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रायगढ़ बैंक से 70 हज़ार रुपये निकालने के बाद लूट, जानें पूरी कहानी

रायगढ़ लूटकांड बैंक से पैसे निकालकर लौट रहे व्यक्ति से 70 हजार की लूट, पुलिस अलर्ट पर

रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति से 70 हज़ार रुपये की लूट का मामला सामने आया है। पीड़ित व्यक्ति ने बैंक से नकद निकासी के बाद जैसे ही घर की ओर कदम बढ़ाए, वैसे ही दो बाइक सवार बदमाशों ने झपट्टा मारकर थैला छीन लिया और फरार हो गए।
यह वारदात दिनदहाड़े हुई, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और पुलिस-प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।

एक व्यक्ति बैंक से 70 हज़ार रुपये निकाल कर घर जा रहा था, तभी रास्ते में बाइक सवार दो बदमाशों ने उसका थैला हाथ से छीनकर फरार हो गए। मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामला आगे बढ़ा लिया है। Amar Ujala


घटना का पूरा विवरण

समय और स्थान

घटना गुरुवार दोपहर लगभग 1 बजे की बताई जा रही है। पीड़ित व्यक्ति पास के स्टेट बैंक शाखा से पैसे निकालकर अपने घर की ओर लौट रहा था। जैसे ही वह लैलूंगा-बासेन मार्ग पर पहुँचा, पीछे से आई एक बिना नंबर प्लेट की बाइक उसके पास आकर रुकी।

बदमाशों की चालाकी

बाइक पर दो युवक सवार थे — दोनों ने हेलमेट पहन रखा था जिससे उनकी पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई।
पीड़ित को पहले उन्होंने रास्ता पूछने के बहाने रोका और कुछ सेकंड के भीतर थैला छीनकर फरार हो गए। थैले में ₹70,000 नकद, एटीएम कार्ड और कुछ दस्तावेज थे।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

लूट की सूचना मिलते ही लैलूंगा पुलिस मौके पर पहुंची।
थाना प्रभारी अशोक प्रधान के नेतृत्व में टीम ने तुरंत आस-पास के क्षेत्रों में नाकेबंदी कराई। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जिससे आरोपियों की पहचान की जा सके।

पुलिस ने बताया कि “प्राथमिक जांच में यह घटना पूर्व-नियोजित लगती है।”
संभावना जताई जा रही है कि बदमाशों ने पीड़ित को बैंक से बाहर निकलते समय ही देख लिया था और उसका पीछा किया।


स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

राहगीरों की गवाही

कुछ स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि उन्होंने बाइक को तेज गति से भागते देखा था। एक व्यक्ति ने बताया कि बाइक काले रंग की पल्सर थी और दोनों युवक हेलमेट में थे।
लोगों ने यह भी कहा कि इलाके में पिछले कुछ दिनों से असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ी है।

लोगों में भय का माहौल

घटना के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर असुरक्षा की भावना पनप गई है।
कई लोगों ने कहा कि बैंक से पैसे निकालने वालों की कोई निगरानी प्रणाली नहीं है। कुछ लोगों ने बैंक से बाहर पुलिस पेट्रोलिंग की कमी की शिकायत भी की।


संभावित कारण और पैटर्न

  1. नकद लेन-देन की आदत
    छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी लोग डिजिटल पेमेंट की बजाय नकद लेन-देन को प्राथमिकता देते हैं।
    इससे अपराधियों को मौका मिलता है कि वे ऐसे लोगों को निशाना बनाएं।

  2. बैंक-से-घर तक सुरक्षा अभाव
    बैंक में सुरक्षा होती है, लेकिन बैंक से बाहर निकलने के बाद व्यक्ति पूरी तरह असुरक्षित रहता है।
    अक्सर अपराधी बैंक के बाहर निगरानी करते हैं और बड़े लेन-देन वाले लोगों का पीछा करते हैं।

  3. संगठित गिरोह की सक्रियता
    रायगढ़, जशपुर और सरगुजा क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों से झपटमार गिरोहों की सक्रियता बढ़ी है।
    पुलिस ने पहले भी कई बार ऐसे गिरोह पकड़े हैं जो झारखंड-ओडिशा सीमा से आते हैं।


सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह

 1. बैंक से निकासी के बाद सावधानी बरतें

 2. सीसीटीवी और सुरक्षा-गश्त

 3. डिजिटल ट्रांजेक्शन अपनाएं


पुलिस जांच की मौजूदा स्थिति


रायगढ़ में हाल के समान मामले

तिथि स्थान घटना परिणाम
सितम्बर 2025 चक्रधर नगर महिला से 25 हज़ार रुपये की झपटमारी आरोपी गिरफ्तार
अक्टूबर 2025 कोसमनारा बुजुर्ग से 50 हज़ार की ठगी मामला दर्ज
नवंबर 2025 लैलूंगा 70 हज़ार की लूट जांच जारी

यह दर्शाता है कि रायगढ़ में झपटमारी और ठगी के मामलों में वृद्धि हो रही है।


प्रशासन की प्रतिक्रिया

एसपी रायगढ़ का बयान

“घटना के बाद जिले भर में बैंक के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाई गई है।
हम लोगों से अपील करते हैं कि बड़ी रकम निकालते समय बैंक-गार्ड या पुलिस हेल्पलाइन को सूचित करें।”

पुलिस हेल्पलाइन नंबर


सामाजिक-मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण

ऐसी घटनाएँ केवल आर्थिक नुकसान नहीं पहुँचातीं बल्कि लोगों में भय और अविश्वास का वातावरण भी पैदा करती हैं।
एक व्यक्ति की मेहनत की कमाई पलभर में छिन जाने से समाज में असुरक्षा की भावना फैलती है।
ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में जहां लोग एक-दूसरे को पहचानते हैं, वहाँ इस तरह की घटनाएँ सामाजिक रिश्तों पर भी असर डालती हैं।


स्थानीय प्रतिनिधियों की मांग

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि —

जनजागरूकता अभियान की जरूरत

रायगढ़ प्रशासन को चाहिए कि वह ग्रामीण क्षेत्रों में “सुरक्षित बैंकिंग अभियान” चलाए —
जिसमें लोगों को यह सिखाया जाए कि पैसे निकालने, जमा करने और डिजिटल पेमेंट करते समय कौन-सी सावधानियाँ रखनी चाहिए।
इससे अपराधियों के लिए मौके कम होंगे और नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी।

रायगढ़ में हुई 70 हज़ार की लूट कोई साधारण घटना नहीं है —
यह उस चुनौती की याद दिलाती है जो नकद आधारित अर्थव्यवस्था में अक्सर सामने आती है।
जब तक नागरिक सतर्क नहीं रहेंगे और प्रशासन निगरानी को मजबूत नहीं करेगा,
ऐसे अपराधों को रोकना कठिन रहेगा।

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