प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना 2025 आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी — अब 15 नवंबर तक करें आवेदन

योजना का परिचय
भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय (अब शिक्षा मंत्रालय) द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना (Prime Minister’s Scholarship Scheme for University Students — PM-USP CSSS) का उद्देश्य देशभर के मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
इस योजना के अंतर्गत हर वर्ष लाखों विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाती है, ताकि आर्थिक स्थिति उनकी पढ़ाई में बाधा न बने।
अब सरकार ने विद्यार्थियों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 नवंबर 2025 कर दी है।
इससे उन छात्रों को भी मौका मिलेगा, जो किसी कारणवश पहले आवेदन नहीं कर पाए थे।
योजना की पृष्ठभूमि
यह योजना वर्ष 2008-09 में शुरू की गई थी, और तब से अब तक लाखों विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल चुका है।
योजना को समय-समय पर प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना, केंद्रीय क्षेत्र योजना (CSSS), और उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना जैसे नामों से जाना गया।
2022 में इसका पुनर्गठन किया गया और इसे अब “प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना (PM-USP CSSS)” कहा जाता है।
आवेदन की तिथि और प्रक्रिया
सरकार ने घोषणा की है कि वर्ष 2025-26 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि अब 15 नवंबर 2025 तक बढ़ा दी गई है।
यह आवेदन राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) के माध्यम से ऑनलाइन किए जा सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया
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राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (https://scholarships.gov.in) पर जाएँ।
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“Central Schemes” टैब में “Department of Higher Education” के अंतर्गत PM-USP CSSS योजना चुनें।
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“New Registration” पर क्लिक करें और अपनी बुनियादी जानकारी दर्ज करें।
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OTP के माध्यम से मोबाइल सत्यापन करें।
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आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें (आधार कार्ड, मार्कशीट, आय प्रमाणपत्र, बैंक पासबुक, संस्थान प्रमाणपत्र)।
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फॉर्म सबमिट करें और एक कॉपी डाउनलोड कर सुरक्षित रखें।
पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
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नागरिकता: छात्र भारतीय नागरिक होना चाहिए।
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शैक्षणिक योग्यता:
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छात्र ने कक्षा 12वीं में कम से कम 80% अंक प्राप्त किए हों।
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छात्र किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज/विश्वविद्यालय में नियमित पाठ्यक्रम में दाखिल हो।
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आय सीमा: परिवार की वार्षिक आय ₹4.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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कोटा वितरण:
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50% छात्रवृत्ति लड़कियों को दी जाती है।
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SC/ST/OBC/PwD छात्रों के लिए आरक्षण प्रावधान भी है।
- छत्तीसगढ़ राज्य में उच्च शिक्षा विभाग ने यह सुविधा दी है ताकि ज्यादा विद्यार्थी इस छात्रवृत्ति का लाभ उठा सकें। Amar Ujala
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छात्रवृत्ति की राशि
प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत दी जाने वाली छात्रवृत्ति राशि इस प्रकार है:
| वर्ग | राशि (प्रति माह) | अवधि |
|---|---|---|
| स्नातक (Undergraduate) | ₹1,000 | 3 वर्ष |
| परास्नातक (Postgraduate) | ₹2,000 | 2 वर्ष |
| प्रोफेशनल कोर्स (Engineering, Medicine आदि) | ₹3,000 | कोर्स की अवधि तक |
इसके अतिरिक्त छात्रों को हर वर्ष ₹10,000 से ₹20,000 तक की एकमुश्त सहायता राशि भी दी जाती है।

योजना का उद्देश्य
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मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करना, ताकि वे उच्च शिक्षा जारी रख सकें।
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ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के विद्यार्थियों को समान अवसर देना।
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देश में शिक्षा की गुणवत्ता और Gross Enrollment Ratio (GER) बढ़ाना।
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विशेष रूप से लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना।
छत्तीसगढ़ और रायगढ़ जिले में प्रभाव
रायगढ़ जिला शिक्षा के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। इस योजना के विस्तार से यहां के कई विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा —
खासकर वे छात्र जो निजी कॉलेजों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और जिनकी पारिवारिक आय सीमित है।
रायगढ़ के जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया —
“छात्रवृत्ति की अंतिम तिथि बढ़ने से जिले के ग्रामीण इलाकों के लगभग 700 से अधिक विद्यार्थी अब आवेदन कर सकेंगे। यह उनके लिए बड़ी राहत है।”
इस योजना से न केवल आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि छात्रों का मनोबल भी बढ़ेगा और वे अपने सपनों की पढ़ाई जारी रख सकेंगे।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन करते समय छात्रों को निम्न दस्तावेज अपलोड करने होंगे:
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आधार कार्ड
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12वीं की मार्कशीट
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परिवार की आय प्रमाण पत्र (तेहसील कार्यालय द्वारा जारी)
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बैंक पासबुक की कॉपी
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कॉलेज/विश्वविद्यालय का प्रवेश प्रमाण पत्र
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पासपोर्ट आकार की हाल की फोटो
चयन प्रक्रिया
छात्रों का चयन निम्न मानदंडों के आधार पर किया जाता है:
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कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार होती है।
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पात्र छात्रों की सूची NSP पोर्टल पर जारी की जाती है।
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चयनित छात्रों को राशि सीधे उनके बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है।
योजना के लाभ
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उच्च शिक्षा की आर्थिक बाधा दूर होती है।
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छात्रवृत्ति से ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को लाभ मिलता है।
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छात्र आत्मनिर्भर बनते हैं और अपने क्षेत्र में उदाहरण स्थापित करते हैं।
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लड़कियों की शिक्षा दर बढ़ती है।
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भारत में उच्च शिक्षा की पहुंच (Accessibility) में सुधार होता है।
सरकार की नई पहल
शिक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि इस योजना को 2025 में और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
अब छात्रवृत्ति की स्थिति को “MyScheme” पोर्टल से सीधे ट्रैक किया जा सकेगा।
साथ ही, प्रत्येक विश्वविद्यालय को यह सुनिश्चित करना होगा कि पात्र छात्रों को आवेदन में किसी तरह की तकनीकी दिक्कत न आए।
विशेषज्ञों की राय
शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. आर.के. मिश्रा का कहना है –
“प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि एक सामाजिक बदलाव का माध्यम है। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के बच्चों को उच्च शिक्षा का वास्तविक अवसर मिलता है।”
भविष्य की संभावनाएँ
सरकार का लक्ष्य है कि अगले पाँच वर्षों में इस योजना के माध्यम से कम से कम 25 लाख विद्यार्थियों को सहायता दी जाए।
योजना में AI, Data Science, Skill Development, और Vocational Education से जुड़ी डिग्रियों को भी शामिल करने की तैयारी चल रही है।
प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना (PM-USP CSSS) देश के लाखों छात्रों के लिए वरदान साबित हो रही है।
आवेदन की अंतिम तिथि बढ़कर 15 नवंबर 2025 होना उन विद्यार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो अब तक आवेदन नहीं कर पाए थे।
रायगढ़ और पूरे छत्तीसगढ़ में यह योजना शिक्षा समानता और अवसर विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
हर योग्य विद्यार्थी को चाहिए कि वे इस अवसर का लाभ उठाएँ और देश के निर्माण में योगदान दें।
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