रायगढ़ में सास और दामाद की हत्या – दिल दहला देने वाली वारदात

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में 4 अक्टूबर 2025 को एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। सास और दामाद की बेरहमी से हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि मुआवजे की राशि (compensation money) को लेकर पारिवारिक विवाद इस हत्या की मुख्य वजह रही। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि समाज में पारिवारिक रिश्तों और लालच की कड़वी सच्चाई को भी उजागर करती है।सास और दामाद की हत्या
रायगढ़ जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहाँ सास और दामाद की गला दबाकर हत्या की गई। मुआवजे की राशि विवाद को हत्या की वजह माना जा रहा है। Navbharat Times
घटना का विवरण

रायगढ़ जिले के एक गांव में यह दर्दनाक घटना घटी। बताया जाता है कि मृतक दामाद और सास के बीच रिश्ते सामान्य थे, लेकिन परिवार के भीतर ज़मीन अधिग्रहण और मुआवजा राशि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
-
दोनों मृतकों के शव उनके ही घर के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए।
-
गला दबाकर हत्या करने की बात प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुई।
-
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
यह वारदात इतनी निर्मम थी कि गांव के लोग भयभीत हो गए और ग्रामीणों ने इसे समाज के लिए शर्मनाक बताया।
हत्या के पीछे की वजह
पुलिस की जांच और परिवार के अन्य सदस्यों के बयान से जो बातें सामने आईं, वे इस प्रकार हैं –
-
मुआवजा राशि का विवाद – हाल ही में ज़मीन अधिग्रहण के बदले परिवार को बड़ी राशि मिली थी। इसी राशि के बंटवारे को लेकर आपसी खींचतान जारी थी।
-
पारिवारिक रंजिश – परिवार के कुछ सदस्य इस बात से असंतुष्ट थे कि मुआवजे की राशि का बड़ा हिस्सा सास और दामाद को मिला।
-
योजना बनाकर हत्या – पुलिस को संदेह है कि हत्या पूर्वनियोजित थी, और गला दबाकर दोनों को खत्म कर दिया गया।
पुलिस जांच और कार्रवाई
-
पुलिस ने मामला दर्ज कर कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
-
फॉरेंसिक रिपोर्ट में गला दबाने के निशान साफ पाए गए।
-
गांव के कई लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि हत्या की असली वजह और आरोपियों की भूमिका सामने आ सके।
-
पुलिस का मानना है कि पारिवारिक सदस्यों की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता।
रायगढ़ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि “हम घटना की हर पहलू से जांच कर रहे हैं। जल्द ही आरोपियों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।”
गांव और समाज की प्रतिक्रिया
यह घटना पूरे गांव के लिए सदमे की तरह थी।
-
ग्रामीणों ने इसे परिवारिक रिश्तों की दरार और पैसे के लालच का नतीजा बताया।
-
महिलाओं ने कहा कि अगर परिवार के भीतर आपसी संवाद और समझदारी होती तो शायद ऐसी नौबत नहीं आती।
-
कुछ लोगों ने इसे प्रशासन की लापरवाही बताया कि मुआवजे की राशि बांटने की स्पष्ट व्यवस्था न होने से विवाद गहराया।
कानूनी पहलू
भारतीय दंड संहिता (IPC) के अनुसार
-
धारा 302 – हत्या का अपराध (फांसी या आजीवन कारावास)।
-
धारा 34 – सामूहिक रूप से अपराध करना।
-
यदि यह सिद्ध हो जाता है कि परिवार के अन्य सदस्यों ने हत्या की साजिश रची, तो उन पर धारा 120B (आपराधिक षड्यंत्र) भी लग सकती है।
सामाजिक और मनोवैज्ञानिक पहलू
यह वारदात हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि –
-
रिश्तों से बड़ा पैसा?
क्या पैसा और संपत्ति रिश्तों को निगल रहे हैं? सास और दामाद जैसे करीबी रिश्तों में भी जब विश्वास और प्रेम की जगह लालच ले ले, तो परिणाम इतना भयानक हो सकता है। -
मनोवैज्ञानिक दबाव
परिवारों में मुआवजा या संपत्ति के बंटवारे का विवाद अक्सर तनाव, अविश्वास और रंजिश को जन्म देता है। धीरे-धीरे यही तनाव हिंसा में बदल जाता है। -
गांव का सामाजिक ताना-बाना
इस घटना ने पूरे गांव में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया। लोग अब परिवारिक विवादों को लेकर ज्यादा सतर्क होने लगे हैं।
रायगढ़ जिले में अपराध की स्थिति
रायगढ़ जिले में पिछले कुछ वर्षों में पारिवारिक विवादों और संपत्ति को लेकर हत्या के मामले सामने आते रहे हैं।
-
पुलिस रिकॉर्ड बताता है कि 2022 से 2025 के बीच पारिवारिक विवाद से जुड़ी हत्याओं में 15% की बढ़ोतरी हुई है।
-
ग्रामीण क्षेत्रों में मुआवजे की राशि या ज़मीन बंटवारे को लेकर झगड़े अधिक देखने को मिल रहे हैं।
यह आँकड़े इस बात का संकेत हैं कि प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर ऐसे विवादों का समाधान निकालना होगा।
प्रशासन और सरकार की भूमिका
इस घटना ने सरकार और प्रशासन की ज़िम्मेदारी को भी उजागर किया है।
-
मुआवजा वितरण में पारदर्शिता और निष्पक्षता जरूरी है।
-
ग्रामीणों को कानूनी सहायता और काउंसलिंग उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
-
पंचायत स्तर पर मध्यस्थता समिति (Mediation Committee) बनाई जाए, जो विवादों को सुलझाने में मदद करे।
रायगढ़ जिले में सास और दामाद की हत्या केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि समाज के लिए गहरी सीख है। यह हमें बताती है कि पारिवारिक विवाद, लालच और अविश्वास किस तरह रिश्तों को खत्म कर सकता है और इंसान को हैवान बना सकता है।
हमें यह समझना होगा कि पैसे से बड़ा कोई रिश्ता नहीं होता। अगर परिवार के भीतर बातचीत, समझदारी और कानून का सहारा लिया जाए, तो शायद ऐसे खूनखराबे से बचा जा सकता है।
Next –
