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नए साल की खुशियां 1 मातम में बदलीं रायगढ़ में बेकाबू डंपर ने युवक को कुचला, भड़का जनआक्रोश, हुआ चक्का जाम

नए साल की खुशियां 1 मातम में बदलीं रायगढ़ में बेकाबू डंपर ने युवक को कुचला, भड़का जनआक्रोश, हुआ चक्का जाम

नया साल आमतौर पर नई उम्मीदों, खुशियों और सपनों के साथ शुरू होता है, लेकिन रायगढ़ में 1 जनवरी की सुबह एक परिवार के लिए ऐसा दर्द लेकर आई, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। जहां पूरा देश नववर्ष का स्वागत कर रहा था, वहीं रायगढ़ की सड़कों पर एक बेकाबू डंपर ने एक युवक की जान लेकर खुशियों को मातम में बदल दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और देखते ही देखते सड़कों पर चक्का जाम की स्थिति बन गई।Amar Ujala


घटना का पूरा विवरण

जहाँ आज पूरी दुनिया नए साल का स्वागत कर रही थी, खुशियां मना रही थी, वहीं रायगढ़ की सड़कों पर एक बार फिर मातम पसर गया। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में आज एक बेकाबू डंपर ने बाइक सवार तीन युवकों को रौंद दिया। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य दोस्त गंभीर रूप से घायल हैं।
नए साल के पहले ही दिन हुए इस हादसे ने प्रशासन के दावों और यातायात व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

जश्न के बीच मातम की चीखें

जानकारी के मुताबिक, ग्राम लोईंग निवासी केशव मेहर (35 वर्ष) आज अपने दो साथियों के साथ नए साल की किसी योजना या काम से निकले थे। वे इंदिरा नगर से सर्किट हाउस रोड की ओर जा रहे थे, तभी नगर सेना कार्यालय के पास काल बनकर आए एक डंपर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि केशव ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। साल के पहले दिन जिस घर में खुशियां होनी चाहिए थी, वहां अब चीख-पुकार मची है। बताया जा रहा है कि मृतक के पिता पशु विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, जिन्हें नए साल पर यह गहरा जख्म मिला है।

आक्रोशित जनता ने किया चक्काजाम

इस हादसे के बाद रायगढ़वासियों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों के साथ पूर्व विधायक और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उर्दना की ओर से इस मार्ग पर रोजाना भारी वाहनों का परिचालन होता है, जिससे अक्सर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। रफ़्तार पर कोई लगाम नहीं है। लोगों ने मांग की है कि सड़कों पर तुरंत ब्रेकर बनाए जाएं और भारी वाहनों की एंट्री के नियमों को कड़ा किया जाए। पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है और लोगों को शांत कराने की कोशिश कर रही है।

रायगढ़ की सड़कों पर कब थमेगा खून?

बहरहाल यह सवाल पूछना लाजिमी है कि आखिर रायगढ़ की सड़कें कब तक निर्दोषों के खून से लाल होती रहेंगी? क्या त्योहार हो या नया साल, डंपर चालकों की मनमानी कभी कम नहीं होगी? शहर के नगर सेना कार्यालय जैसी जगह पर अगर इतनी तेज रफ़्तार से डंपर चल रहे हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है। प्रशासन को अब कागजी कार्रवाई से ऊपर उठकर कुछ ठोस करना होगा, ताकि अगले किसी विशेष दिन हमें ऐसी दुखद खबरें न लिखनी पड़ें।

यह हादसा रायगढ़ शहर के व्यस्त मार्ग पर उस समय हुआ, जब लोग अपने दैनिक कामों के लिए निकल रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार में आ रहा एक भारी भरकम डंपर अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे जा रहे युवक को अपनी चपेट में ले लिया। डंपर का पहिया युवक के ऊपर चढ़ गया, जिससे मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

हादसे की भयावहता इतनी अधिक थी कि कुछ समय के लिए सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।


मृतक की पहचान और परिवार की स्थिति

मृतक युवक रायगढ़ का ही रहने वाला बताया जा रहा है। वह अपने परिवार का सहारा था और रोज़गार के लिए घर से निकला था। अचानक हुई इस दुर्घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। माता-पिता और अन्य परिजनों का कहना है कि नया साल उनके लिए कभी न भूलने वाला दर्द लेकर आया है।


चालक मौके से फरार

हादसे के तुरंत बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। यह बात लोगों के गुस्से को और भड़काने वाली साबित हुई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भारी वाहनों के चालक अक्सर लापरवाही से वाहन चलाते हैं और दुर्घटना होने पर जिम्मेदारी से बच निकलते हैं।


भड़का जनआक्रोश

हादसे की खबर फैलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जमा हो गए। देखते ही देखते माहौल आक्रोशपूर्ण हो गया। लोगों ने मृतक को न्याय दिलाने और प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ सड़क पर उतरने का फैसला किया।

स्थानीय नागरिकों, परिजनों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर सड़क पर चक्का जाम कर दिया। इसके चलते यातायात पूरी तरह से ठप हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।


चक्का जाम की वजह और मांगें

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें इस प्रकार थीं:

लोगों का कहना था कि रायगढ़ में कोयला, डंपर और भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुरक्षा इंतज़ाम नाकाफी हैं।


प्रशासन और पुलिस की भूमिका

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने-बुझाने की कोशिश की, लेकिन आक्रोश इतना अधिक था कि स्थिति को संभालने में समय लग गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और डंपर को जब्त कर लिया।

प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि आरोपी चालक को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और मृतक के परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। इसके बाद कहीं जाकर चक्का जाम समाप्त हुआ।


रायगढ़ में बढ़ते सड़क हादसे

यह कोई पहला मामला नहीं है। रायगढ़ में पिछले कुछ वर्षों से सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। खासकर भारी वाहनों की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी इन दुर्घटनाओं की मुख्य वजह बनती जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन हर हादसे के बाद आश्वासन देता है, लेकिन जमीनी स्तर पर बदलाव नजर नहीं आता।


भारी वाहनों से आम जनता में डर

डंपर, ट्रक और कोयला परिवहन से जुड़े भारी वाहन शहर की सड़कों पर बेखौफ दौड़ते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालकों के लिए ये वाहन हमेशा खतरा बने रहते हैं। कई इलाकों में नो-एंट्री के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही जारी रहती है।


परिवार का दर्द और सवाल

मृतक के परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने सख्ती दिखाई होती, तो आज उनका बेटा जिंदा होता। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कब तक निर्दोष लोग लापरवाही की भेंट चढ़ते रहेंगे? क्या हर बार किसी की जान जाने के बाद ही नियम सख्त किए जाएंगे?


सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया

इस हादसे के बाद कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय नेताओं ने भी प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि रायगढ़ में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए, न कि अस्थायी कार्रवाई।


नए साल पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

नए साल के मौके पर आमतौर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट रहता है, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा इंतज़ामों की पोल खोल दी। लोग पूछ रहे हैं कि जब प्रशासन पहले से सतर्क रहता है, तो फिर ऐसा हादसा कैसे हो गया?


आगे क्या?

यह हादसा सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे शहर के लिए चेतावनी है। अगर अब भी ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू नहीं किया गया, तो ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।

नए साल की शुरुआत रायगढ़ में एक दर्दनाक हादसे के साथ हुई, जिसने प्रशासन, ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा इंतज़ामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेकाबू डंपर ने एक युवक की जान लेकर न सिर्फ एक परिवार की खुशियां छीनीं, बल्कि पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया।

अब ज़रूरत है कि प्रशासन सिर्फ आश्वासन न दे, बल्कि ठोस कदम उठाए, ताकि भविष्य में कोई और परिवार इस तरह अपने लाल को न खोए। नया साल तभी सच में नया कहलाएगा, जब सड़कों पर चलना सुरक्षित होगा और हर नागरिक खुद को महफूज़ महसूस करेगा।

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