डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में 7 बड़ी पहलें – अदाणी फाउंडेशन द्वारा मिलुपारा और कुंजेमुरा में नि:शुल्क कंप्यूटर एवं एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

डिजिटल युग में शिक्षा और तकनीकी दक्षता किसी भी समाज के समग्र विकास की आधारशिला बन चुकी है। आज जब दुनिया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा और ऑटोमेशन की ओर बढ़ रही है, तब ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों को इस बदलाव से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी सोच को साकार करते हुए अदाणी फाउंडेशन ने मिलुपारा और कुंजेमुरा जैसे ग्रामीण इलाकों में नि:शुल्क कंप्यूटर एवं एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। यह पहल केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं, महिलाओं और विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।
अदाणी फाउंडेशन ने स्थानीय महिलाओं और युवतियों को तकनीकी शिक्षा से सशक्त बनाने के उद्देश्य से ग्राम मिलुपारा और कुंजेमुरा में नि:शुल्क कंप्यूटर एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल दुनिया से जोड़ना और उन्हें रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार करना है।CG Sandesh
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी, टाइपिंग कौशल, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के मूल तत्व, इंटरनेट और ईमेल का उपयोग तथा डिजिटल सुरक्षा के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रयोग और महत्व पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर सभी प्रतिभागियों को कंप्यूटर और एआई दोनों के प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। इस पहल से कुल 50 महिलाएँ और युवतियाँ लाभान्वित होंगी, जिससे वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होंगी।
मिलुपारा में कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री उद्धव भगत (सरपंच, ग्राम पंचायत मिलुपारा) द्वारा किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्री सीताराम चौधरी (उपसरपंच), श्री दिलीप नायक, श्री प्रेम शंकर पटेल, श्री ओथराम सिदार तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अदाणी समूह से श्री विवेक रायकर (जीपी साइट हेड) और श्री राघवेन्द्र शर्मा (संदक प्रमुख) ने कार्यक्रम में भाग लिया।
कुंजेमुरा में कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमति यज्ञसेनी उमेश सिदार (जनपद सदस्य) एवं कार्यक्रम अध्यक्ष श्रीमति संजुक्ता ललित खेश (सरपंच, ग्राम पंचायत कुंजेमुरा) द्वारा किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्री उमेश सिंह सिदार, श्रीमति रत्ना निषाद, श्रीमति सुमन निषाद, श्रीमति रामवती सहिस तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अदाणी फाउंडेशन से श्री मनीष शुक्ला (सीएसआर प्रमुख) एवं पूरी सीएसआर टीम ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
अदाणी फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह पहल महिलाओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने और उन्हें रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। तकनीकी जागरूकता बढ़ने से स्थानीय समुदाय में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।Public
डिजिटल सशक्तिकरण का महत्व

आज के दौर में डिजिटल साक्षरता किसी विकल्प की तरह नहीं, बल्कि एक अनिवार्यता बन चुकी है। ऑनलाइन सेवाएं, सरकारी योजनाएं, बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य—लगभग हर क्षेत्र डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निर्भर हो गया है। ऐसे में जिन क्षेत्रों में तकनीकी संसाधनों और प्रशिक्षण का अभाव है, वहां के लोग विकास की मुख्यधारा से पीछे छूट जाते हैं।
मिलुपारा और कुंजेमुरा जैसे गांवों में यह कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। अदाणी फाउंडेशन की इस पहल ने इस अंतर को पाटने का कार्य किया है।
अदाणी फाउंडेशन की सोच और उद्देश्य
अदाणी फाउंडेशन देशभर में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। फाउंडेशन का मानना है कि ज्ञान और कौशल ही किसी व्यक्ति को स्थायी रूप से सशक्त बनाते हैं।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य है:
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ग्रामीण युवाओं को कंप्यूटर और एआई जैसी आधुनिक तकनीकों से परिचित कराना
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रोजगार योग्य कौशल विकसित करना
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डिजिटल असमानता को कम करना
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महिलाओं और छात्रों को आत्मनिर्भर बनाना
मिलुपारा और कुंजेमुरा: क्यों चुने गए ये क्षेत्र?
मिलुपारा और कुंजेमुरा ऐसे क्षेत्र हैं जहां प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों और मार्गदर्शन का अभाव रहा है। यहां के युवा पढ़ाई के बाद रोजगार के सीमित अवसरों के कारण शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर होते हैं।
अदाणी फाउंडेशन ने स्थानीय जरूरतों का अध्ययन कर यह समझा कि यदि गांव में ही आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, तो युवा यहीं रहकर आगे बढ़ सकते हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं

यह नि:शुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम कई स्तरों पर संचालित किया जा रहा है:
1. कंप्यूटर साक्षरता
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कंप्यूटर का मूल परिचय
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कीबोर्ड, माउस और ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग
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वर्ड प्रोसेसिंग, स्प्रेडशीट और प्रेजेंटेशन
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इंटरनेट और ईमेल का सुरक्षित उपयोग
2. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का परिचय
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एआई क्या है और कैसे काम करता है
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दैनिक जीवन में एआई के उदाहरण
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मशीन लर्निंग और डेटा की बुनियादी समझ
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भविष्य के करियर में एआई की भूमिका
3. व्यावहारिक प्रशिक्षण
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प्रोजेक्ट आधारित सीख
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रियल-लाइफ केस स्टडी
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टीमवर्क और समस्या समाधान कौशल
महिलाओं के लिए विशेष अवसर
इस कार्यक्रम की एक बड़ी खासियत यह है कि इसमें महिलाओं की भागीदारी को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर महिलाएं तकनीकी शिक्षा से वंचित रह जाती हैं।
यहां उन्हें:
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लचीले समय में प्रशिक्षण
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सुरक्षित और सहयोगी वातावरण
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डिजिटल कौशल के माध्यम से घर से काम करने के अवसर
जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।
युवाओं के लिए रोजगार और भविष्य के अवसर
कंप्यूटर और एआई का ज्ञान आज लगभग हर क्षेत्र में उपयोगी है—चाहे वह शिक्षा हो, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार या स्टार्टअप।
इस प्रशिक्षण के बाद युवाओं को:
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डेटा एंट्री और आईटी सपोर्ट जैसी नौकरियों के अवसर
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ऑनलाइन फ्रीलांसिंग का रास्ता
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आगे की तकनीकी पढ़ाई के लिए मजबूत आधार
मिल सकता है।
प्रशिक्षकों की भूमिका
कार्यक्रम में अनुभवी और प्रशिक्षित फैकल्टी को शामिल किया गया है, जो स्थानीय भाषा और सरल उदाहरणों के माध्यम से जटिल विषयों को समझाते हैं। इससे छात्रों को सीखने में आसानी होती है और डर खत्म होता है।
सामुदायिक सहयोग और भागीदारी
इस पहल को सफल बनाने में स्थानीय समुदाय की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। गांव के बुजुर्ग, अभिभावक और सामाजिक कार्यकर्ता इस कार्यक्रम को अपनाकर युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं। इससे एक सकारात्मक माहौल बन रहा है।
डिजिटल इंडिया के सपने को मजबूती
भारत सरकार के “डिजिटल इंडिया” विजन को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए ऐसी पहलें बेहद जरूरी हैं। जब गांव-गांव में डिजिटल साक्षरता पहुंचेगी, तभी देश वास्तविक अर्थों में डिजिटल रूप से सशक्त बनेगा।
अदाणी फाउंडेशन का यह कदम इस राष्ट्रीय लक्ष्य को मजबूती प्रदान करता है।
प्रतिभागियों की प्रतिक्रियाएं
प्रशिक्षण में शामिल युवाओं और महिलाओं का कहना है कि:
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पहले कंप्यूटर से डर लगता था, अब आत्मविश्वास बढ़ा है
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एआई के बारे में जानकर भविष्य के नए सपने जगे हैं
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अब ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग स्वयं कर पा रहे हैं
भविष्य की योजनाएं
अदाणी फाउंडेशन की योजना है कि:
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प्रशिक्षण की अवधि और बैचों की संख्या बढ़ाई जाए
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उन्नत एआई और डिजिटल मार्केटिंग जैसे कोर्स जोड़े जाएं
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सफल प्रतिभागियों को आगे के अवसरों से जोड़ा जाए
मिलुपारा और कुंजेमुरा में नि:शुल्क कंप्यूटर एवं एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल एक शैक्षणिक पहल नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को न केवल तकनीकी रूप से सक्षम बना रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी भी बना रहा है।
डिजिटल सशक्तिकरण के इस प्रयास से आने वाले वर्षों में इन गांवों की पहचान बदलेगी और यहां के लोग भी देश के विकास में सक्रिय भागीदार बनेंगे।
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