फ इस मौसम का बल्कि बीते कई वर्षों का न्यूनतम स्तर माना जा रहा है।

राज्य के कई जिलों में शीत लहर (Cold Wave) की स्थिति बनी हुई है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सुबह और रात के समय लोग घरों से निकलने में कतरा रहे हैं, वहीं गरीब, बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रहे हैं।


अंबिकापुर बना छत्तीसगढ़ का सबसे ठंडा इलाका

सरगुजा जिले का अंबिकापुर एक बार फिर छत्तीसगढ़ का सबसे ठंडा शहर बनकर उभरा है। यहां का तापमान 3.3 डिग्री तक गिरने से लोग अलाव और हीटर का सहारा लेने को मजबूर हैं। सड़कों पर सुबह के समय सन्नाटा पसरा रहता है, और कोहरा भी ठंड को और ज्यादा बढ़ा रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इतनी कड़ाके की ठंड पिछले कई वर्षों में नहीं देखी गई। ठंड का असर सिर्फ शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां पर्याप्त संसाधनों का अभाव है।


इन जिलों में भी गिरा पारा, शीत लहर का असर

अंबिकापुर के अलावा राज्य के कई अन्य जिलों में भी न्यूनतम तापमान तेजी से गिरा है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

इन सभी जिलों में ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे शरीर में ठिठुरन बढ़ रही है।


मौसम विभाग का अलर्ट: अगले कुछ दिन और कठिन

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत में जारी बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ के चलते आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने कई जिलों में शीत लहर का अलर्ट जारी किया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि:


क्यों पड़ रही है इस बार इतनी ज्यादा ठंड?

छत्तीसगढ़ में इस बार ठंड अधिक पड़ने के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं:

  1. उत्तर भारत में भारी बर्फबारी

  2. पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना

  3. उत्तर-पश्चिम से आ रही शुष्क और ठंडी हवाएं

  4. रात में साफ आसमान, जिससे तापमान तेजी से गिरता है

इन सभी कारणों ने मिलकर राज्य में ठंड को और अधिक तीव्र बना दिया है।


जनजीवन पर सीधा असर, बदली दिनचर्या

भीषण ठंड का सीधा असर आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ा है। सुबह जल्दी उठने वालों, मजदूरों, स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


स्कूलों और आंगनबाड़ियों पर ठंड का प्रभाव

ठंड का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से हिचकिचा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति भी घट रही है।

हालांकि अभी तक अधिकांश जिलों में स्कूल बंद करने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं आया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कई स्कूलों ने समय में बदलाव किया है।


गरीब और बेघर लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती

कड़ाके की ठंड गरीब, बेसहारा और सड़क पर रहने वाले लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे लोग जिनके पास गर्म कपड़े, कंबल या पक्के मकान नहीं हैं, वे सबसे अधिक जोखिम में हैं।

शहरों में फुटपाथों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के आसपास रात बिताने वाले लोगों की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।


प्रशासन की तैयारियां और राहत कार्य

ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा कई कदम उठाए गए हैं:

हालांकि कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों का मानना है कि अभी और अधिक प्रयासों की जरूरत है। Amar Ujala


स्वास्थ्य पर ठंड का असर, बढ़ रही बीमारियां

इस भीषण ठंड में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। खासकर:

डॉक्टरों की सलाह है कि लोग ठंड से बचाव के पूरे उपाय करें और लापरवाही न बरतें।


ठंड से बचाव के जरूरी उपाय

मौसम की गंभीरता को देखते हुए आम नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है:


खेती और पशुपालन पर भी असर

ठंड का असर कृषि और पशुपालन पर भी देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर पाले की आशंका बढ़ गई है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। पशुओं के लिए भी ठंड चुनौती बन गई है।

किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे फसलों को ठंड से बचाने के उपाय करें और पशुओं के लिए गर्म स्थान की व्यवस्था करें।


आने वाले दिनों में क्या रहेगा मौसम का मिजाज?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक ठंड का प्रकोप बना रह सकता है। हालांकि दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन रातें बेहद ठंडी बनी रहेंगी।


सतर्कता ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय

छत्तीसगढ़ में इस समय ठंड अपने चरम पर है। अंबिकापुर का 3.3 डिग्री तापमान पूरे राज्य के लिए चेतावनी है कि मौसम कितनी तेजी से बदल सकता है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन, समाज और आम नागरिक मिलकर ठंड से निपटने के लिए सतर्क रहें।

जब तक ठंड का यह दौर जारी है, सावधानी और सहयोग ही सबसे बड़ा हथियार है।

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