रेत के अवैध परिवहन पर सख्त कार्रवाई 9 ट्रैक्टर जब्त, वाहन मालिकों पर दर्ज हुआ प्रकरण

छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन और परिवहन लंबे समय से प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। नदियों से अवैध रूप से रेत निकालकर बिना अनुमति परिवहन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि शासन को राजस्व हानि भी होती है। इसी कड़ी में कलेक्टर के सख्त निर्देश पर खनिज विभाग छत्तीसगढ़ और जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए रेत के अवैध परिवहन में लगे 9 ट्रैक्टरों को जब्त किया गया है। इस कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है और स्पष्ट संदेश गया है कि अवैध गतिविधियों पर अब किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
जिले में खनिज के अवैध उत्खनन और परिवहन के विरुद्ध प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खनिज अमले ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे 09 ट्रैक्टरों को जब्त किया गया है। जिला खनिज अधिकारी श्री रमाकांत सोनी ने बताया कि खनिज निरीक्षक श्री सोमेश्वर सिन्हा एवं जांच दल द्वारा सतत निगरानी के दौरान यह कार्रवाई की गई।
जांच में पाया गया कि संबंधित वाहन बिना किसी वैध अनुमति के रेत का परिवहन कर रहे थे। मौके पर ही वाहनों का विधिवत जांच के बाद संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध खनिज अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। सभी मामलों में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के प्रावधानों तथा खान एवं खनिज अधिनियम 1957 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाइयाँ लगातार जारी रहेंगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
इनके विरूद्ध की गई कार्रवाई
जिन वाहन मालिकों के ऊपर कार्रवाई की गई है, इनमें जोरापाली के भानुकुमार चौहान, वाहन क्रमांक सीजी 13 बीई 9014, बाल्मिकी प्रजापति वाहन न्यू हालैण्ड सोल्ड, कुरमापाली के नूतन साहू वाहन स्वराज सोल्ड, गोपालपुर के प्रेम उरांव वाहन महिन्द्रा सोल्ड, पतरापाली के समीर पटेल वाहन क्रमांक सीजी 13 एडब्ल्यू 2563, बाबाधाम रायगढ़ के तिरथलाल यादव वाहन क्रमांक सीजी 13 एव्ही 3634, रायगढ़ के प्यारेलाल साहू वाहन क्रमांक सीजी 13 यूएच 2738, धनागर के उत्तम सारथी वाहन क्रमांक सीजी 13 एएस 4893 एवं हण्डी चौक रायगढ़ के गणेश अग्रवाल वाहन क्रमांक महिन्द्रा सोल्ड शामिल है।

कलेक्टर के निर्देश पर चला सघन अभियान
जिले में अवैध खनन और परिवहन की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कलेक्टर ने खनिज विभाग को सख्त निर्देश दिए थे कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाए। निर्देशों के अनुपालन में खनिज विभाग की टीम ने पुलिस और राजस्व अमले के सहयोग से विभिन्न संभावित मार्गों और नदी घाटों पर निगरानी बढ़ाई। इसी दौरान अलग-अलग स्थानों पर बिना वैध परमिट रेत ले जाते हुए 9 ट्रैक्टर पकड़े गए।Amar Ujala
कैसे पकड़े गए अवैध रेत परिवहन में लगे ट्रैक्टर
सूत्रों के अनुसार, खनिज विभाग की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ वाहन रात और तड़के अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे हैं। टीम ने रणनीति बनाकर चेकिंग प्वाइंट लगाए और संदिग्ध वाहनों को रोका। जांच के दौरान ट्रैक्टर चालकों से रॉयल्टी रसीद, परिवहन पास और खनन अनुमति से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद सभी 9 ट्रैक्टरों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया।
वाहन मालिकों पर दर्ज हुआ प्रकरण
जब्त किए गए ट्रैक्टरों के वाहन मालिकों और चालकों के खिलाफ खनिज अधिनियम और मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आगे की जांच में यदि यह पाया जाता है कि किसी बड़े नेटवर्क या माफिया गिरोह का हाथ है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ और भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किन धाराओं में हुई कार्रवाई
अवैध रेत परिवहन के मामलों में आमतौर पर निम्नलिखित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है:
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खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के अंतर्गत अवैध खनन/परिवहन
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छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम
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मोटर वाहन अधिनियम के तहत बिना वैध दस्तावेज वाहन संचालन
इन प्रावधानों के तहत न केवल जुर्माना लगाया जाता है, बल्कि वाहन जब्ती और जेल तक का प्रावधान भी है।
प्रशासन की सख्ती से मचा हड़कंप
लगातार हो रही कार्रवाई से रेत के अवैध कारोबार में लगे लोगों में हड़कंप मच गया है। कई जगहों पर रेत घाटों पर गतिविधियां ठप पड़ गई हैं। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान एक-दो दिन का नहीं, बल्कि लगातार चलने वाला है। आने वाले दिनों में और भी सघन जांच अभियान चलाए जाएंगे।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम
अवैध रेत खनन का सीधा असर नदियों के अस्तित्व पर पड़ता है। इससे:
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नदी की धारा प्रभावित होती है
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जलस्तर गिरता है
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तटों का कटाव बढ़ता है
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आसपास के गांवों और खेती को नुकसान होता है
प्रशासन का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित होगा।

स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की सराहना
जिले के कई ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से अवैध रेत परिवहन के कारण सड़कें खराब हो रही थीं और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। ट्रैक्टर और भारी वाहन दिन-रात तेज रफ्तार से चलते थे। 9 ट्रैक्टरों की जब्ती के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना की है।
रेत माफियाओं पर शिकंजा और कड़ा होगा
खनिज विभाग के अधिकारियों ने साफ कहा है कि:
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बिना अनुमति खनन करने वालों पर शून्य सहनशीलता नीति अपनाई जाएगी
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अवैध परिवहन में लिप्त वाहनों को सीधे जब्त किया जाएगा
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बार-बार पकड़े जाने पर वाहन नीलामी तक की कार्रवाई हो सकती है
इसके साथ ही प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध रेत खनन या परिवहन की जानकारी मिले, तो तुरंत प्रशासन या खनिज विभाग को सूचित करें।
राजस्व की हानि रोकने की दिशा में प्रयास
अवैध रेत परिवहन से शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान होता है। वैध रॉयल्टी और कर नहीं चुकाने से सरकारी योजनाओं पर भी असर पड़ता है। इस कार्रवाई के जरिए प्रशासन ने यह संकेत दिया है कि राजस्व चोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आगे क्या?
प्रशासन की योजना है कि:
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संवेदनशील रेत घाटों पर ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी बढ़ाई जाए
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रात में गश्त और चेकिंग को और सख्त किया जाए
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पंचायत स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया जाए
इन उपायों से अवैध रेत कारोबार पर लगाम कसने में मदद मिलेगी।
रेत के अवैध परिवहन में लगे 9 ट्रैक्टरों की जब्ती यह साबित करती है कि प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग की यह कार्रवाई न केवल कानून तोड़ने वालों के लिए चेतावनी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और शासन के राजस्व हित में भी एक मजबूत कदम है। यदि इसी तरह निरंतर और निष्पक्ष कार्रवाई जारी रही, तो निश्चित रूप से जिले में अवैध रेत खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
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