शादी का झांसा देकर 6 साल तक युवती से दुष्कर्म, केलो विहार से गिरफ्तार होकर सलाखों तक पहुंचा आरोपी

शादी का झांसा देकर 6 साल तक युवती से दुष्कर्म केलो विहार से सलाखों तक पहुंचा आरोपी

समाज में भरोसे और रिश्तों की नींव पर खड़े प्रेम संबंध तब अपराध में बदल जाते हैं, जब किसी की भावनाओं का शोषण किया जाए। शादी का झांसा देकर वर्षों तक शारीरिक शोषण का यह मामला न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी झकझोरने वाला है। केलो विहार क्षेत्र से सामने आया यह प्रकरण बताता है कि कैसे एक युवती की जिंदगी 6 वर्षों तक छल, भय और उम्मीद के बीच झूलती रही, और अंततः न्याय की राह पर पहुंची।

मामला संक्षेप में

पीड़िता और आरोपी की पहचान केलो विहार क्षेत्र में हुई। शुरुआत में दोस्ती, फिर प्रेम और अंततः शादी का वादा—इन्हीं कड़ियों के सहारे आरोपी ने युवती का विश्वास जीता। आरोप है कि आरोपी ने बार-बार शादी का भरोसा दिलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब भी युवती ने विवाह की बात आगे बढ़ाई, तो टालमटोल, बहाने और झूठे आश्वासन मिलते रहे।

 तकनीक और पहचान के नाम पर शुरू हुई एक साधारण सी मुलाकात का अंत रायगढ़ के महिला थाने में हुआ। जिस शख्स ने कभी घर आकर टीवी का सेट-अप बॉक्स लगाया था, उसने एक युवती के जीवन को अपनी झूठी बातों के जाल में इस कदर उलझाया और उसकी अस्मत से खिलवाड़ किया तो मजबूर होकर  पीड़िता को न्याय के लिए कानून का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार घटना की शुरुआत साल 2019 में हुई थी, जब सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के विष्णुपाली का रहने वाला सुरेश सिंह चौहान रायगढ़ में सेट-अप बॉक्स लगाने के काम से एक युवती के घर पहुँचा। काम के बहाने मोबाइल नंबर का आदान-प्रदान हुआ और फिर शुरू हुआ व्हाट्सएप चैटिंग का सिलसिला।

आरोपी ने अपनी बातों से पीड़िता का भरोसा जीता और नवंबर 2019 में पहली बार उसके कमरे में पहुँचकर शादी का प्रस्ताव रखा। युवती के विरोध के बावजूद, आरोपी ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद आरोपी ने ‘शादी’ को एक हथियार बना लिया। वह लगातार शादी का वादा करता रहा और साल 2019 से लेकर अक्टूबर 2025 तक युवती का शारीरिक शोषण करता रहा।

जब भी युवती शादी का दबाव बनाती, सुरेश उसे आश्वासन देकर शांत कर देता। लेकिन हाल ही में जब उसने शादी से साफ इनकार कर दिया, तब युवती को एहसास हुआ कि वह पिछले 6 सालों से एक धोखे में जी रही थी। 10 जनवरी 2026 को पीड़िता ने साहस जुटाकर महिला थाने में अपनी आपबीती सुनाई।

थाना प्रभारी दीपिका निर्मलकर के नेतृत्व में पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। नई कानून व्यवस्था के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 (शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाना) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। 34 वर्षीय आरोपी सुरेश सिंह चौहान को केलो विहार कॉलोनी से हिरासत में लिया गया, जहाँ उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। मेडिकल परीक्षण के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।

इस सफल कार्रवाई में एएसआई सरस्वती महापात्रे और प्रधान आरक्षक संदीप भगत की अहम भूमिका रही। पुलिस प्रशासन ने शहर की महिलाओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के शोषण या ‘हनी ट्रैप’ जैसे मामलों में खामोश न रहें। आरोपी कितना भी रसूखदार क्यों न हो, पुलिस हर कदम पर कानूनी सहायता और सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

6 साल तक चला शोषण

पीड़िता के अनुसार, यह सिलसिला लगभग 6 वर्षों तक चलता रहा। इस दौरान आरोपी ने न केवल भावनात्मक दबाव बनाया, बल्कि सामाजिक बदनामी और भविष्य के डर का इस्तेमाल कर युवती को चुप रखा। कई बार आरोपी ने यह भी कहा कि परिस्थितियां अनुकूल नहीं हैं, परिवार नहीं मान रहा, या नौकरी/आर्थिक स्थिति सुधरने के बाद शादी करेगा।

टूटता भरोसा और बढ़ता साहस

समय के साथ जब आरोपी के वादे खोखले साबित होने लगे और शादी की कोई ठोस पहल नहीं हुई, तब युवती को ठगा हुआ महसूस हुआ। मानसिक प्रताड़ना, असुरक्षा और समाज के डर के बावजूद उसने साहस जुटाया और परिजनों को सच्चाई बताई। परिजनों के समर्थन से उसने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस जांच और कार्रवाई

शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। पीड़िता के बयान दर्ज किए गए, मेडिकल जांच कराई गई और डिजिटल साक्ष्यों सहित अन्य सबूत एकत्र किए गए। प्रारंभिक जांच में शादी का झांसा, लगातार शारीरिक शोषण और विश्वासघात के आरोप पुष्ट पाए गए। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

सलाखों तक पहुंचा आरोपी

पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस तरह केलो विहार से शुरू हुई यह कहानी सलाखों तक पहुंची, जहां कानून ने अपना काम किया।

कानूनी पहलू

भारतीय कानून में शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाना अपराध की श्रेणी में आता है, यदि यह साबित हो कि सहमति धोखे से प्राप्त की गई थी। ऐसे मामलों में संबंधित धाराओं के तहत सख्त सजा का प्रावधान है। अदालतें यह भी देखती हैं कि वादे की नीयत क्या थी—क्या शुरुआत से ही शादी का इरादा नहीं था।Amar Ujala+1

पीड़िता की मानसिक और सामाजिक पीड़ा

ऐसे मामलों में पीड़िता को केवल शारीरिक नहीं, बल्कि गहरी मानसिक और सामाजिक पीड़ा झेलनी पड़ती है। विश्वासघात से उपजा अवसाद, समाज का डर, भविष्य की चिंता—ये सब उसे भीतर से तोड़ देते हैं। परिवार और समाज का सहयोग यहां निर्णायक भूमिका निभाता है।

समाज के लिए संदेश

यह मामला समाज के लिए चेतावनी है कि रिश्तों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी कितनी जरूरी है। शादी जैसे पवित्र वादे का दुरुपयोग कर किसी की जिंदगी से खेलना गंभीर अपराध है। युवाओं को भावनाओं के साथ-साथ विवेक से भी निर्णय लेने की जरूरत है।

पुलिस और प्रशासन की भूमिका

पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता ने पीड़िता को न्याय की राह दिखाई। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई, गोपनीयता और पीड़िता का सम्मान बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। प्रशासन को भी जागरूकता अभियानों के जरिए लोगों को कानूनी अधिकारों की जानकारी देनी चाहिए।

शादी का झांसा देकर 6 साल तक दुष्कर्म का यह मामला न केवल एक अपराध की कहानी है, बल्कि भरोसे के टूटने और न्याय की जीत का भी प्रतीक है। केलो विहार से सलाखों तक पहुंचा आरोपी इस बात की मिसाल है कि देर से ही सही, कानून का शिकंजा कसता जरूर है। समाज, परिवार और कानून—तीनों के साझा प्रयास से ही ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।

Next-

AQN-5LnfCx9Hs9EzvZPexSGwoidK-11aG4RPOlyqOjmhGoYZdvpogguKa5t59BrTTZXMIiGgT7f0oKQqa7PdcO2x00Lwm7VskaEhwGdcVuB4DhETfaaafAg22IcU74iw

“ रायगढ़ में अधिकारी पर रिश्वत लेने का आरोप 2025 – भ्रष्टाचार का बड़ा मामला”

Leave a Comment