अवैध खनन एवं परिवहन पर कड़ी कार्रवाई, 31 वाहन जप्त
राज्य में अवैध खनन और खनिजों के गैरकानूनी परिवहन पर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। लगातार मिल रही शिकायतों और पर्यावरण को हो रहे भारी नुकसान को देखते हुए खनन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत 31 वाहनों को जप्त किया गया है, जो बिना वैध अनुमति के खनिजों का उत्खनन एवं परिवहन कर रहे थे। इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध खनिज विभाग द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला खनिज अमला रायगढ़ द्वारा विगत एक सप्ताह के दौरान सघन अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान 31 अवैध परिवहन के प्रकरणों में खनिज रेत के 27 ट्रैक्टर एवं 1 हाईवा, निम्न श्रेणी चूनापत्थर के 2 हाईवा तथा बोल्डर परिवहन में संलिप्त 1 ट्रैक्टर को जप्त किया गया।
इस प्रकार कुल 31 वाहनों को जप्त कर कलेक्ट्रेट परिसर, थाना खरसिया एवं रैरूमाचौकी में सुरक्षार्थ रखा गया है। खनिज मुरूम एवं मिट्टी के अवैध उत्खनन एवं परिवहन की लगातार प्राप्त शिकायतों पर कलेक्टर के निर्देशानुसार 02 जनवरी की रात्रि में ग्राम पंचायत संबलपुरी तहसील रायगढ़ में खनिज अमले द्वारा आकस्मिक जांच की गई।
जांच के दौरान मौके पर एक जेसीबी एवं तीन टिपर वाहनों के माध्यम से खनिज मुरूम का अवैध उत्खनन एवं परिवहन किया जाना पाया गया। जांच के दौरान वाहन चालक के कथनानुसार उक्त अवैध उत्खनन कार्य रायगढ़ निवासी हरिओम अग्रवाल द्वारा कराया जाना बताया गया। प्रकरण में संलिप्त सभी वाहनों को जप्त कर कलेक्ट्रेट परिसर रायगढ़ में सुरक्षार्थ रखा गया है। जिला खनिज अधिकारी रामाकांत सोनी ने बताया कि अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71 तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 एवं 23(क) के तहत प्रकरण दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
31 अवैध खनन: एक गंभीर समस्या
अवैध खनन केवल सरकारी राजस्व की हानि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण, जलस्तर, कृषि भूमि और आमजन के जीवन पर भी गहरा असर डालता है। नदियों से अवैध रेत खनन, पहाड़ों से गिट्टी-पत्थर की चोरी और बिना अनुमति खनिज परिवहन ने कई इलाकों में हालात भयावह बना दिए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध खनन के कारण:
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भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है
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नदी-नालों का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है
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खेतों की उपजाऊ मिट्टी नष्ट हो रही है
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सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए प्रशासन ने अब सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।
प्रशासन की संयुक्त छापेमारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खनन विभाग को लगातार सूचना मिल रही थी कि कुछ क्षेत्रों में रात के अंधेरे में 31 अवैध खनन और परिवहन किया जा रहा है। इसके बाद जिला प्रशासन ने विशेष टीम गठित कर अचानक छापेमारी की।
इस संयुक्त कार्रवाई में:
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खनन विभाग
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राजस्व विभाग
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परिवहन विभाग
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पुलिस प्रशासन
की टीमें शामिल रहीं। कार्रवाई पूरी तरह योजनाबद्ध थी ताकि किसी को पहले से भनक न लगे।
31 वाहन किए गए जप्त
छापेमारी के दौरान कुल 31 वाहनों को जप्त किया गया, जिनमें शामिल हैं:
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हाईवा
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ट्रैक्टर-ट्रॉली
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ट्रक
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पिकअप वाहन
इन सभी वाहनों का उपयोग अवैध रूप से रेत, गिट्टी, मुरुम और अन्य खनिजों के परिवहन में किया जा रहा था। कई वाहन बिना रॉयल्टी पर्ची और वैध दस्तावेजों के पाए गए।
कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया
प्रशासन ने जप्त किए गए सभी वाहनों को थाने एवं खनिज विभाग परिसर में सुरक्षित रखा है। संबंधित वाहन मालिकों के खिलाफ:
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छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम
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खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम
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मोटर व्हीकल एक्ट
के तहत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही भारी जुर्माना लगाने और मामलों को न्यायालय में प्रस्तुत करने की तैयारी भी की जा रही है।
खनन माफियाओं में हड़कंप
इस सख्त कार्रवाई के बाद खनन माफियाओं में भारी डर का माहौल है। कई वाहन चालक मौके से फरार हो गए, जबकि कुछ को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। प्रशासन का साफ कहना है कि अवैध खनन में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
जिला प्रशासन और खनन अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि:
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अवैध खनन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
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नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगातार कार्रवाई होगी
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पर्यावरण संरक्षण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और आने वाले दिनों में और भी बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता से अपील
प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं 31अवैध खनन या परिवहन होता दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग या पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम
यह कार्रवाई केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है। अवैध खनन से नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाता है और आने वाली पीढ़ियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।
भविष्य में और सख्ती की तैयारी
प्रशासन अब:
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ड्रोन सर्वे
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नाइट पेट्रोलिंग
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चेक पोस्टों पर कड़ी निगरानी
जैसे उपायों पर भी काम कर रहा है, ताकि अवैध खनन को पूरी तरह रोका जा सके।
अवैध खनन एवं परिवहन के खिलाफ की गई यह बड़ी कार्रवाई प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती है। 31 वाहनों की जप्ती यह स्पष्ट संदेश देती है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। यदि इसी तरह लगातार सख्ती बरती गई, तो निश्चित रूप से अवैध खनन पर अंकुश लगेगा और पर्यावरण की रक्षा हो सकेगी।
यह कार्रवाई न केवल प्रशासन की सफलता है, बल्कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है कि नियमों का पालन करना सभी के हित में है।
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