मौसम अलर्ट 5 से 7 जनवरी तक बारिश और ठंड का डबल अटैक, IMD चेतावनी

मौसम अलर्ट 5 से 7 जनवरी तक छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में बारिश और ठंड का डबल अटैक, IMD का अलर्ट जारी

जनवरी का महीना आमतौर पर कड़ाके की ठंड के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार मौसम ने कुछ अलग ही तस्वीर पेश की है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 5 से 7 जनवरी के बीच देश के कई राज्यों में बारिश और ठंड के एक साथ असर को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। इस दौरान जहां एक ओर तेज ठंड, शीतलहर और घना कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ाएगा, वहीं दूसरी ओर कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर भी देखने को मिलेगा।

छत्तीसगढ़ समेत उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के कई राज्यों में मौसम के इस बदले मिजाज का सीधा असर आम जनजीवन, खेती-किसानी, यातायात और स्वास्थ्य पर पड़ने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।

देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 5, 6 और 7 जनवरी 2026 के लिए कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। पश्चिमी विक्षोभ और समुद्री हवाओं के असर से अगले तीन दिन कई इलाकों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ अचानक तेज बारिश हो सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

दक्षिण भारत की बात करें तो केरल में बारिश का सिलसिला अभी भी पूरी तरह थमा नहीं है। IMD ने संकेत दिए हैं कि 5 से 7 जनवरी के बीच राज्य के कई जिलों में तेज से भारी बारिश हो सकती है। लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के उफान पर आने की स्थिति बन सकती है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

हिमाचल प्रदेश में भी मौसम का मिजाज सख्त बना हुआ है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई गई है। ठंड के साथ हो रही बारिश से सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है, जिससे आवाजाही में परेशानी आ सकती है। मौसम विभाग ने यहां 5, 6 और 7 जनवरी को लेकर अलर्ट जारी किया है। तमिलनाडु और कर्नाटक में भी इन तीन दिनों के दौरान तेज बारिश के साथ तूफानी हवाओं की चेतावनी दी गई है। कुछ तटीय इलाकों में हवा की रफ्तार बढ़ सकती है।

उत्तराखंड में 6 जनवरी को अच्छी बारिश होने के संकेत हैं, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को नकारा नहीं जा सकता। पूर्वोत्तर भारत और अन्य हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, अंडमान-निकोबार, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। इन इलाकों में प्रशासन को पहले से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ की बात करें तो राज्य में भी मौसम करवट ले सकता है। रायगढ़ समेत कई जिलों में बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बन रही है। ठंड के बीच होने वाली यह बारिश किसानों और आम लोगों दोनों के लिए असर डाल सकती है। खासकर सुबह और रात के समय ठंड बढ़ने की उम्मीद है।

स्थानीय मौसम जानकारों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक छत्तीसगढ़ में मौसम पूरी तरह साफ रहने के आसार कम हैं। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश और तेज हवाओं के दौरान सतर्क रहें। नदी-नालों के आसपास जाने से बचें और वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।


IMD का मौसम अलर्ट क्या कहता है?

मौसम विभाग के अनुसार 5 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान—

  • कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है

  • कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं

  • उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में ठंड और शीतलहर का प्रभाव बढ़ेगा

  • सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की आशंका है

मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति 7 जनवरी तक बनी रह सकती है, जिसके बाद धीरे-धीरे मौसम में सुधार के संकेत मिल सकते हैं।


बारिश और ठंड एक साथ क्यों पड़ रही है?

अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि जब ठंड पड़ रही है, तो बारिश कैसे हो सकती है? दरअसल इसके पीछे मौसम विज्ञान का खास कारण है।Kelo Pravah+1

पश्चिमी विक्षोभ की भूमिका

पश्चिमी विक्षोभ एक ऐसा मौसमी सिस्टम होता है, जो भूमध्य सागर और पश्चिम एशिया से चलकर भारत के उत्तरी हिस्सों तक पहुंचता है। इसके प्रभाव से—

  • बादल बनते हैं

  • तापमान में गिरावट आती है

  • बारिश और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होती है

नमी वाली हवाओं का असर

बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी युक्त हवाएं जब ठंडी हवाओं से टकराती हैं, तो बारिश की स्थिति बनती है। इसी वजह से ठंड के साथ-साथ बारिश भी देखने को मिलती है।


छत्तीसगढ़ में कैसा रहेगा मौसम?

छत्तीसगढ़ में जनवरी की शुरुआत से ही ठंड का असर महसूस किया जा रहा है। 5 से 7 जनवरी के बीच राज्य में मौसम और ज्यादा ठंडा होने की संभावना है।

  • सुबह और देर रात घना कोहरा छा सकता है

  • न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है

  • कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी संभव है

  • ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ेगी

ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। खेतों और खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।


किन-किन राज्यों में रहेगा असर?

उत्तर भारत

पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में ठंड का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। यहां—

  • शीतलहर चल सकती है

  • कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो सकती है

  • सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ेगी

मध्य भारत

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में ठंड के साथ हल्की बारिश या कोहरा देखने को मिल सकता है। तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है।

दक्षिण भारत

केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आसपास के इलाकों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। कुछ जगहों पर तेज बारिश भी हो सकती है।

पूर्वोत्तर भारत

असम, अरुणाचल प्रदेश और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश के साथ ठंडी हवाएं चल सकती हैं।


जनजीवन पर क्या पड़ेगा असर?

यातायात पर प्रभाव

  • कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है

  • ट्रेनें और बसें देरी से चल सकती हैं

  • हवाई यात्राओं पर भी असर पड़ सकता है

स्कूल और दफ्तर

  • ठंड और कोहरे के कारण स्कूलों के समय में बदलाव हो सकता है

  • बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है

स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं

  • सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार के मामले बढ़ सकते हैं

  • अस्थमा और सांस की बीमारी से ग्रस्त लोगों को दिक्कत हो सकती है

  • ठंड के कारण जोड़ों के दर्द और ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ सकती है


खेती-किसानी पर प्रभाव

मौसम में बदलाव का सीधा असर किसानों पर भी पड़ता है।

  • बारिश से कुछ फसलों को फायदा हो सकता है

  • लेकिन अत्यधिक ठंड और नमी से फसल को नुकसान की आशंका भी है

  • सब्जियों और दलहनी फसलों पर ठंड का असर पड़ सकता है

  • पाले का खतरा भी बना रह सकता है

किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की जानकारी के अनुसार फसलों की सुरक्षा के उपाय करें।


IMD की सलाह: कैसे रखें खुद को सुरक्षित?

मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

ठंड से बचाव

  • गर्म कपड़े पहनें

  • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें

  • सुबह और रात में अनावश्यक बाहर निकलने से बचें

कोहरे में यात्रा

  • वाहन धीमी गति से चलाएं

  • फॉग लाइट का इस्तेमाल करें

  • सुरक्षित दूरी बनाए रखें

बारिश के दौरान

  • जलभराव वाले इलाकों से बचें

  • बिजली कड़कने के दौरान खुले में न रहें


आगे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार 7 जनवरी के बाद धीरे-धीरे मौसम में बदलाव आ सकता है। कुछ इलाकों में बारिश थमने के आसार हैं, लेकिन ठंड का असर कुछ दिन और बना रह सकता है। आने वाले दिनों में तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

5 से 7 जनवरी के बीच देश के कई राज्यों में मौसम का दोहरा असर देखने को मिलेगा। बारिश और ठंड का यह डबल अटैक आम लोगों के लिए चुनौती बन सकता है। छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में कोहरा, ठंड और बारिश जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।

ऐसे में जरूरी है कि लोग मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें, सावधानी बरतें और सुरक्षित रहें। सही तैयारी और सतर्कता से इस मौसम के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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