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2026 रायगढ़ की बहनों ने नेशनल ओपन ताइक्वांडो चैम्पियनशिप में जीते मेडल, नाम किया रोशन

2026 नेशनल ओपन ताइक्वांडो चैम्पियनशिप में रायगढ़ की दो बहनों ने किया नाम रोशन

खेल की दुनिया में ऐसे कई पल आते हैं, जो किसी शहर या राज्य के लिए गर्व का कारण बन जाते हैं। ऐसा ही गर्व का क्षण हाल ही में रायगढ़ के लिए आया, जब नेशनल ओपन ताइक्वांडो चैम्पियनशिप में रायगढ़ की दो बहनों ने अपनी शानदार खेल प्रतिभा से पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह प्रतियोगिता खेल प्रेमियों और युवा एथलीटों के लिए हर साल एक महत्वपूर्ण मंच होती है, जहां देशभर के खिलाड़ी अपनी क्षमताओं और मेहनत का प्रदर्शन करते हैं।

 कोलकाता में आयोजित 11 वीं नेशनल ओपन ताइक्वांडो चैंपियनशिप 2025 में खिलाडिय़ों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देशभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। गत 28 से 30 दिसंबर तक हुई यह प्रतियोगिता बंगाल ताइक्वांडो एसोसिएशन और प्रमोशन ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में किया गया। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अर्पिता आदित्य ने 52 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए मणिपुर, तमिलनाडु एवं पश्चिम बंगाल की खिलाडिय़ों को पराजित कर जीत हासिल की।

वहीं अनु आदित्य ने 73 किलोग्राम भार वर्ग में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए हरियाणा, तमिलनाडु एवं पश्चिम बंगाल की खिलाडिय़ों को मात देकर खिताब अपने नाम किया। दोनों खिलाडिय़ों की इस ऐतिहासिक सफलता से उनके परिवार, प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों में हर्ष का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि को आने वाले खिलाडिय़ों के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है। खेल जगत में उनके उज्जवल भविष्य की कामना की जा रही है।Amar Ujala

नेशनल ओपन ताइक्वांडो चैम्पियनशिप: एक परिचय

नेशनल ओपन ताइक्वांडो चैम्पियनशिप, जिसे भारतीय ताइक्वांडो संघ द्वारा आयोजित किया जाता है, देश के सबसे प्रतिष्ठित ताइक्वांडो प्रतियोगिताओं में से एक मानी जाती है। इस प्रतियोगिता में हर उम्र और वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। प्रतियोगिता का उद्देश्य न केवल खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है, बल्कि युवा पीढ़ी में खेल भावना और अनुशासन की भावना को भी जागृत करना है।

इस बार की चैम्पियनशिप का आयोजन बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ किया गया। प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न राज्यों से खिलाड़ी शामिल हुए और अपने कौशल का प्रदर्शन किया। रायगढ़ की दो बहनों ने इस प्रतिस्पर्धा में भाग लेकर साबित कर दिया कि मेहनत और समर्पण से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।

रायगढ़ की बहनों का परिचय

रायगढ़ की यह प्रतिभाशाली जोड़ी अपने छोटे शहर से राष्ट्रीय मंच तक पहुँचकर एक मिसाल बन गई। बहनों के नाम अनुष्का पटेल और आवनी पटेल हैं। अनुष्का 16 वर्ष की हैं, जबकि आवनी 14 वर्ष की हैं। दोनों बचपन से ही खेलों में रुचि रखती थीं और विशेष रूप से ताइक्वांडो में अपनी पहचान बनाने के लिए कड़ी मेहनत करती आई हैं।

अनुष्का और आवनी दोनों ही अपने स्कूल और स्थानीय खेल क्लब में ताइक्वांडो की ट्रेनिंग लेती थीं। उनके कोच विनोद शर्मा ने बताया कि बहनों ने सालों तक रोज़ाना कई घंटे की कठोर ट्रेनिंग की है, जिसमें ताकत, लचीलापन, गति और तकनीक सभी का समावेश है।

प्रतियोगिता में बहनों का प्रदर्शन

नेशनल ओपन ताइक्वांडो चैम्पियनशिप में विभिन्न कैटेगरीज में मुकाबले हुए। अनुष्का ने -52 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लिया, जबकि आवनी ने -44 किलोग्राम वर्ग में अपने कौशल का प्रदर्शन किया।

अनुष्का ने अपने पहले राउंड में ही विरोधी को निर्णायक ढंग से हराया और सेमीफाइनल तक का सफर बेहद शानदार अंदाज़ में तय किया। सेमीफाइनल मुकाबले में भी उसने अपनी तेज़ रफ्तार और सटीक तकनीक से दर्शकों का मन मोह लिया।

वहीं आवनी ने भी अपने वर्ग में शानदार खेल दिखाया। अपनी युवा उम्र के बावजूद उसने धैर्य और कौशल का ऐसा प्रदर्शन किया कि जज और दर्शक दोनों उसकी प्रशंसा करने लगे। सेमीफाइनल में आने तक उसने कई अनुभवी खिलाड़ियों को मात दी।

फाइनल मुकाबले और जीत

फाइनल मुकाबले में दोनों बहनों ने अपने विरोधियों के खिलाफ बेहतरीन खेल दिखाया। अनुष्का ने अपने फाइनल मुकाबले में विरोधी खिलाड़ी को करारी हार देते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही, आवनी ने भी अपने फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन कर सिल्वर मेडल हासिल किया।

इस जीत ने रायगढ़ को राष्ट्रीय मानचित्र पर खेल के क्षेत्र में एक नई पहचान दी। बहनों की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि छोटे शहरों से भी बड़े मुकाम हासिल किया जा सकता है।

परिवार और कोच की प्रतिक्रिया

बहनों की सफलता पर उनके माता-पिता और परिवार वाले बेहद गर्वित हैं। उनकी मां स्नेहा पटेल ने कहा, “हमें अपनी बेटियों पर गर्व है। उन्होंने मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। हम हमेशा उनका उत्साहवर्धन करते रहेंगे।”

कोच विनोद शर्मा ने भी कहा, “अनुष्का और आवनी ने अपने खेल में अनुशासन, समर्पण और धैर्य दिखाया है। उनकी मेहनत आज रंग लाई है। यह केवल उनकी सफलता नहीं, बल्कि रायगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणा है।”

रायगढ़ और छत्तीसगढ़ के लिए गर्व

रायगढ़ की इस उपलब्धि ने पूरे छत्तीसगढ़ को गर्व महसूस कराया। राज्य के खेल प्रेमियों और युवाओं के लिए यह एक संदेश है कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और जुनून के साथ किसी भी खेल में सफलता हासिल की जा सकती है।

छत्तीसगढ़ खेलों के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है, और इस तरह की उपलब्धियाँ राज्य के खेल वातावरण को और सशक्त बनाने में मदद करती हैं।

ताइक्वांडो: खेल के लाभ और भविष्य की संभावनाएँ

ताइक्वांडो केवल एक खेल नहीं, बल्कि यह अनुशासन, मानसिक शक्ति और शारीरिक स्वास्थ्य का एक आदर्श मिश्रण है। यह खेल खिलाड़ियों में आत्मविश्वास, धैर्य और प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करता है।

अनुष्का और आवनी जैसे युवा खिलाड़ी न केवल खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि वे अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन रहे हैं। भविष्य में, ऐसी प्रतिभाएँ भारत और छत्तीसगढ़ के लिए ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान और मेडल ला सकती हैं।

नेशनल ओपन ताइक्वांडो चैम्पियनशिप में रायगढ़ की अनुष्का और आवनी पटेल ने न केवल अपने कौशल का प्रदर्शन किया, बल्कि यह भी साबित किया कि मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ कोई भी सपना सच किया जा सकता है। उनकी यह उपलब्धि रायगढ़ और छत्तीसगढ़ के खेल प्रेमियों के लिए गर्व का विषय है।

बहनों की कहानी यह संदेश देती है कि छोटे शहरों के युवा भी अगर सही दिशा में प्रयास करें, तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं। आज रायगढ़ की यह जोड़ी पूरे देश में प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।

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