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आज के दिन की 8 खास बातें द्वादशी तिथि, भौम प्रदोष व्रत और ज्योतिषीय प्रभाव

आज के दिन की 8 खास बातें द्वादशी तिथि, भौम प्रदोष व्रत और ज्योतिषीय प्रभाव

हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण को मिलाकर पंचांग हमारे दैनिक कार्यों, धार्मिक अनुष्ठानों और शुभ-मुहूर्त की जानकारी देने वाला बुनियादी मार्गदर्शक है।

आज का दिन मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि तथा भौम प्रदोष व्रत के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है। मंगलवार के दिन आने वाला प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है, जिसके पालन से जीवन में ऊर्जा, साहस और बाधा-निवारण की प्राप्ति होती है।

आइए आज के दिन से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को विस्तार से समझें—


 मार्गशीर्ष मास: देवताओं के प्रिय महीनों में एक

मार्गशीर्ष हिंदू पंचांग का एक अत्यंत पवित्र महीना माना जाता है। इसे अग्रहायण या मासों का अग्रणी भी कहा जाता है।

इस महीने की विशेषताएँ


 आज की तिथि: शुक्ल पक्ष द्वादशी

द्वादशी तिथि को धर्मशास्त्रों में विशेष पुण्यदायिनी कहा गया है।
यह तिथि भगवान विष्णु की उपासना के लिए शुभ मानी जाती है।

द्वादशी तिथि का फल


 भौम प्रदोष व्रत — आज की विशेष महत्ता

आज मंगलवार होने के कारण यह भौम प्रदोष है।
प्रदोष व्रत हर पक्ष की त्रयोदशी के दिन रखा जाता है, लेकिन जब यह मंगलवार को आए तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है।

भौम प्रदोष क्यों रखा जाता है?

भौम प्रदोष की पूजा-विधि

  1. ब्रह्म मुहूर्त या शाम को स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।

  2. धूप, दीप और गंगा जल से शिवलिंग का अभिषेक करें।

  3. बेलपत्र, जल, दूध, शहद और फल अर्पित करें।

  4. “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें।

  5. संध्या काल में प्रदोषकाल (सूर्यास्त से 1.5 घंटे के भीतर) पूजा करना सर्वोत्तम माना जाता है।

इस व्रत के लाभ


 राहुकाल आज: 3:00 PM से 4:30 PM

राहुकाल हिंदू पंचांग में वह समय होता है, जिसे नए कार्यों की शुरुआत के लिए अशुभ माना गया है।

आज का राहुकाल

दोपहर 3:00 बजे से 4:30 बजे तक

राहुकाल में किन कार्यों से बचें?

राहुकाल का महत्व क्यों माना जाता है?

राहु को छाया ग्रह कहा गया है और ज्योतिष में इसे भ्रम, विलंब और बाधा का कारक माना जाता है।
इस समय महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से परिणामों में अड़चनें आ सकती हैं।


 आज के दिन क्या करें और क्या न करें

क्या करें?

क्या न करें?


 आज के आध्यात्मिक संदेश

आज का दिन आध्यात्मिक साधना, संयम और मन की एकाग्रता के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
भौम प्रदोष जैसे पवित्र अवसर पर भगवान शिव और देवी पार्वती की उपासना जीवन में शांति, शक्ति और संतुलन प्रदान करती है।

द्वादशी की तिथि एवं मार्गशीर्ष मास का संयोग मन और आत्मा को शुद्ध करने वाला होता है।
जो भी भक्त आज पूजा और व्रत का पालन करता है, उसे कई गुना सत्परिणाम प्राप्त होते हैं।

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आज का विस्तृत पंचांग

 तिथि

 दिन का राहुकाल

 चंद्रमा

 सूर्योदय – सूर्यास्त


आज का शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

विजय मुहूर्त

गोधूलि मुहूर्त


आज का अमृतकाल


शुभ योग और करण

योग:

करण:


आज के ग्रहों का असर (संक्षेप में)


आज का राशिफल — सभी 12 राशियाँ


1. मेष (Aries)

ऊर्जा और उत्साह से भरपूर दिन। नए काम शुरू करने से लाभ। जल्दबाज़ी से बचें।

2. वृषभ (Taurus)

परिवार में सामंजस्य बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। सोच-समझकर निर्णय लें।

3. मिथुन (Gemini)

नौकरी में प्रगति के संकेत। किसी पुराने मित्र से मुलाकात संभव। मन प्रसन्न रहेगा।

4. कर्क (Cancer)

परिवार के साथ समय अच्छा गुजरेगा। मान-सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

5. सिंह (Leo)

नए अवसर मिल सकते हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा। विद्यार्थियों के लिए उत्तम समय।

6. कन्या (Virgo)

काम का दबाव रहेगा, परंतु परिणाम अच्छे मिलेंगे। घरेलू कार्यों में व्यस्तता बढ़ेगी।

7. तुला (Libra)

संतुलन बना रहेगा। प्रेम-संबंधों में सकारात्मकता। आर्थिक लाभ के योग।

8. वृश्चिक (Scorpio)

खर्चों पर नियंत्रण रखें। यात्रा संभव। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से लाभ मिलेगा।

9. धनु (Sagittarius)

नई योजनाओं में सफलता। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। परिवार में खुशी का माहौल।

10. मकर (Capricorn)

कामकाज में तेजी आएगी। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। भाग्य का साथ मिलेगा।

11. कुंभ (Aquarius)

मानसिक शांति बनी रहेगी। नए संबंध बनेंगे। नौकरी में पदोन्नति के संकेत।

12. मीन (Pisces)

आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। खर्चों में वृद्धि। परिवार को समय दें।


आज का विशेष संदेश

आज का दिन शांति, ऊर्जा और अध्यात्म—तीनों का सुंदर मिश्रण है।
भौम प्रदोष के कारण भगवान शिव की कृपा पाने का उत्तम मौका है।
“ॐ नमः शिवाय” का जाप मन को शांति और संबल देता है।

आज का दिन आत्मविश्वास, संयम और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। मार्गशीर्ष मास की द्वादशी और भौम प्रदोष का पावन संगम मन और जीवन दोनों को शुद्ध करने का अवसर देता है।

आज आप जो भी शुभ संकल्प लेंगे, वह आने वाले दिनों में सकारात्मक परिणाम लाएगा।
अपने मन को शांत रखें, सरल रहें और दूसरों के प्रति दयालु बनें—यही आज की सबसे बड़ी साधना है।

भगवान शिव की कृपा आज के दिन विशेष रूप से शीघ्र फलदायी मानी जाती है।
ॐ नमः शिवाय” का स्मरण मन की शक्तियों को संतुलित करता है और जीवन की उलझनों को सरल बनाता है।

आज अपने विचारों को पवित्र रखें, कर्मों को सत्कार्य की दिशा में लगाएं और विश्वास रखें कि हर चुनौती के पीछे एक नया अवसर छिपा है।

आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से ऊर्जा और परिवर्तन का सूचक है। ग्रहों की स्थिति विशेष रूप से मानसिक एकाग्रता, साहस और निर्णय-क्षमता पर प्रभाव डाल रही है। मार्गशीर्ष मास की द्वादशी और भौम प्रदोष के कारण आज आध्यात्मिकता और सकारात्मक कर्मों का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

सकारात्मक सोच ही आज की सबसे बड़ी शक्ति है।

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