1 हिंसक रंजिश में चचेरे भाई पर हथियार से हमला—फरार आरोपी जूटमिल पुलिस की गिरफ्त में
पारिवारिक विवाद का भयावह रूप
अक्सर पारिवारिक विवाद मामूली कहासुनी तक सीमित रहते हैं, लेकिन कुछ मामलों में ये रंजिश का रूप लेकर गंभीर घटनाओं में बदल जाते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया, जिसमें चचेरे भाइयों के बीच चल रहे तनाव ने हिंसक रूप धारण कर लिया। आपसी रंजिश के कारण एक युवक पर हथियार से हमला कर दिया गया और घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। मामला पुलिस तक पहुंचा और जूटमिल थाना पुलिस ने कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जूटमिल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मिडमिडा डीपापारा में आपसी रंजिश के चलते चचेरे भाई पर चाकूनुमा हथियार से हमला कर फरार हुए आरोपी को जूटमिल पुलिस ने आज गिरफ्तार कर गैर जमानती धाराओं में कार्रवाई करते हुए न्यायिक रिमांड पर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
घटना को लेकर पीड़िता श्रीमती संतोषी चौहान पति अशोक चौहान उम्र 40 वर्ष द्वारा दिनांक 6 नवंबर 2025 को थाना जूटमिल में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसमें बताया गया था कि उसी दिन शाम को उनके पति अशोक चौहान को रिश्ते के देवर प्रहलाद चौहान द्वारा पुरानी रंजिश को लेकर मां-बहन की अश्लील गालियां दी जा रही थीं। विरोध करने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी देते हुए अपने हाथ में रखे धारदार वस्तु से नाक व पेट की ओर वार कर गंभीर चोट पहुंचाई।
घटना कैसे हुई: रंजिश जो बढ़ती ही चली गई
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पीड़ित और आरोपी चचेरे भाई हैं। दोनों के बीच पिछले कुछ महीनों से किसी पारिवारिक विवाद को लेकर मनमुटाव चल रहा था। यह विवाद पहले शब्दों की टकरार तक सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे यह तनाव गहराता चला गया।
घटना वाले दिन दोनों के बीच किसी पुराने मुद्दे को लेकर फिर बहस हो गई। बहस बढ़ते-बढ़ते तकरार में बदल गई और आरोपी ने गुस्से में आपा खो दिया। उसने अपने पास मौजूद हथियार निकालकर पीड़ित पर हमला कर दिया।
हमले में पीड़ित युवक को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल को अस्पताल पहुँचाया। परिजन से मिली सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची।
महिला के लिखित आवेदन पर थाना जूटमिल में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 394/2025 धारा 296, 351(2), 115(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान घायल अशोक चौहान का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें एक्स-रे एवं सीटी स्कैन कराने की सलाह दी गई। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण में धारा 118(1) बीएनएस जोड़ी गई। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा था, जिसे आज मुखबीर सूचना पर गिरफ्तार किया गया।
आरोपी प्रहलाद चौहान पिता जयपाल चौहान उम्र 37 वर्ष निवासी मिडमिडा थाना जूटमिल रायगढ़ के मेमोरेंडम पर सब्जी छीलने वाला पीलर (छिलनी) जब्त किया गया, जिससे उसने वार करना स्वीकार किया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल वारंट पर जेल दाखिल किया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक श्री प्रशांत राव के नेतृत्व में पुलिस टीम में शामिल प्रधान आरक्षक खिरेन्द्र जलतारे और हमराह स्टाफ की अहम भूमिका रही।
हमले की वजह: ‘आपसी रंजिश’ बनी मूल कारण
जांच में सामने आया कि—
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दोनों के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर मनमुटाव था
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परिवार में पुराने विवाद सुलझे नहीं थे
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आपसी ईर्ष्या और कटुता लगातार बढ़ रही थी
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परिवार के बड़े सदस्य विवाद को शांत नहीं कर पाए
इन कारणों से तनाव इतना बढ़ चुका था कि मामूली झगड़ा भी हिंसक रूप ले सकता था। पुलिस के अनुसार आरोपी काफी समय से इस बात को लेकर गुस्से में था और मौका मिलते ही उसने हमला कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही जूटमिल पुलिस की सक्रियता
जैसे ही घटना की खबर जूटमिल थाना पुलिस को मिली, टीम तुरंत अस्पताल पहुंची। घायल का बयान लिया गया और आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, हथियार के अवैध उपयोग, मारपीट, और धमकाने जैसी धाराओं में FIR दर्ज की गई।
पुलिस ने बताया कि—
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आरोपी हमले के तुरंत बाद घटनास्थल से फरार हो गया
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उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की गई
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मोबाइल सर्विलांस, स्थानीय मुखबिरों की मदद और पुराने रिकॉर्ड की जांच की गई
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पुलिस टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा गया
कुछ घंटों की मशक्कत के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी की गिरफ्तारी: कैसे की गई पुलिस कार्रवाई सफल
आरोपी की गिरफ्तारी किसी एक कदम का परिणाम नहीं थी, बल्कि पुलिस द्वारा की गई रणनीतिक कार्रवाई का परिणाम है। पुलिस ने सबसे पहले आरोपी के:
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रिश्तेदारों,
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गांव में मौजूद परिचितों,
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शहर में मौजूद संभावित मित्रों,
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काम करने की जगहों
सभी स्थानों पर नजर रखी। आरोपी खुद को छिपाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस की सघन तालाशी के कारण वह ज्यादा देर तक बच नहीं पाया।
आखिरकार एक विशेष टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसे थाने लाकर पूछताछ की गई।
पीड़ित की स्थिति: इलाज जारी, बयान हुआ दर्ज
पीड़ित युवक को सिर, हाथ और कंधे पर गहरी चोटें आई थीं। डॉक्टरों ने समय पर इलाज शुरू किया, जिसके बाद उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस ने पीड़ित का विस्तृत बयान रिकॉर्ड किया, जो आगे की जांच में अहम भूमिका निभाएगा।
परिवार के सदस्यों ने भी आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।Amar Ujala
पुलिस की भूमिका: मामले को गंभीरता से लिया गया
जूटमिल पुलिस ने इस पूरे मामले में बेहद तत्परता दिखाई। कुछ प्रमुख कदम इस प्रकार रहे—
1. त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और घायल को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
2. साक्ष्य एकत्र करना
पुलिस ने घटनास्थल से:
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खून के धब्बे
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पीड़ित के कपड़े
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गवाहों के बयान
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CCTV फुटेज (यदि उपलब्ध हो)
एकत्र किए।
3. आरोपी की तलाश
आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी, फोन लोकेशन ट्रैकिंग और मुखबिरों की सूचना का उपयोग किया गया।
4. गिरफ्तारी
आखिरकार पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया।
5. शांति बनाए रखना
परिवार और स्थानीय लोगों के बीच तनाव न बढ़े, इसलिए पुलिस ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई।
कानूनी पहलू: ऐसे मामलों में क्या कहता है कानून?
घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पर कई धाराएं लगाई जा सकती हैं, जैसे—
1. धारा 307 – हत्या का प्रयास
यदि किसी पर जान से मारने की नीयत से हमला किया जाता है, तो यह धारा लगती है।
इसकी सजा 10 साल से लेकर उम्रकैद तक हो सकती है।
2. धारा 324/326 – हथियार से गंभीर चोट पहुँचाना
यदि हमला धारदार या खतरनाक हथियार से किया गया हो, तो यह धारा लागू होती है।
3. धारा 294 – गाली-गलौज कर व्यवधान फैलाना
यदि झगड़े में अभद्र भाषा का उपयोग हुआ हो, तो यह धारा जोड़ी जाती है।
4. धारा 506 – धमकी देना
पीड़ित या उसके परिवार को डराने-धमकाने पर यह धारा लागू होती है।
5. Arms Act (यदि हथियार अवैध हो)
अवैध हथियार का उपयोग करने पर अलग से कड़ी सजा का प्रावधान है।
इन धाराओं के आधार पर आरोपी को कड़ी सजा मिलने की पूरी संभावना है।
रंजिश क्यों बढ़ती है? समझिए मनोवैज्ञानिक पक्ष
पुलिस और सामाजिक विश्लेषकों के मुताबिक ऐसे मामलों में अक्सर कारण होते हैं—
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जमीन या संपत्ति को लेकर विवाद
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परिवार में पक्षपात की भावना
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पुराना अनसुलझा मनमुटाव
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ईर्ष्या और आपसी प्रतिस्पर्धा
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अहंकार और संवाद की कमी
यदि समय रहते परिवार और समाज इन विवादों को शांत करने की कोशिश करें, तो कई गंभीर घटनाओं को रोका जा सकता है।
समाज पर प्रभाव: एक घटना कई रिश्तों को प्रभावित करती है
ऐसी हिंसक घटनाएँ केवल दो व्यक्तियों को ही प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि—
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पूरे परिवार में टूटन पैदा करती हैं
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समाज में अविश्वास का माहौल बनाती हैं
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परिवार की छवि खराब करती हैं
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भविष्य की पीढ़ियों पर भावनात्मक असर डालती हैं
इसलिए विवादों को समय रहते सुलझाना बेहद जरूरी है।
पुलिस क्या कर सकती है भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए?
पंचायत और मध्यस्थता बैठकों को बढ़ावा देना
पारिवारिक विवादों में समय पर हस्तक्षेप
हथियारों पर नियंत्रण
झगड़ों में पुलिस को तुरंत सूचना देने की जागरूकता
संवेदनशील क्षेत्रों में पेट्रोलिंग बढ़ाना
रंजिश का अंत हिंसा नहीं है—समाधान संवाद में है
यह घटना एक कड़वी सच्चाई को उजागर करती है—रंजिश चाहे कितनी भी पुरानी हो, उसका समाधान हथियार और हिंसा नहीं है। किसी भी विवाद को बातचीत, मध्यस्थता और कानून के सहारे शांतिपूर्ण तरीके से हल किया जा सकता है।
जूटमिल पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी कर एक बड़ा कदम उठाया है, जो यही संदेश देता है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और किसी भी हिंसक कदम की सजा निश्चित है।
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