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बाहर से आई 12 टीमों की बड़ी कार्रवाई 174 उपभोक्ताओं की लाइन कटी, 21 लाख रुपये की वसूली

बाहर से पहुंची 12 टीमों ने 174 उपभोक्ताओं की लाईन काटी, 21 लाख वसूले

बिजली विभाग की सख्त कार्रवाई से मचा हड़कंप, बकायादारों और अवैध उपभोक्ताओं पर गिरी गाज

प्रदेश में बिजली विभाग द्वारा बकायादार उपभोक्ताओं और अवैध रूप से बिजली उपयोग करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में हाल ही में बाहर से पहुंची 12 विशेष टीमों ने एक बड़े अभियान को अंजाम दिया। इस व्यापक कार्रवाई के तहत 174 उपभोक्ताओं की बिजली लाइन काटी गई, वहीं मौके पर ही लगभग 21 लाख रुपये की वसूली की गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बिजली उपभोक्ताओं में विभागीय सख्ती का संदेश स्पष्ट रूप से पहुंचा।


बिजली विभाग की रणनीति: क्यों भेजी गईं बाहर की टीमें

बिजली विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की जानकारी पहले ही लीक हो जाती है। इसके कारण बकायादार उपभोक्ता या तो भुगतान टाल देते थे या अस्थायी रूप से कनेक्शन छुपा लेते थे। इसी समस्या से निपटने के लिए इस बार विभाग ने बाहर से 12 टीमों को बुलाने का फैसला किया।

इन टीमों को स्थानीय कर्मचारियों से अलग रखा गया, ताकि किसी प्रकार का दबाव, पहचान या मिलीभगत कार्रवाई को प्रभावित न कर सके। इस रणनीति का असर साफ नजर आया, क्योंकि टीमों के पहुंचते ही उपभोक्ताओं को संभलने का मौका नहीं मिला।

रायगढ़ में बिजली बिल नहीं चुकाने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली विभाग का सख्त अभियान चलाया। सोमवार को बाहर से कुल 12 टीमें रायगढ़ पहुंचीं और शहर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई की। इस दौरान कुल 174 उपभोक्ताओं की बिजली लाइन काटी गई। इनमें से 77 उपभोक्ताओं से करीब 21 लाख रुपये की बकाया राशि की वसूली भी की गई।

बिजली विभाग ने बताया कि यह अभियान मंगलवार को भी जारी रहेगा। जिन उपभोक्ताओं पर 10 हजार से 40 हजार रुपये तक का बकाया है, उनकी बिजली सप्लाई काटी जाएगी। विभाग का कहना है कि लंबे समय से बिल भुगतान नहीं होने के कारण करोड़ों रुपए का बकाया हो चुका है, इसलिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई के लिए जांजगीर, सारंगढ़ सहित अन्य जिलों से टीमें बुलाई गई है।

हर टीम में जेई, लाइनमैन और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना बकाया बिजली बिल जमा करें, ताकि लाइन कटने जैसी कार्रवाई से बचा जा सके। बिजली विभाग पहले चरण में 50 हजार रुपए से अधिक बकाया रखने वाले करीब ढाई हजार उपभोक्ताओं की बिजली लाईन काट चुका है।

इस कार्रवाई के बाद कई उपभोक्ताओं ने अपना बकाया बिल जमा भी किया था। अब दूसरे चरण में 10 से 40 हजार रुपए तक के बकायादारों पर कार्रवाई की जा रही है। जोन-1 के कार्यपालन अभियंता आरके राव ने बताया कि, बकायादारों की सूची काफी लंबी है और कई उपभोक्ता लंबे समय से बिजली बिल नहीं चुका रहे हैं। इसी कारण बाहर से टीमें बुलाई गई हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को भी उपभोक्ताओं की बिजली लाईन काटी जाएगी, जिन पर 10 से 40 हजार रुपए तक का बकाया है।

साथ ही उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि असुविधा से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना बकाया बिजली बिल जमा करें। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में बिजली बिल नहीं चुकाने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली विभाग का सख्त अभियान चलाया। सोमवार को बाहर से कुल 12 टीमें रायगढ़ पहुंचीं और शहर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई की। इस दौरान कुल 174 उपभोक्ताओं की बिजली लाइन काटी गई। इनमें से 77 उपभोक्ताओं से करीब 21 लाख रुपये की बकाया राशि की वसूली भी की गई। बिजली विभाग ने बताया कि यह अभियान मंगलवार को भी जारी रहेगा। जिन उपभोक्ताओं पर 10 हजार से 40 हजार रुपये तक का बकाया है, उनकी बिजली सप्लाई काटी जाएगी।


अभियान की शुरुआत: सुबह से ही ताबड़तोड़ कार्रवाई

बताया जा रहा है कि यह अभियान सुबह के समय शुरू किया गया। 12 टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में एक साथ रवाना की गईं। हर टीम के साथ विभागीय अधिकारी, लाइनमैन, बिलिंग स्टाफ और सुरक्षा कर्मी मौजूद थे।

टीमों ने पहले से तैयार सूची के आधार पर उन उपभोक्ताओं के यहां दबिश दी—


174 उपभोक्ताओं की कटी बिजली लाइन

इस विशेष अभियान में कुल 174 उपभोक्ताओं की बिजली लाइन काटी गई। इनमें—

भी शामिल थे।Amar Ujala

अधिकारियों के अनुसार कई उपभोक्ताओं पर हजारों से लेकर लाखों रुपये तक का बकाया था। कुछ मामलों में उपभोक्ता वर्षों से बिजली का उपयोग कर रहे थे, लेकिन नियमित भुगतान नहीं कर रहे थे।


मौके पर ही 21 लाख रुपये की वसूली

इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि रही 21 लाख रुपये से अधिक की तत्काल वसूली। जब टीमों ने कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू की, तो कई उपभोक्ता घबरा गए और उन्होंने मौके पर ही बकाया राशि जमा कर दी।

वसूली में शामिल रहे—

अधिकारियों का कहना है कि यदि यह कार्रवाई न होती, तो यह राशि वसूलना बेहद मुश्किल हो जाता।


उपभोक्ताओं की प्रतिक्रियाएं: कहीं नाराजगी, कहीं राहत

अचानक हुई इस कार्रवाई से उपभोक्ताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

नाराज उपभोक्ता

कुछ उपभोक्ताओं ने कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि—

समझदार उपभोक्ता

वहीं कई उपभोक्ताओं ने विभाग की कार्रवाई को सही ठहराया। उनका कहना था कि—


अधिकारियों का बयान: कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि—

“यह कार्रवाई किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि विभाग की आर्थिक स्थिति सुधारने और ईमानदार उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए की गई है। आगे भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।”

अधिकारियों ने यह भी बताया कि—


अवैध बिजली उपयोग पर भी कसा शिकंजा

अभियान के दौरान कुछ स्थानों पर अवैध बिजली उपयोग के मामले भी सामने आए। टीमों ने—

जैसी गतिविधियों को पकड़ा।

ऐसे मामलों में न केवल कनेक्शन काटे गए, बल्कि जुर्माना भी लगाया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।


स्थानीय कर्मचारियों की भूमिका सीमित

इस अभियान की खास बात यह रही कि स्थानीय कर्मचारियों की भूमिका सीमित रखी गई। इससे—

यही कारण है कि विभाग इस मॉडल को भविष्य में भी अपनाने की योजना बना रहा है।


राजस्व बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

बिजली विभाग लंबे समय से राजस्व घाटे से जूझ रहा है। बकाया बिल और बिजली चोरी इसकी बड़ी वजह हैं। इस तरह के अभियानों से—

21 लाख रुपये की वसूली इस बात का प्रमाण है कि सख्त कदम उठाने से परिणाम मिलते हैं।


आम उपभोक्ताओं के लिए संदेश

इस कार्रवाई के बाद विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि—

समय पर भुगतान करने से न केवल लाइन कटने से बचा जा सकता है, बल्कि अतिरिक्त जुर्माना और परेशानी से भी राहत मिलती है।


भविष्य की योजना: और तेज होगी कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार विभाग आने वाले दिनों में—

इससे साफ है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है, आने वाले समय में और भी सख्ती देखने को मिल सकती है।

बाहर से पहुंची 12 टीमों द्वारा की गई यह कार्रवाई बिजली विभाग के इतिहास में एक कड़ा और प्रभावी कदम साबित हुई है। 174 उपभोक्ताओं की लाइन काटना और 21 लाख रुपये की वसूली यह दिखाती है कि यदि प्रशासन ठान ले, तो व्यवस्था को पटरी पर लाया जा सकता है।

यह अभियान न सिर्फ बकायादारों के लिए चेतावनी है, बल्कि ईमानदार उपभोक्ताओं के लिए एक सकारात्मक संकेत भी है कि विभाग अब अनुशासन और पारदर्शिता के साथ काम कर रहा है।

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