4 ग्रामीण अंचलों के विकास को लेकर प्रतिबद्धता से कर रहे कार्य – वित्त मंत्री ओपी चौधरी
छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य है जिसकी आत्मा उसके गांवों में बसती है। यहां की अर्थव्यवस्था, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक ढांचा ग्रामीण समुदायों के इर्द-गिर्द विकसित हुआ है। किसी भी राज्य का समग्र विकास तभी संभव है जब उसके ग्रामीण अंचलों को मजबूत आधार मिले। इसी सोच के साथ वित्त मंत्री ओपी चौधरी राज्य के गांवों में विकास की नई धारा प्रवाहित करने के लिए समर्पित प्रयास कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को नया रूप देने, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने, किसानों की आय बढ़ाने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी.चौधरी ने आज पुसौर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम-गुड़गहन, दर्रामुड़ा, झलमला एवं बड़े हल्दी में 2 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने आमजन से संवाद भी किया और उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत एक-एक हजार रूपये की राशि महिलाओं के खाते में भेजी जा रही है। जिससे महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि अपने घर-परिवार में भी निर्णय लेने में बराबरी का हक महसूस कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के लिए कृषक उन्नति योजना के माध्यम से दो साल का बोनस दिया गया। इसी तरह किसानों से 31 सौ रुपए प्रति क्ंिवटल के मान से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदा जा रहा है। रामलला दर्शन योजना के माध्यम से बुजुर्गाे को अयोध्या धाम के दर्शन कराए जा रहे है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में निर्माणाधीन नालंदा परिसर प्रदेश का सबसे बड़ा ज्ञान केंद्र होगा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि सभी निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ किए जाए। इसमें समय-सीमा का भी विशेष ध्यान रखें। हमारा उद्देश्य लोगों को जनोपयोगी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी अपने दायित्वों का कुशलता पूर्वक निर्वहन करें।
इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल, श्री उमेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य बृजेश गुप्ता, जनपद अध्यक्ष पुसौर श्रीमती हेमलता चौहान, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती भाग्यवती नायक, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे, एसडीएम रायगढ़ श्री महेश शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में प्रयास
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कृषि की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी किसानों की आय दोगुनी करने जैसी अनिवार्य जरूरतों पर विशेष जोर दे रहे हैं। उनकी प्राथमिकता है कि कृषि सिर्फ जीविका का साधन न रहे बल्कि लाभ का माध्यम बने।
इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार गांव, गरीब, किसानों सहित सभी वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। ग्रामीण अंचलों में जनसुविधाओं के विस्तार हेतु लगातार कार्य किया जा रहा है। अधोसंरचना विकास के कार्य तेजी से आगे बढ़ाएं जा रहे है।
उन्होंने कहा कि सरकार गठन के उपरांत 18 लाख आवास निर्माण को स्वीकृति दी गई। इन आवासों का निर्माण पूरी तेजी से करवाया जा रहा है। पीएम आवास योजना से गरीबों के पक्के मकान का सपना पूरा हो रहा है। सिर्फ ग्राम-गुड़गहन में ही 1 करोड़ 52 लाख रुपए की राशि आवास के लिए स्वीकृत की गई है।
कृषि को तकनीक से जोड़ने की पहल
ओपी चौधरी ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। किसानों को स्मार्ट खेती, ड्रिप सिंचाई, मिट्टी परीक्षण, बीज सुधार, जैविक खेती और फसल विविधीकरण से जोड़ने की दिशा में काम हो रहा है।
वे खुद ग्रामीण सभाओं और किसान सम्मेलनों में किसानों से मिलने जाते हैं और उनकी समस्याओं को प्रत्यक्ष सुनकर समाधान पर काम करते हैं।
किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना
ग्रामीण विकास की सबसे बड़ी चुनौती है किसानों की उपज का सही दाम सुनिश्चित करना। मंत्री चौधरी के नेतृत्व में मंडियों के उन्नयन, भंडारण सुविधाओं के विस्तार और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उनकी सोच है कि अगर किसान को बाजार तक निर्बाध पहुंच मिल जाए, तो वह स्वतः आर्थिक रूप से मजबूत हो सकता है।
ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विस्तार
किसी भी ग्रामीण क्षेत्र का विकास उसके बुनियादी ढांचे से मापा जाता है। ओपी चौधरी इसे समझते हैं और इसी कारण सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव लाए जा रहे हैं।
गांवों में सड़क और परिवहन सुधार
गांवों में बेहतर सड़कें आर्थिक गतिविधियों की धुरी होती हैं। मंत्री चौधरी ने ग्रामीण सड़कों के निर्माण को गति दी है ताकि गांव-गांव तक सुगम परिवहन व्यवस्था विकसित हो सके।
नई सड़कों, पुलों और मार्गों के निर्माण से किसानों को बाजारों तक आसानी से पहुंच मिल रही है तथा ग्रामीणों को रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचना आसान हुआ है।
गांवों को रोशन करने की पहल
बिजली किसी भी क्षेत्र की प्रगति का मुख्य आधार है। गांवों में विद्युत आपूर्ति को नियमित, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बनाने की दिशा में वित्त मंत्री लगातार प्रयासरत हैं।
विद्युत ढांचे के सुधार, ट्रांसफार्मरों के उन्नयन और नई लाइन बिछाने जैसे कार्य तेज गति से चल रहे हैं। ग्रामीण विद्युतिकरण से न केवल घरों में उजाला बढ़ रहा है बल्कि ग्रामीण उद्योग और स्वरोजगार भी मजबूत हो रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को गांवों तक पहुंचाना
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी हमेशा से एक चुनौती रही है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी इस समस्या को जड़ से खत्म करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
नई उपस्वास्थ्य केंद्रों और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की स्थापना
स्वास्थ्य ढांचा मजबूत करने के लिए गांवों में उपस्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है। जहां अस्पताल उपलब्ध नहीं हैं, वहां मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से ग्रामीणों को इलाज मिल रहा है।
इससे दूरस्थ अंचलों में भी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो रही हैं।
स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम
कुपोषण, स्वच्छता और टीकाकरण जैसे विषयों पर जागरूकता बढ़ाना भी ग्रामीण विकास का हिस्सा है। ओपी चौधरी स्वास्थ्य अभियानों को प्राथमिकता देकर ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने का प्रयास कर रहे हैं।
शिक्षा को गांवों के द्वार तक पहुंचाना
ग्रामीण शिक्षा छत्तीसगढ़ विकास का आधार है। मंत्री चौधरी का मानना है कि शिक्षित ग्रामीण समाज ही मजबूत राज्य की नींव रख सकता है।
स्कूलों का उन्नयन और डिजिटल शिक्षा
गांवों में स्कूल भवनों का नवीनीकरण, पुस्तकालयों की स्थापना और डिजिटल शिक्षा साधनों को पहुंचाने पर फोकस किया जा रहा है।
शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने, स्मार्ट क्लास और तकनीकी शिक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में भी प्रयास हो रहे हैं।Janta Serishta
ग्रामीण छात्रों के लिए अवसरों का विस्तार
ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी छात्रों को आगे बढ़ाने के लिए छात्रवृत्ति, कोचिंग सहायता, हॉस्टल और खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
ओपी चौधरी स्वयं विभिन्न गांवों में जाकर बच्चों को प्रेरित करते हैं और शिक्षा को जीवन परिवर्तन का माध्यम बताते हैं।
ग्रामीण उद्योग और स्वरोजगार को बढ़ावा
स्वरोजगार और छोटे उद्योग गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं। वित्त मंत्री ग्रामीण स्वरोजगार को बढ़ाने के लिए योजनाओं का विस्तार कर रहे हैं।
महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त करना
महिलाएं ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं।
ओपी चौधरी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहित कर रहे हैं।
ये समूह आज कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और छोटे उद्योगों में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। Amar Ujala
ग्रामीण उद्यमिता के नए अवसर
गांवों में छोटे उद्योग, सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्य पालन और खाद्य उत्पादन इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल रहा है और पलायन में कमी आ रही है।
जल-संसाधन और सिंचाई विकास पर फोकस
पानी ग्रामीण जीवन और कृषि की सबसे बड़ी जरूरत है। इसलिए जल संरक्षण, सिंचाई व्यवस्था और वर्षा जल संचयन पर जोर दिया जा रहा है।
नहर और जलाशयों का संवर्धन
नहरों, तालाबों और जलाशयों का सौंदर्यीकरण और गहरीकरण कर किसानों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है।
वर्षा जल संग्रहण, बोरवेल सुधार और लघु सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से खेतों को पर्याप्त सिंचाई मिल रही है।
जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल
ओपी चौधरी का ग्रामीण विकास मॉडल “जनभागीदारी” पर आधारित है।
वे मानते हैं कि किसी भी योजना की सफलता तभी संभव है जब स्थानीय लोग उससे जुड़े हों।
आगे की दिशा
वित्त मंत्री ओपी चौधरी की सोच है कि छत्तीसगढ़ का ग्रामीण क्षेत्र आत्मनिर्भर, शिक्षित, सुरक्षित और आर्थिक रूप से समृद्ध बने।
उनकी दूरदर्शिता, कार्यशैली और गांवों के प्रति प्रतिबद्धता छत्तीसगढ़ के ग्रामीण भविष्य को नई दिशा दे रही है।
आने वाले वर्षों में राज्य के गांवों में बुनियादी ढांचे, कृषि, शिक्षा और उद्यमिता के क्षेत्र में और भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
ग्रामीण विकास छत्तीसगढ़ की प्रगति का आधार है, और वित्त मंत्री ओपी चौधरी अपनी दूरदर्शी नीतियों, प्रशासनिक दक्षता और जमीनी जुड़ाव के साथ इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं।
गांवों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, सिंचाई, कृषि सुधार और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देकर वे लोगों के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयत्न कर रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ का हर गांव मजबूत हो, हर किसान खुशहाल हो और हर परिवार को विकास का समान अवसर मिले।
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