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परीक्षा पे चर्चा 2026 पालक सहभागिता में देश में प्रथम स्थान पर छत्तीसगढ़ | शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि

परीक्षा पे चर्चा 2026 में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि पालक सहभागिता में देश में प्रथम

देश के विद्यार्थियों के मानसिक, शैक्षणिक और भावनात्मक विकास को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम आज शिक्षा जगत का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। वर्ष 2026 में आयोजित परीक्षा पे चर्चा में छत्तीसगढ़ राज्य ने पालक सहभागिता (Parents Participation) के मामले में पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त कर एक नई मिसाल कायम की है।

यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ में शिक्षा को लेकर पालक, शिक्षक, विद्यार्थी और सरकार सभी एक साझा लक्ष्य की दिशा में काम कर रहे हैं।‘

परीक्षा पे चर्चा’ में पालकों की भागीदारी के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। कुल पंजीयन के मामले में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर चौथे स्थान पर है। बलोदाबाजार जिले में 14,658 तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 9,952 पालकों द्वारा पंजीयन किया गया है, जो इस अभियान के प्रति अभिभावकों की बढ़ती जागरूकता, सहभागिता और विश्वास का स्पष्ट प्रमाण है। यह उपलब्धि केवल संख्यात्मक सफलता नहीं है, बल्कि यह परीक्षा के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव का भी संकेत देती है।

इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे राज्य में अपनाई गई नवाचारपूर्ण रणनीतियाँ महत्वपूर्ण रही हैं। जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों के माध्यम से अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की गई, शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों पर ऑन-साइट पंजीयन की व्यवस्था की गई तथा युवा क्लब और “अंगना म शिक्षा कार्यक्रम 2026” के माध्यम से समुदाय को बड़े पैमाने पर जोड़ा गया।


परीक्षा पे चर्चा क्या है?

परीक्षा पे चर्चा एक राष्ट्रीय स्तर का संवादात्मक कार्यक्रम है, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में परीक्षा के तनाव को कम करना, उन्हें सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित करना और अभिभावकों व शिक्षकों को बच्चों के प्रति संवेदनशील बनाना है।

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा को तनावमुक्त उत्सव के रूप में मनाने की पहल “परीक्षा पे चर्चा 2026” में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ ने पालकों की भागीदारी में प्रथम स्थान हासिल कर पूरे देश में उदाहरण प्रस्तुत किया है। अब तक छत्तीसगढ़ से 25.16 लाख प्रतिभागियों ने पंजीयन किया है,

जिनमें 22.75 लाख विद्यार्थी, 1.55 लाख शिक्षक और 81,533 पालक शामिल हैं। यह उपलब्धि राज्य में परीक्षा प्रबंधन, समय प्रबंधन, पालकों को अपने बच्चों को परीक्षा में अधिक अंक लाने हेतु अनावश्यक दबाव देने से बचने तथा उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए किए जा रहे सुनियोजित प्रयासों को दर्शाती है।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आयोजित “परीक्षा पे चर्चा मेला 2026” से एक ही दिन में 10,000 से अधिक पंजीयन दर्ज हुए, जबकि इससे पहले प्रतिदिन औसत पंजीयन लगभग 1500 के आसपास था। पिछले प्रयासों के रूप में आयोजित शिक्षक-पालक सम्मेलन और मेगा पीटीएम ने भी अभिभावकों की सजगता और सहभागिता को नई दिशा दी है।

परीक्षा पे चर्चा से जुड़े प्रेरक अनुभव भी लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले वर्ष इस कार्यक्रम में शामिल हुई कु. युक्तामुखी ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस वर्ष अधिक से अधिक विद्यार्थियों से पंजीयन कर अपने प्रश्न पूछने की अपील की है। उनका प्रेरक संदेश विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मविश्वास और सक्रिय सहभागिता की भावना जागृत कर रहा है।

इस कार्यक्रम में:

तीनों वर्ग सक्रिय रूप से भाग लेते हैं और अपने अनुभव, समस्याएं एवं सुझाव साझा करते हैं।


परीक्षा पे चर्चा 2026 की विशेषताएं

वर्ष 2026 का संस्करण कई मायनों में खास रहा। इस बार कार्यक्रम में तकनीक का अधिक उपयोग हुआ, ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों तक पहुंच बनाई गई और विशेष रूप से पालकों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया।

प्रमुख विशेषताएं:


पालक सहभागिता में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम

छत्तीसगढ़ ने परीक्षा पे चर्चा 2026 में पालक सहभागिता के मामले में देश में पहला स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अक्सर शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों में पालकों की भागीदारी अपेक्षाकृत कम रहती है। Kelo Pravah+1

आंकड़ों की झलक:


इस उपलब्धि के पीछे की प्रमुख वजहें

 राज्य सरकार की मजबूत रणनीति

छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी है। परीक्षा पे चर्चा 2026 के लिए:

 शिक्षा विभाग की सक्रिय भूमिका

राज्य शिक्षा विभाग ने:


 शिक्षकों का समर्पण

छत्तीसगढ़ के शिक्षकों ने केवल पढ़ाने तक सीमित न रहकर:


 डिजिटल साक्षरता का विस्तार

राज्य में डिजिटल माध्यमों की पहुंच बढ़ने से:


पालकों की सोच में आया सकारात्मक बदलाव

इस कार्यक्रम के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पालकों में शिक्षा को लेकर एक नई सोच विकसित हुई। अब:


छात्रों पर इसका सकारात्मक प्रभाव

पालकों की बढ़ती सहभागिता का सीधा असर छात्रों पर पड़ा:


ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की भूमिका

छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि में ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही।
पहली बार:


महिला पालकों की सशक्त भागीदारी

परीक्षा पे चर्चा 2026 में छत्तीसगढ़ की एक और बड़ी विशेषता रही:


शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की पहचान मजबूत

इस उपलब्धि से:


भविष्य की दिशा और संभावनाएं

छत्तीसगढ़ की यह सफलता आने वाले वर्षों में:

परीक्षा पे चर्चा 2026 में पालक सहभागिता के मामले में देश में प्रथम स्थान हासिल करना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है।
यह उपलब्धि साबित करती है कि जब सरकार, शिक्षक, पालक और विद्यार्थी एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जीवन निर्माण का माध्यम बन जाती है।

छत्तीसगढ़ ने यह दिखा दिया है कि सशक्त पालक सहभागिता ही सशक्त शिक्षा व्यवस्था की नींव है।

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