18 दिसंबर 2025 आजाद हिंद एक्सप्रेस की जनरल बोगी में आग लगने से यात्रियों में हड़कंप पूरी जानकारी

भारतीय रेल देश की सबसे बड़ी परिवहन प्रणाली है, जो लाखों यात्रियों को प्रतिदिन जोड़ती है। इस प्रणाली में कई सुपरफास्ट और मेल ट्रेनें हैं, जिनमें से आजाद हिंद एक्सप्रेस भी एक महत्वपूर्ण ट्रेन है। यह ट्रेन पुणे से हावड़ा तक चलती है और कई राज्यों से होकर गुजरती है।
हालांकि 18 दिसंबर 2025 की रात इस ट्रेन में एक अप्रत्याशित घटना हुई जिसने यात्रियों में डर और हड़कंप फैला दिया।रायगढ़ स्टेशन से पहले पुणे–हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस (12129) के एक जनरल कोच में बुधवार रात आठ बजे आग लगने की घटना सामने आई। घटना भूपदेवपुर-किरोड़ीमल नगर सेक्शन में हुई। तीसरे जनरल कोच से धुआं निकलता देख यात्री दहशत में आ गए।
घटना का विवरण
रात लगभग 8 बजे, आजाद हिंद एक्सप्रेस की तीसरी जनरल बोगी में अचानक आग लग गई। यह घटना रायगढ़ स्टेशन के पास हुई। यात्रियों ने धुआं और आग की लपटें देखीं, जिससे कोच में अफरा-तफरी मच गई।
यात्रियों ने तुरंत आपात चेन पुलिंग की और ट्रेन रोकी गई। कई यात्री भयभीत होकर कोच से बाहर निकल आए। अन्य यात्री अपने सामान लेने में जुट गए, जबकि कुछ यात्रियों को समझ नहीं आया कि क्या करें। इस घटना से यात्रियों में बड़ी चिंता और डर का माहौल बन गया।
आजाद हिंद एक्सप्रेस की जनरल बोगी में अचानक आग लगने से यात्रियों में हड़कंप मच गई। वहीं ट्रेन को भूपदेवपुर व किरोड़ीमल नगर के बीच खड़े कर आग बुझाया गया। वहीं रायगढ़ स्टेशन में रेल अधिकारियों ने बोगी की सघनता से जांच करने के बाद ट्रेन को रवाना कर दिया गया। आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। वहीं समय रहते आग पर काबू पा लिया गया अन्यथा किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता था।
मिली जानकारी के मुताबिक मुंबई से हावड़ा जाने वाली आजाद हिंद एक्सप्रेस बुधवार को विलंब से चल रही थी। वहीं ट्रेन जैसे ही भूपदेवपुर स्टेशन पार करी तभी अचानक जनरल बोगी में आग लगने से यात्रियों के बीच हड़कंप मच गई।वहीं मामले की सूचना ट्रेन के टीटीई व गार्ड को दिये जाने पर भूपदेवपुर व किरोड़ीमल नगर के बीच ट्रेन रोकी गई तथा नजदीकी स्टेशन में सूचना दी गई जिससे रेल्वे की टीम तत्काल मौके पर पंहुची और आग पर काबू पाया गया।
आग लगने की वजह से तकरीबन आधे घंटा ट्रेन खड़ी रही। वहीं आग पर काबू पाने के बाद रायगढ़ के लिए रवाना किया गया। रायगढ़ रेल्वे स्टेशन में आरपीएफ एवं जीआरपी के अधिकारियों सहित अन्य अधिकारियों ने बोगी का बारिकी से मुआयना किया और गंतव्य की ओर ट्रेन को रवाना किया गया। जांच में इस आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। हालांकि ज्यादा आग नहीं लगी थी और समय रहते आग पर काबू पा लिया गया अन्यथा कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

आग लगने के कारण
प्रारंभिक जांच में ये बात सामने आई
इधर घटना के बाद ट्रेन में मौजूद एसी मैकेनिक, गार्ड एवं लोको पायलट ने अग्निशामक यंत्रों की सहायता से आग पर काबू पाया। प्रारंभिक जांच में कोच के भीतर कागज में आग लगी पाई गई। किसी प्रकार का विद्युत शार्ट सर्किट नहीं पाया गया। स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद ट्रेन को रात 8:23 बजे मौके से रवाना किया गया।
बीड़ी या सिगरेट से आग लगने की आशंका
जांच के दौरान आशंका जताई गई है कि किसी यात्री द्वारा बीड़ी या सिगरेट जलता फेंकने से कागज में आग लगी होगी, जिससे धुआं फैल गया। इस दौरान पूछताछ की गई। लेकिन, कार्रवाई के डर से कोई भी सामने नहीं आया।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि आग कोच के अंदर किसी जलते हुए कागज़ या वस्तु से लगी।
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बिजली के तारों या शॉर्ट सर्किट की वजह से आग नहीं लगी थी।
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प्राथमिक जांच से संकेत मिले कि कोई यात्री गलती से जलती हुई बीड़ी या सिगरेट फेंक सकता है।
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रेलवे प्रशासन ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। Nai Dunia
रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया
रेलवे कर्मचारियों और गार्ड ने यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। कोच में उपलब्ध अग्निशामक यंत्रों की मदद से आग को जल्द बुझा दिया गया।
रेलवे नियंत्रण कक्ष और नजदीकी स्टेशन को तुरंत सूचना दी गई। कर्मचारियों की त्वरित प्रतिक्रिया के कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
आग की सूचना टीटीई द्वारा दी गई
पोल संख्या 599/21 के पास हुई इस घटना की सूचना सबसे पहले ट्रेन में तैनात टीटीई चंचल कुमार द्वारा दी गई। कंट्रोल रूम को जानकारी मिली कि इंजन से तीसरे जनरल कोच में तेज धुआं उठ रहा है। उसमें आग लगी है। चेन पुलिंग करने के बाद कोच में सवार सभी यात्री नीचे उतर गए हैं। घटना के दौरान यात्रियों द्वारा एसीपी किए जाने के बाद ट्रेन को शाम 7:41 बजे नियंत्रित किया गया।
यात्रियों का नुकसान और राहत
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इस घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ।
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ट्रेन के अन्य कोच या इंजन को कोई नुकसान नहीं पहुँचा।
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ट्रेन लगभग 40-50 मिनट के विलंब के बाद आगे रवाना की गई।
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सभी यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुँचाया गया।
आजाद हिंद एक्सप्रेस का महत्व

आजाद हिंद एक्सप्रेस एक सुपरफास्ट ट्रेन है, जो महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर गुजरती है।
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यह ट्रेन पुणे से हावड़ा के बीच प्रतिदिन चलती है।
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कुल दूरी लगभग 2014 किलोमीटर है।
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ट्रेन में AC, Sleeper और General कोच उपलब्ध हैं।
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यह ट्रेन नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व वाले आज़ाद हिन्द फौज के सम्मान में नामित है।
सुरक्षा और सीख
इस घटना से स्पष्ट हुआ कि रेल सुरक्षा में यात्रियों की जागरूकता और प्रशासन की तत्परता दोनों महत्वपूर्ण हैं।
रायगढ़ स्टेशन पर कोच की जांच
घटना स्थल से ट्रेन के रवाना होने के बाद ट्रेन जब रायगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंची, तो वहां एसएसई एवं विद्युत स्टॉफ द्वारा कोच की संयुक्त जांच की गई। जांच में किसी प्रकार खतरे की स्थिति नहीं पाई गई। सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद ट्रेन को रात नौ बजे गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
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यात्री सावधान रहें और यात्रा में जलती वस्तुएँ न फेंके।
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ट्रेन में सभी कोचों में फायर एक्सटिंग्विशर और स्मोक डिटेक्टर होना चाहिए।
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यात्रियों को चेन पुलिंग और आपात स्थिति के बारे में जानकारी होनी चाहिए।
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रेलवे कर्मचारियों को अग्निशमन और आपात स्थिति प्रबंधन में प्रशिक्षण देना चाहिए।
रेलवे सुधार योजनाएँ
रेलवे प्रशासन नई LHB कोचों में बदलाव कर रहा है, जिनमें अधिक सुरक्षा और अग्नि प्रतिरोधक क्षमता होती है। इस से भविष्य में आग जैसी घटनाओं का प्रभाव कम होगा और यात्रियों की सुरक्षा बेहतर होगी।
1. कोच और तकनीकी सुधार
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LHB कोच का विस्तार: पुराने ICF कोचों की तुलना में LHB कोचों में अधिक सुरक्षा और अग्नि प्रतिरोधक क्षमता होती है। रेलवे ने कई सुपरफास्ट और मेल ट्रेनों में LHB कोच लगाने की योजना बनाई है।
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स्मोक डिटेक्टर और फायर अलार्म: हर कोच में फायर अलार्म और स्मोक डिटेक्टर लगाना ताकि आग लगते ही तुरंत सूचना मिल सके।
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बिजली और वायरिंग सुधार: कोचों में शॉर्ट सर्किट रोकने के लिए बेहतर वायरिंग और नियमित तकनीकी जांच की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
2. आपात प्रतिक्रिया और कर्मचारी प्रशिक्षण
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अग्निशमन उपकरण: सभी कोचों में अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher) और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
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कर्मचारियों का प्रशिक्षण: लोको पायलट, गार्ड और टीटीई को नियमित अग्नि और आपात प्रबंधन का प्रशिक्षण देना।
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आपात रोक और चेन पुलिंग: यात्रियों को चेन पुलिंग और आपात स्थिति में सही प्रतिक्रिया देने के लिए जागरूक करना।
3. यात्री जागरूकता और नियम
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सुरक्षा नियमों का पालन: यात्रियों को आग लगने वाली वस्तुएँ (जैसे बीड़ी, सिगरेट या अन्य ज्वलनशील सामग्री) को कोच में इस्तेमाल न करने की जानकारी देना।
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सुरक्षा संकेत और सूचना: कोच में स्पष्ट संकेत और निर्देश पटल लगाना कि आग लगने पर क्या करना चाहिए।
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यात्री सुरक्षा अभियान: रेलवे समय-समय पर यात्रियों के लिए सुरक्षा और जागरूकता अभियान चलाता है, ताकि आपात स्थिति में सही निर्णय लिया जा सके।
4. भविष्य की रणनीति
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नए कोच डिज़ाइन: भविष्य में कोचों को और अधिक अग्नि-प्रतिरोधक, धुआं निकालने योग्य और आपात निकासी सुगम बनाने की योजना।
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स्मार्ट ट्रेन तकनीक: IoT और सेंसर तकनीक का उपयोग कर आग, धुआं या अन्य आपात स्थितियों का तुरंत पता लगाना।
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संपूर्ण सुरक्षा नीति: रेलवे ने एक व्यापक सुरक्षा नीति बनाई है, जिसमें तकनीकी सुधार, कर्मचारी प्रशिक्षण और यात्री जागरूकता सभी शामिल हैं।
यात्रियों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद यात्रियों ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ दीं।
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कई यात्रियों ने कर्मचारियों की तत्परता की प्रशंसा की।
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कुछ यात्रियों ने रेलवे से अनुरोध किया कि जनरल कोचों में अधिक सुरक्षा उपकरण लगाए जाएँ।
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घटना ने यात्रियों में सुरक्षा और जागरूकता का संदेश फैलाया।
आजाद हिंद एक्सप्रेस की जनरल बोगी में आग की घटना एक चेतावनी है कि रेल यात्रा सुरक्षित होने के बावजूद सतर्कता आवश्यक है।
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यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों का सहयोग जरूरी है।
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सुरक्षा उपकरणों में सुधार आवश्यक है।
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जागरूकता और प्रशिक्षण से भविष्य में हादसों को रोका जा सकता है।
रेल यात्रा में सुरक्षा और आपात प्रबंधन को प्राथमिकता देकर यात्रियों को सुरक्षित और भरोसेमंद सफर प्रदान किया जा सकता है।
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