छत्तीसगढ़ में बढ़ी SIR की डेडलाइन 5 स्टेप में मतदाता सूची अपडेट का आखिरी मौका 18 दिसंबर तक
छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए चल रही SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर बड़ी खबर आई है। अब मतदाता अपने फॉर्म 18 दिसंबर तक भरकर जमा कर सकते हैं। यह कदम इस बात को सुनिश्चित करता है कि सभी योग्य मतदाता समय रहते अपनी जानकारी अपडेट कर सकें और भविष्य में होने वाले चुनावों में हिस्सा ले सकें।

SIR का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को सही, पारदर्शी और अद्यतित बनाना है। इसमें नए वोटर शामिल करना, पुराने या गलत जानकारी वाले मतदाता हटाना और आवश्यक सुधार करना शामिल है।
छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची को और अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की समय सीमा बढ़ा दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यवासियों को राहत देते हुए फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 18 दिसंबर 2025 तय की है। प्रदेश के BLO इन दिनों घर–घर पहुंचकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र दे रहे हैं, लेकिन अब भी हजारों फॉर्म आयोग तक नहीं पहुंच पाए हैं।
निर्वाचन आयोग का कहना है कि जिन लोगों ने अभी तक फॉर्म वापस नहीं किया है, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। इसलिए मतदाताओं से अपील है कि समय सीमा बढ़ने के बाद भी लापरवाही न करें और जल्द से जल्द अपनी जानकारी जमा कर दें।संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 4 नवंबर से शुरू हुआ गणना चरण अब 18 दिसंबर तक चलेगा। इसके बाद मतदान केंद्रों के पुनर्व्यवस्थापन और युक्तियुक्तकरण का कार्य भी इसी तारीख तक पूरा किया जाएगा।
19 से 22 दिसंबर तक कंट्रोल टेबल का अपडेट और ड्राफ्ट मतदाता सूची की तैयारी की जाएगी, जिसका प्रकाशन 23 दिसंबर को होगा। ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद 22 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी, जबकि सुनवाई, नोटिस और सत्यापन का चरण 14 फरवरी 2026 तक चलेगा। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा।
प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में BLO और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों की संयुक्त बैठकें लगातार आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में अनुपस्थित, मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित, दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के साथ–साथ ऐसे नामों की भी विशेष जांच हो रही है, जिनके गणना फॉर्म अभी तक वापस नहीं आए हैं। राजनीतिक दलों के BLA को भी इन सूचीबद्ध नामों की जानकारी साझा की जा रही है ताकि प्रत्येक मतदान केंद्र की मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन किया जा सके।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया है कि वे अपने बूथ एजेंटों के माध्यम से BLO के साथ होने वाली बैठकों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता की जानकारी में त्रुटि, गलत प्रविष्टि या अधूरी जानकारी पाई जाती है, तो उसे 18 दिसंबर तक BLO को सूचित करना जरूरी है। जितनी अधिक जानकारी समय पर उपलब्ध होगी, सूची उतनी ही सटीक होगी।
इसी बीच, देश के अन्य राज्यों में भी पुनरीक्षण कार्यक्रम की तिथियां सामने आई हैं। तमिलनाडु और गुजरात में फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 14 दिसंबर है और ड्राफ्ट सूची 19 दिसंबर को प्रकाशित होगी। मध्यप्रदेश और अंडमान–निकोबार में अंतिम तिथि 18 दिसंबर है और ड्राफ्ट सूची 23 दिसंबर को जारी होगी। वहीं उत्तरप्रदेश में यह अवधि 26 दिसंबर तक बढ़ाई गई है और वहां ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में जारी इस प्रक्रिया का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि नए मतदाता, स्थानांतरित लोग और पुराने रिकॉर्ड से हटाए जाने योग्य नाम सभी सही तरीके से सूची में अपडेट हों। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह समय सीमा बढ़ाना अंतिम अवसर जैसा है। इसलिए मतदाता अपने फॉर्म समय पर भरकर मतदान अधिकार को सुरक्षित रखने में सहयोग करें।
SIR क्या है और क्यों जरूरी है?
SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) एक ऐसी प्रक्रिया है जो चुनाव आयोग द्वारा संचालित की जाती है। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि मतदाता सूची में सभी योग्य मतदाता शामिल हों और किसी तरह की त्रुटि न हो।
SIR की प्रमुख गतिविधियाँ हैं:
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नई वोटरों को सूची में जोड़ना: 18 साल या उससे अधिक उम्र के नए मतदाता अपने नाम को सूची में दर्ज करवा सकते हैं।
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गलत जानकारी का सुधार: नाम, पता, जन्मतिथि और अन्य विवरण सही किया जा सकता है।
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डुप्लीकेट या मृत मतदाता हटाना: इससे मतदाता सूची की विश्वसनीयता बढ़ती है।
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स्थानांतरण की जानकारी अपडेट करना: यदि कोई मतदाता किसी अन्य स्थान पर चला गया है, तो उसकी नई जानकारी सूची में दर्ज की जाती है।
इस प्रक्रिया से सुनिश्चित होता है कि आगामी चुनावों में सभी योग्य मतदाता मतदान में भाग ले सकें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।

छत्तीसगढ़ में SIR की डेडलाइन में बदलाव
पहले SIR फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर तय थी। लेकिन कई जगहों पर मतदाता तक फॉर्म समय पर नहीं पहुंच पाए और लोगों को भरने का पर्याप्त समय नहीं मिला। इसे देखते हुए चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ में डेडलाइन बढ़ाकर 18 दिसंबर कर दी है।India Today
इस विस्तार का मकसद:
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अधिक से अधिक लोगों तक SIR फॉर्म पहुँचाना।
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मतदाता सूची को सटीक और त्रुटि मुक्त बनाना।
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लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना।
अब मतदाता इस नई तिथि तक अपना फॉर्म भर सकते हैं और किसी भी तरह की त्रुटि होने पर उसे सही करवा सकते हैं।
SIR प्रक्रिया कैसे होती है?
SIR प्रक्रिया में मुख्य रूप से निम्नलिखित कदम शामिल होते हैं:
1. फॉर्म का वितरण और भरना
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चुनाव आयोग के द्वारा BLO (Booth Level Officer) गाँव‑गाँव और शहर‑शहर जाकर फॉर्म वितरित करते हैं।
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मतदाता अपना विवरण सही ढंग से भरते हैं और फॉर्म वापस जमा कराते हैं।
2. विवरण का सत्यापन
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BLO द्वारा प्राप्त फॉर्म की जांच की जाती है।
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यदि कोई त्रुटि या अधूरी जानकारी होती है तो मतदाता को सुधार के लिए सूचना दी जाती है।
3. ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन
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सभी फॉर्म की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होती है।
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इसमें मतदाता अपना नाम और विवरण देख सकते हैं।
4. दावा और आपत्ति
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ड्राफ्ट सूची में कोई त्रुटि पाए जाने पर दावा/आपत्ति दाखिल की जा सकती है।
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इसके बाद अधिकारी मामले की जांच करके अंतिम सूची में सुधार करते हैं।
5. अंतिम मतदाता सूची
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सभी दावे और आपत्तियाँ निपटने के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होती है।
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यही सूची आगामी चुनावों के लिए मान्य मानी जाती है।The Sootr
SIR में शामिल होने के लिए जरूरी बातें
यदि आप छत्तीसगढ़ के मतदाता हैं, तो SIR में शामिल होने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
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सही नाम और जन्मतिथि दर्ज करें।
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सही पता और संपर्क विवरण भरें।
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पुरानी या गलत जानकारी को अपडेट करें।
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सत्यापन के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें।
इस प्रक्रिया को पूरा करने से आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज रहेगा और आप आगामी चुनावों में वोटिंग का अधिकार सुरक्षित रखेंगे।

SIR के महत्व को समझना
SIR सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है। यह लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने का एक तरीका है। इसका महत्व इस प्रकार है:
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सभी योग्य मतदाता शामिल हों: यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी व्यक्ति मतदान से वंचित न रहे।
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सटीक और विश्वसनीय सूची: गलत या डुप्लीकेट प्रविष्टियाँ हटाकर सूची को अद्यतित किया जाता है।
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भविष्य के चुनावों में त्रुटि कम करना: सही सूची होने से चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रहती है।
यदि कोई मतदाता SIR में शामिल नहीं होता है, तो उसका नाम मतदाता सूची से बाहर रह सकता है और उसे मतदान में भाग लेने का अधिकार नहीं मिलेगा।
SIR डेडलाइन बढ़ने के कारण
डेडलाइन बढ़ाने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं:
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लोकल स्तर पर फॉर्म की डिलीवरी में देरी।
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अधिक से अधिक मतदाताओं को प्रक्रिया में शामिल करने की आवश्यकता।
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सूची में त्रुटियों और डुप्लीकेट नामों को हटाकर सटीकता बढ़ाना।
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राजनीतिक दलों और नागरिकों की मांग कि सभी को पर्याप्त समय मिले।
इस विस्तार से यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी योग्य मतदाता SIR से वंचित न रहे।
भविष्य के लिए दिशा
SIR प्रक्रिया के पूरा होने के बाद:
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मतदाता सूची अधिक विश्वसनीय और अद्यतित होगी।
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आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भाग लेने वाले मतदाताओं की संख्या बढ़ेगी।
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लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और सहभागिता सुनिश्चित होगी।
मतदाता सूची अपडेट करना हर नागरिक का कर्तव्य भी है। इसे समय रहते पूरा करने से आप अपने अधिकारों को सुरक्षित रखते हैं और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में योगदान देते हैं।
छत्तीसगढ़ में SIR की डेडलाइन अब 18 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। यह अंतिम मौका है कि मतदाता अपने नाम, पता और अन्य विवरण को अपडेट करें।
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यह प्रक्रिया लोकतंत्र को मजबूत करने और सभी योग्य मतदाता को शामिल करने का महत्वपूर्ण कदम है।
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SIR में भाग लेने से आप सुनिश्चित करते हैं कि आगामी चुनावों में आपके मतदान का अधिकार सुरक्षित है।
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इसलिए जितनी जल्दी हो सके अपना SIR फॉर्म भरें और जमा कराएं।
मतदाता सूची अपडेट करना केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आपके लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल है। इस अवसर को खोना उचित नहीं है।
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