रायगढ़ धान खरीदी 2025 18 लाख 33 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीदी

रायगढ़ में ऐतिहासिक धान खरीदी अब तक 18 लाख 33 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीदी, किसानों को बड़ी राहत

किसानों की मेहनत को मिल रहा सम्मान

छत्तीसगढ़ को देश का धान का कटोरा कहा जाता है और इस पहचान को मजबूत करने में रायगढ़ जिले का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। खरीफ विपणन वर्ष के दौरान रायगढ़ में धान खरीदी ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिले में अब तक 18 लाख 33 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीदी हो चुकी है, जो न केवल प्रशासनिक व्यवस्था की सफलता को दर्शाता है, बल्कि किसानों के भरोसे और मेहनत का भी प्रमाण है।

धान खरीदी का यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि जिले के किसान बड़े पैमाने पर शासन की योजनाओं से जुड़ रहे हैं और उन्हें समय पर अपनी उपज बेचने का अवसर मिल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के किसान-हितैषी विजन और स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप रायगढ़ जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभियान प्रभावी, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है।

कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिला प्रशासन किसानों को त्वरित सुविधा, समय पर भुगतान और व्यवस्था की पारदर्शिता सुनिश्चित करने लगातार सक्रिय है। जिले में 24 दिसंबर की स्थिति में अब तक 31 हजार 164 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान विक्रय कर शासन की योजनाओं का लाभ उठाया है। अब तक जिले में कुल 18 लाख 33 हजार 628.80 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है।

उपार्जन केन्द्रों में जाम की स्थिति निर्मित न हो इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा धान के उठाव कार्य भी तेजी से जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक कुल खरीदे गए धान में से 92882.6 मे.टन धान का डीओ जारी कर 66605.3 मे.टन धान का उठाव किया जा चुका है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के एवज में किसानों को 38 हजार 657.08 लाख रुपए (लगभग 386.57 करोड़ रुपए) का भुगतान किया गया है।

समयबद्ध भुगतान से किसानों में संतोष का वातावरण है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। जिले में अब तक 16 हजार 768 कृषकों द्वारा कुल 1 हजार 767.57 हेक्टेयर कृषि रकबा समर्पित किया गया है। यह प्रक्रिया शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है।Navbharat Times

अवैध धान भंडारण व परिवहन पर सख्ती, सीमा क्षेत्रों में मैदानी अमला मुस्तैद
धान के अवैध परिवहन एवं भंडारण पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। विशेष रूप से अंतरजिला एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में मैदानी अमला लगातार निगरानी कर रहा है। अब तक कुल 140 प्रकरणों में कार्यवाही करते हुए 37 हजार 704.60 क्विंटल धान जब्त किया गया है।

इस सख्त कार्रवाई से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि समर्थन मूल्य प्रणाली का दुरुपयोग न हो और वास्तविक किसानों को ही योजना का लाभ मिले। जिला प्रशासन द्वारा धान खरीदी अभियान की निरंतर समीक्षा की जा रही है, ताकि शेष किसानों को भी निर्बाध सुविधा, पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।


धान खरीदी अभियान का उद्देश्य

धान खरीदी अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी फसल का उचित समर्थन मूल्य (MSP) दिलाना, बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है। शासन द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सुनियोजित तरीके से खरीदी केंद्रों का संचालन किया गया।

इस अभियान के जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि:

  • किसानों को फसल का सही दाम मिले

  • समय पर भुगतान हो

  • धान की गुणवत्ता का परीक्षण किया जाए

  • पारदर्शी व्यवस्था के तहत खरीदी हो


रायगढ़ जिले में धान खरीदी की स्थिति

रायगढ़ जिले में इस वर्ष धान खरीदी की रफ्तार काफी तेज रही है।
अब तक 18 लाख 33 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीदी हो चुकी है, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

इसका कारण:

  • अनुकूल मौसम

  • बेहतर उत्पादन

  • शासन की सक्रिय भूमिका

  • किसानों में बढ़ता विश्वास

ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरी सीमाओं तक, किसान बड़ी संख्या में धान खरीदी केंद्रों तक पहुंच रहे हैं।


खरीदी केंद्रों की व्यवस्था

जिले में धान खरीदी के लिए कई उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं:

  • पर्याप्त बारदाना की उपलब्धता

  • तौल कांटों की सही व्यवस्था

  • धान सुखाने के लिए खुला स्थान

  • किसानों के बैठने और पीने के पानी की सुविधा

  • धान की गुणवत्ता जांच के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी

प्रशासन द्वारा यह भी ध्यान रखा गया कि किसानों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।


किसानों को मिल रहा सीधा लाभ

धान खरीदी से रायगढ़ जिले के हजारों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।
इस योजना के अंतर्गत:

  • किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने का अवसर

  • भुगतान सीधे बैंक खाते में

  • बिचौलियों से मुक्ति

  • आर्थिक सुरक्षा

कई किसानों का कहना है कि समय पर भुगतान मिलने से वे:

  • कर्ज चुका पा रहे हैं

  • बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठा पा रहे हैं

  • खेती में फिर से निवेश कर पा रहे हैं


भुगतान व्यवस्था: पारदर्शिता की मिसाल

धान खरीदी के बाद भुगतान की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है।
खरीदी के बाद निर्धारित समय सीमा में किसानों के बैंक खातों में राशि जमा की जा रही है।

इससे:

  • भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई

  • किसानों का भरोसा बढ़ा

  • शिकायतों में कमी आई


प्रशासन की सक्रिय भूमिका

रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा धान खरीदी को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारी:

  • नियमित निरीक्षण कर रहे हैं

  • किसानों से संवाद कर रहे हैं

  • समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहे हैं

इसका परिणाम यह है कि खरीदी प्रक्रिया अपेक्षाकृत सुचारु और व्यवस्थित बनी हुई है।


धान खरीदी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था

18 लाख 33 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीदी का असर केवल किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

इससे:

  • गांवों में नकदी का प्रवाह बढ़ा

  • छोटे व्यापारियों को फायदा

  • कृषि आधारित रोजगार में वृद्धि

  • स्थानीय बाजारों में रौनक

धान खरीदी ग्रामीण विकास की रीढ़ साबित हो रही है।


महिला किसानों और स्व-सहायता समूहों की भागीदारी

इस अभियान में महिला किसानों और स्व-सहायता समूहों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही है।
कई खरीदी केंद्रों पर:

  • महिला समितियां संचालन में सक्रिय

  • तौल, रिकॉर्ड और व्यवस्था में सहयोग

  • रोजगार के अवसर

यह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।


गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान

धान खरीदी के दौरान गुणवत्ता को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
नियमों के अनुसार:

  • नमी की जांच

  • टूटे दानों की सीमा

  • साफ-सफाई

इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मानक के अनुरूप ही धान का उपार्जन हो।


किसानों की चुनौतियां और समाधान

हालांकि खरीदी प्रक्रिया सफल रही है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी सामने आईं:

  • शुरुआती दिनों में भीड़

  • मौसम के कारण धान सुखाने में परेशानी

  • कुछ तकनीकी समस्याएं

प्रशासन द्वारा इन समस्याओं का समाधान:

  • अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती

  • केंद्रों के समय में लचीलापन

  • तकनीकी सहायता


पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन

यदि पिछले वर्षों की तुलना की जाए तो इस वर्ष रायगढ़ जिले में धान खरीदी का आंकड़ा अधिक रहा है।
इसका श्रेय:

  • बेहतर नीतियों

  • किसानों की जागरूकता

  • प्रशासनिक दक्षता

को जाता है।


भविष्य की योजनाएं

प्रशासन द्वारा आने वाले समय में:

  • खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाने

  • डिजिटल सुविधाओं को और मजबूत करने

  • किसानों को प्रशिक्षण देने

की योजना है, ताकि धान खरीदी और अधिक सुगम हो सके।


किसानों की प्रतिक्रिया

कई किसानों ने इस अभियान को सफल बताते हुए कहा कि:

  • “समय पर खरीदी से राहत मिली”

  • “सरकार की व्यवस्था पहले से बेहतर है”

  • “अब खेती में मनोबल बढ़ा है”


 रायगढ़ के लिए गौरव का विषय

रायगढ़ जिले में अब तक 18 लाख 33 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीदी होना न केवल एक आंकड़ा है, बल्कि यह किसानों की मेहनत, शासन की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक कुशलता का प्रतीक है।

यह उपलब्धि:

  • किसानों को आर्थिक मजबूती देती है

  • जिले की पहचान को मजबूत करती है

  • ग्रामीण विकास को नई दिशा देती है

आने वाले वर्षों में यदि इसी प्रकार योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता रहा, तो रायगढ़ जिला धान उत्पादन और खरीदी में नई ऊंचाइयों को छुएगा।

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