मौत से जंग हार गया रोहन रायगढ़ में फ्लैक्स लगाते समय 11 KV लाइन की चपेट में आया युवक, चचेरे भाई का इलाज जारी

रायगढ़ में हाल ही में हुई एक दुखद घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना उस समय हुई जब दो युवा फ्लैक्स (बैनर) लगाने के लिए काम कर रहे थे। रोहन और उसका चचेरा भाई इस काम में जुटे थे। काम के दौरान 11 केवी (KV) की उच्च वोल्टेज बिजली लाइन की चपेट में आने से रोहन की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उसका चचेरा भाई गंभीर रूप से झुलस गया और वर्तमान में इलाज जारी है। इस घटना ने न केवल परिवार को हताश किया है बल्कि पूरे समुदाय को सुरक्षा उपायों के प्रति चेतावनी दी है।
घटना का विवरण
स्थानीय ट्रासंपोर्ट नगर के पास महादेव मोटर्स में फ्लैक्स लगाने के दौरान हाई टेंशन तार की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसे दुकान संचालक के पुत्र रोहन सिंह की रायपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं उसके चचेरे भाई का उपचार जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार जूटमिल थानान्तर्गत बाईपास मार्ग पर ट्रांसपोर्ट नगर के पास महादेव मोटर्स के संचालक कबीर चौक निवासी हेमंत सिंह का पुत्र रोहन सिंह व उसका चचेरा भाई दीपक सिंह विगत 11 तारीख की शाम को दुकान के उपर फ्लैक्स लगा रहे थे। इसी दौरान पास से गुजर रहे 11 हजार वोल्टेज के हाई टेंशन तार के संपर्क में रोहन आ गया था साथ ही नीचे खड़े दीपक सिंह भी करेंट की चपेट में आ गया था
बताया जा रहा है कि करेंट की चपेट में आने से रोहन सिंह का पैर का हिस्सा बुरी तरह झुलस गया था तथा दीपक सिंह का भी हाथ जल गया था । दोनों को तत्काल पास के ही निजी अस्पातल में उपचार के लिए ले जाया गया जहां प्रारंभिक इलाज के बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सघन उपचार के लिए चिकित्सकोंं ने उन्हें रायपुर रेफर कर दिया था। वहीं रायपुर में इलाज के दौरान गुरूवार को रोहन सिंह ने जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए दम तोड़ दिया। वहीं दीपक सिंह का उपचार जारी है।
रायगढ़ शहर के एक व्यस्त इलाके में रोहन और उसका चचेरा भाई फ्लैक्स लगाने का काम कर रहे थे। यह आमतौर पर त्योहारों, स्थानीय आयोजनों या किसी सार्वजनिक संदेश के प्रचार के लिए किया जाने वाला काम था। घटना के दिन दोनों युवक एक ऊंची जगह पर काम कर रहे थे और उसी समय 11 KV की बिजली लाइन के बहुत पास पहुंच गए।
उच्च वोल्टेज लाइन के पास सुरक्षा उपायों की कमी और अपर्याप्त ज्ञान के कारण रोहन अचानक बिजली की चपेट में आ गया। बिजली का झटका इतना तीव्र था कि वह तुरंत मौके पर ही गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके तुरंत बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
चचेरे भाई की स्थिति भी गंभीर रही, लेकिन उसे तत्काल मेडिकल मदद मिल गई और वर्तमान में उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों का कहना है कि बिजली का झटका बहुत गंभीर था, और उसकी स्थिति स्थिर होने में कुछ समय लगेगा।
बिजली दुर्घटनाओं के कारण

यह दुखद घटना हमें बिजली सुरक्षा के महत्व की याद दिलाती है। बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
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उच्च वोल्टेज लाइन के पास काम करना
11 KV जैसी उच्च वोल्टेज लाइनें सामान्य जनों के लिए अत्यंत खतरनाक होती हैं। इनके पास किसी भी प्रकार का काम बिना सुरक्षा उपकरणों के करना जानलेवा साबित हो सकता है। -
सुरक्षा उपकरणों का अभाव
अक्सर मजदूर या ठेकेदार सुरक्षा उपकरणों का उपयोग नहीं करते हैं। हेलमेट, इंसुलेटेड ग्लव्स, सेफ्टी हार्नेस और अन्य उपकरणों की कमी दुर्घटना का मुख्य कारण बनती है। -
अपर्याप्त प्रशिक्षण
विद्युत सुरक्षा के बारे में जागरूकता की कमी और सही प्रशिक्षण न होने के कारण लोग जोखिम भरे कार्यों में खुद को डाल लेते हैं। -
असावधानी और जल्दबाजी
काम को जल्दी पूरा करने की सोच में लोग सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर देते हैं।
स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग की जिम्मेदारी
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। उच्च वोल्टेज लाइनों के आसपास काम करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए कई नियम और दिशा-निर्देश हैं।
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सावधानियों का पालन: बिजली विभाग को ऐसी जगहों पर चेतावनी बोर्ड और चेतावनी तारकों के माध्यम से लोगों को जागरूक करना चाहिए।
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नियमित निरीक्षण: उच्च वोल्टेज लाइनों के आसपास काम करने वाले ठेकेदारों और मजदूरों की सुरक्षा उपकरणों की जांच नियमित रूप से होनी चाहिए।
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सार्वजनिक जागरूकता अभियान: स्थानीय प्रशासन को समय-समय पर बिजली सुरक्षा और खतरे के बारे में जागरूकता अभियान चलाने चाहिए।
परिवार और समुदाय की प्रतिक्रिया

रोहन की अचानक मौत ने उसके परिवार और समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार के सदस्य कहते हैं कि वह मेहनती, निडर और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण वाला युवक था।
चचेरे भाई की गंभीर स्थिति ने परिवार की चिंता और बढ़ा दी है। स्थानीय लोग भी इस घटना को लेकर दुखी हैं और उनका मानना है कि ऐसी दुर्घटनाओं से बचने के लिए सभी को सतर्क रहना चाहिए।
समाज में इस घटना ने एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया है कि बिजली सुरक्षा को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए। विशेष रूप से युवा कामगार और छात्रों को उच्च वोल्टेज के खतरे और सुरक्षा उपायों के बारे में शिक्षित किया जाना आवश्यक है।
कानूनी और नीति संबंधी पहलू
बिजली से हुई दुर्घटनाओं में कानूनी पहलू भी महत्वपूर्ण होते हैं। इस मामले में भी प्रशासन जांच कर रहा है कि क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया गया या नहीं।
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मृतक और घायल के लिए मुआवजा: भारतीय कानून के अनुसार, बिजली से हुई दुर्घटना में मृतक के परिवार को मुआवजा देने का प्रावधान है।
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ठेकेदार या कंपनी की जिम्मेदारी: यदि यह कार्य किसी ठेकेदार या कंपनी के तहत किया जा रहा था, तो उनके खिलाफ सुरक्षा उल्लंघन का मामला दर्ज हो सकता है।
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भविष्य में रोकथाम के उपाय: इस घटना के बाद प्रशासन और बिजली विभाग को ठेकेदारों के लिए सख्त सुरक्षा नियम लागू करने होंगे।Amar Ujala
बिजली सुरक्षा के कुछ आवश्यक उपाय
इस तरह की दुखद घटनाओं से बचने के लिए निम्नलिखित सुरक्षा उपाय अपनाना अत्यंत आवश्यक है:
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सुरक्षा उपकरणों का उपयोग
हेलमेट, इंसुलेटेड ग्लव्स, सेफ्टी हार्नेस और अन्य उपकरण अनिवार्य होने चाहिए। -
उच्च वोल्टेज से दूरी बनाए रखना
11 KV या उससे अधिक की लाइन के पास काम करते समय न्यूनतम दूरी का पालन करना आवश्यक है। -
प्रशिक्षण और जागरूकता
कर्मचारियों और मजदूरों को नियमित रूप से बिजली सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। -
सावधानीपूर्वक कार्य
जल्दबाजी में काम न करें और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करें। -
स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेना
उच्च वोल्टेज लाइन के पास किसी भी काम के लिए स्थानीय प्रशासन या बिजली विभाग से अनुमति लेना जरूरी है।
रोहन की मौत ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि बिजली सुरक्षा को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक हो सकता है। यह घटना केवल परिवार के लिए ही नहीं बल्कि पूरे समुदाय के लिए चेतावनी है।
इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचने के लिए सभी को सुरक्षा उपायों का पालन करना चाहिए। प्रशासन, बिजली विभाग, ठेकेदार और आम जनता—सभी की जिम्मेदारी है कि वे मिलकर ऐसे हादसों को रोकें। रोहन का परिवार अब अपने प्रियजन को खोने के शोक में है, और हमें उम्मीद है कि चचेरे भाई का इलाज सफलतापूर्वक पूरा होगा।
समाज को यह सीखनी होगी कि किसी भी तरह के काम में सुरक्षा को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। रोहन की मौत हमें चेतावनी देती है कि सावधानी, प्रशिक्षण और जागरूकता ही किसी भी हादसे से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।
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