प्रतिष्ठित बडालिया परिवार की बड़ी बहू का स्वर्गवास रायगढ़ में शोक की लहर

रायगढ़ शहर की सामाजिक और व्यावसायिक दुनिया में अपनी अलग पहचान रखने वाले बडालिया परिवार में उस समय गहरा शोक छा गया जब परिवार की बड़ी बहू का आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई। शहर के व्यापारी वर्ग, समाजसेवी संस्थाएँ और जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
बडालिया परिवार न केवल रायगढ़ बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में सामाजिक कार्यों, धार्मिक आयोजनों और व्यापारिक प्रतिष्ठा के लिए जाना जाता है। ऐसे में बड़ी बहू का अचानक निधन पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति के रूप में देखा जा रहा है।

प्रतिष्ठित बडालिया परिवार की बड़ी बहू का स्वर्गवास — इतवारी बाजार शहीद चौक स्थित व्यवसायी परिवार से जुड़ी खबर। Kelo Pravah
घटना का संक्षिप्त विवरण (Incident Overview)

जानकारी के अनुसार, बडालिया परिवार की बड़ी बहू, श्रीमती सविता देवी बडालिया (आयु लगभग 58 वर्ष) का निधन देर रात उनके निवास स्थान देवी मंदिर रोड, रायगढ़ में हुआ। बताया जा रहा है कि वे बीते कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जूझ रही थीं। देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उनके निधन की पुष्टि होते ही परिवार सहित पूरे मोहल्ले में शोक की लहर छा गई। सुबह से ही लोगों का तांता उनके घर पर लग गया। हर कोई परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने पहुँचा।
बडालिया परिवार का परिचय (About the Badalia Family)
रायगढ़ का बडालिया परिवार शहर के प्रमुख व्यवसायिक एवं सामाजिक परिवारों में से एक माना जाता है। परिवार वर्षों से कपड़ा व्यापार, समाजसेवा और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है।
श्रीमती सविता देवी, बडालिया परिवार के मुखिया श्री शंकरलाल बडालिया की बड़ी पुत्रवधू थीं। वे अपने सौम्य स्वभाव, सामाजिक सेवा और धार्मिक आस्था के लिए पूरे रायगढ़ में जानी जाती थीं।
परिवार के लोग सामाजिक आयोजनों में हमेशा आगे रहते हैं — मंदिर निर्माण, गरीब कन्याओं के विवाह, और जरूरतमंदों की सहायता में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।
श्रीमती सविता देवी स्वयं भी कई महिला मंडलों और सेवा समूहों से जुड़ी रहीं।
समाज में उनकी भूमिका (Her Role in Society)
स्वर्गीय सविता देवी बडालिया न केवल अपने परिवार की धुरी थीं बल्कि समाज में एक प्रेरणास्रोत भी थीं।
वे वर्षों से रायगढ़ के शिवशक्ति महिला मंडल और जैन महिला समिति से जुड़ी थीं और कई सामाजिक अभियानों में उन्होंने सक्रिय भागीदारी निभाई थी।
उनका शांत स्वभाव, विनम्रता और सभी वर्गों से सौहार्दपूर्ण संबंध उन्हें एक आदर्श महिला बनाता था।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि वे हमेशा हर सामाजिक कार्य में आगे रहती थीं — चाहे किसी गरीब बच्ची की पढ़ाई का खर्च उठाना हो या किसी धार्मिक आयोजन में सहयोग देना।
अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि सभा
उनका अंतिम संस्कार आज सुबह रायगढ़ मुक्तिधाम में पूरे सम्मान के साथ किया गया।
अंतिम यात्रा में शहर के गणमान्य नागरिक, व्यापारी वर्ग, सामाजिक संस्थाओं के सदस्य और बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए।
शहर के विधायक, महापौर, और कई प्रशासनिक अधिकारी भी श्रद्धांजलि देने पहुँचे।
दोपहर में बडालिया भवन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जहाँ शहर के सैकड़ों लोगों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए मौन रखा।
शहरवासियों की प्रतिक्रियाएँ (Public Reactions)
बडालिया परिवार के करीबी मित्रों और शहरवासियों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।
व्यापारी संघ रायगढ़ के अध्यक्ष ने कहा —
“सविता देवी जी समाज के हर वर्ग के लिए मददगार रहीं। उनके जाने से रायगढ़ की सामाजिक भावना को गहरा आघात पहुँचा है।”
जैन समाज रायगढ़ के सदस्य ने कहा —
“वे हमारी बहनों जैसी थीं। हर आयोजन में उनकी मुस्कान और सहयोग से माहौल आत्मीय बनता था। आज पूरा समाज शोक में डूबा है।”
उनका व्यक्तित्व और जीवन दर्शन (Her Life & Values)
सविता देवी का जीवन सादगी, सेवा और श्रद्धा का प्रतीक रहा।
उन्होंने हमेशा अपने परिवार को एकजुट रखा और घर-परिवार के साथ समाज को भी परिवार की तरह संभाला।
उनका मानना था कि “सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है”, और उन्होंने यह सिद्धांत अपने जीवन में अपनाया।
वे धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं और रोज़ाना पूजा-पाठ, सत्संग और सामूहिक भजन में भाग लेती थीं।
उनकी दिनचर्या में आध्यात्मिकता और सेवा भाव का अद्भुत संगम देखने को मिलता था।
परिवार के सदस्य और रिश्ते
स्वर्गीय सविता देवी के परिवार में पति श्री मनोहरलाल बडालिया, दो पुत्र — राजेश बडालिया और संजय बडालिया, बहुएँ और पोते-पोती शामिल हैं।
पूरा परिवार व्यवसाय और समाजसेवा से जुड़ा हुआ है।
उनके निधन से परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है।
सभी सदस्य उनके साथ बिताए पलों को याद कर भावुक हो उठे।
सांत्वना संदेश (Condolences & Tributes)
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रायगढ़ विधायक ने ट्वीट किया:
“बडालिया परिवार की बड़ी बहू श्रीमती सविता देवी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस गहरे दुःख को सहने की शक्ति दें।”
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जिला कलेक्टर रायगढ़ ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा:
“वे समाजसेवा के लिए हमेशा तत्पर रहीं। उनका जाना एक अपूरणीय क्षति है।”
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महिला मंडल रायगढ़ ने अपनी श्रद्धांजलि में लिखा:
“वे हर महिला के लिए प्रेरणा थीं — संयम, स्नेह और सेवा की प्रतिमूर्ति।”
सामाजिक योगदान (Social Contributions)
सविता देवी का जीवन केवल गृहस्थी तक सीमित नहीं था।
उन्होंने अनेक सामाजिक अभियानों में भाग लिया, जैसे—
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अनाथ बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता
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महिला स्वावलंबन कार्यक्रम
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धार्मिक यात्राओं का आयोजन
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जरूरतमंदों के लिए स्वास्थ्य शिविर
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वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान
उनके योगदान को याद करते हुए “स्नेह सेवा समिति” ने घोषणा की है कि उनके नाम पर एक महिला छात्रवृत्ति योजना शुरू की जाएगी।
भावनात्मक विदाई (Emotional Farewell)
जब अंतिम यात्रा निकली तो पूरा शहर नम आँखों से विदा कर रहा था।
महिलाएँ उनके लिए भजन गा रही थीं, पुरुष हाथ जोड़े खड़े थे, और वातावरण भावुक हो उठा।
हर कोई यही कह रहा था —
“ऐसे लोग बार-बार नहीं मिलते।”
उनके जाने से न केवल परिवार, बल्कि पूरा रायगढ़ शहर अपने एक मार्गदर्शक, संरक्षक और स्नेहमयी महिला को खो बैठा है।
बडालिया परिवार की बड़ी बहू श्रीमती सविता देवी का स्वर्गवास एक युगांत की तरह महसूस किया जा रहा है।
उन्होंने अपने जीवन में जो संस्कार, संयम और सेवा का उदाहरण दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहेगा।
उनका जाना समाज की उस भावना को झकझोरता है, जो प्रेम, आदर और सहयोग पर आधारित है।
रायगढ़ जैसे शहर में, जहाँ पारिवारिक और सामाजिक जुड़ाव मजबूत है, वहाँ उनका स्थान कोई नहीं ले सकता।
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