“किराना दुकान में चोरी की वारदात रायगढ़ – 27 सितंबर 2025 की घटना का विश्लेषण”
“किराना दुकान में चोरी की वारदात रायगढ़ – घटना, जांच और सुरक्षा उपायों का विस्तृत विश्लेषण”

रायगढ़, छत्तीसगढ़ में 27 सितंबर 2025 को एक किराना दुकान में हुई चोरी की घटना ने स्थानीय व्यापारियों और निवासियों के बीच चिंता की लहर दौड़ा दी है। इस ब्लॉग में हम इस घटना का विस्तृत विश्लेषण करेंगे, जिसमें चोरी के तरीके, पुलिस की कार्रवाई, और इससे जुड़े सामाजिक पहलुओं पर चर्चा करेंगे।
घटना का विवरण

रायगढ़, छत्तीसगढ़ में 27 सितंबर 2025 की सुबह स्थानीय लोगों के लिए चिंता का दिन साबित हुई। खरसिया थाना क्षेत्र में स्थित एक किराना दुकान में अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया।
दुकानदार जब सुबह अपनी दुकान खोलने पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि ताला टूटा हुआ है और अंदर का सामान गायब है। चोरी में लगभग ₹27,000 मूल्य का सामान शामिल था, जिसमें नकदी, खाद्य सामग्री, जड़ी-बूटियाँ, और दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुएँ शामिल थीं।
स्थानीय पुलिस ने तुरंत घटनास्थल का निरीक्षण किया और चोरी के तरीकों का विश्लेषण किया। शुरुआती जांच में यह पता चला कि चोरों ने रात के समय दुकान में प्रवेश किया और सावधानीपूर्वक सामान उठाकर बाहर निकल गए।
पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और सीसीटीवी फुटेज खंगाली। घटनास्थल के पास के कैमरों की जांच की जा रही है ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके। साथ ही, दुकानदार से उनके पिछले किसी विवाद या अन्य संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी ली जा रही है।
इस चोरी की घटना ने न केवल दुकान के मालिक के लिए आर्थिक नुकसान पैदा किया, बल्कि स्थानीय समुदाय में असुरक्षा की भावना भी उत्पन्न की। व्यापारी और निवासी अब अपनी दुकानों और घरों की सुरक्षा के प्रति अधिक सतर्क हो गए हैं।
रायगढ़ के खरसिया थाना क्षेत्र में स्थित एक किराना दुकान में अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर लगभग ₹27,000 मूल्य का सामान चुरा लिया। दुकानदार ने सुबह दुकान खोलने पर ताला टूटा पाया और अंदर का सामान गायब था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं Dainik Bhaskar।
चोरी की तकनीक और पुलिस की कार्रवाई
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ताले-छल्ले तोड़कर प्रवेश (Forced entry)
सबसे आम तरीका — चोर रात में दुकान के बाहर लगे ताले/हैसप को टूढ़-फोड़ कर अंदर आते हैं। पुराने या कमजोर ताले आसानी से कट या तोड़े जाते हैं। -
स्लाइड/खिड़की से चुपके प्रवेश (Window/ventilations entry)
यदि दुकान की खिड़की, वेंट या पिछला दरवाज़ा ढीला हो तो चोर इन्हीं रास्तों से अंदर घुसते हैं — खासकर तब जब सीसीटीवी कवरेज कम हो। -
शिमिंग/टूल्स का उपयोग (Lock-picking or shimming)
कुछ चोरों के पास लाकपिकिंग या शिमिंग के औज़ार होते हैं — छोटे वक्त में लॉक खुल जाता है और बिना ज्यादा तोड़-फोड़ के प्रवेश हो जाता है। -
डुप्लीकेट चाबी/अंदरूनी मदद (Duplicate key / inside help)
कभी-कभी कर्मचारियों या जानकार किसी के द्वारा चाबी उपलब्ध करवा दी जाती है — अंदरूनी साझेदारी की आशंका हमेशा रहती है। -
रात-दौर जांचकर निशान-नुमा वस्तुएँ उठाना (Selective theft)
चोर अक्सर पहले से योजना बनाकर आते हैं — क्या-क्या लेना है (नकदी, महंगी वस्तुएँ, सिगरेट, गहने) निर्धारित रहता है — इसलिए दुकान में बिखरी वस्तु कम मिलती हैं। -
सीसीटीवी/लाइटिंग की कमी का फायदा
खराब रोशनी और कमजोर/हटाए हुए सीसीटीवी कैमरे चोरों को हौंसला देते हैं — वे कैमरे के अँधेरे हिस्सों या ब्लाइंड स्पॉट का लाभ उठाते हैं।
चोरों ने दुकान के ताले को तोड़कर अंदर प्रवेश किया और नकदी, खाद्य सामग्री, और अन्य सामान चुरा लिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है।
पुलिस से दुकानदार के लिए क्या अपेक्षा कर सकते हैं
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FIR की प्रत (FIR copy) लें और उसमें चोरी की समस्त वस्तुओं का स्पष्ट उल्लेख कराएँ।
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थानाध्यक्ष से घटना-न्यूज़लेट/अपडेट्स की नियमित जानकारी माँगें।
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सीसीटीवी फुटेज की कॉपी/क्लिप एक्स्ट्रैक्ट करने के लिए लिखित अनुरोध रखें।
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यदि शक किसी व्यक्ति पर है तो उसे बताने पर पुलिस सक्रियता की मांग करें — पर बिना साक्ष्य व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से इल्ज़ाम न दें।
रायगढ़ में अन्य चोरी की घटनाएँ

1. 52 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद, 18 गिरफ्तार
रायगढ़ पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत 52 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं और 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें से 21 मोटरसाइकिलों के मामले रायगढ़ जिले से संबंधित थे, जबकि अन्य मामलों की जांच जारी है। मुख्य आरोपी राजा खान का आपराधिक इतिहास रहा है, और वह पहले भी चोरी के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है।
2. खितोला बैंक लूट की योजना रायगढ़ जेल से
जबलपुर के खितोला बैंक में हुई 15 किलोग्राम सोने की लूट की योजना रायगढ़ जेल से बनाई गई थी। मुख्य आरोपी रईस सिंह लोधी सहित चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन लूटी गई सोने की सामग्री अभी तक बरामद नहीं हो पाई है। The Times of India
3. बैंक लूट की दो बड़ी घटनाएँ
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सितंबर 2023 में 5.62 करोड़ की लूट: रायगढ़ के एक निजी बैंक में दिनदहाड़े 5.62 करोड़ रुपये की लूट हुई थी। पुलिस ने बिहार के गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया।
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सितंबर 2023 में 8.5 करोड़ की लूट: एक अन्य बैंक में 8.5 करोड़ रुपये की लूट के बाद बैंक प्रबंधक को घायल किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।
4. रायगढ़ में बच्चा चोरी की कोशिश नाकाम
रायगढ़ जिले के जुटमिल थाना क्षेत्र में एक युवक ने घर में घुसकर बच्चा चोरी करने की कोशिश की। परिजनों ने युवक को रंगे हाथ पकड़ लिया और पुलिस के हवाले किया। आरोपी युवक ओडिशा से आया था और एक बच्चा चोरी गिरोह से जुड़ा हुआ था।
5. दलित व्यक्ति की हत्या, चोरी के शक में
रायगढ़ जिले के डुमरपाली गांव में एक 50 वर्षीय दलित व्यक्ति को चोरी के शक में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है।
रायगढ़ जिले में इस तरह की घटनाएँ दुर्लभ नहीं हैं। पिछले कुछ महीनों में भी चोरी की कई घटनाएँ सामने आई हैं। उदाहरण के लिए, अगस्त 2025 में रायगढ़ जिले के खरसिया चौकी क्षेत्र में एक नाबालिग समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनके पास से गैस सिलेंडर, जेवर और नकदी बरामद हुई थी ।
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
इस तरह की घटनाएँ न केवल व्यापारियों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बनती हैं, बल्कि स्थानीय समुदाय में असुरक्षा की भावना भी उत्पन्न करती हैं। व्यापारी अब अपनी दुकानों की सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं। कुछ दुकानदारों ने रात के समय दुकान बंद करने के बाद सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति शुरू कर दी है।
प्रशासन की भूमिका
पुलिस प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रहा है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा उपायों को सख्त करने की मांग की है।
सुरक्षा उपाय और सुझाव
सुरक्षा कैमरे (CCTV Surveillance)
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दुकान के अंदर और बाहर उच्च गुणवत्ता वाले CCTV कैमरे लगाएं।
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कैमरे का कवरेज पूरी दुकान और आसपास के रास्तों तक होना चाहिए।
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फुटेज को नियमित रूप से जांचें और रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखें।
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अगर इंटरनेट कनेक्शन है, तो मोबाइल पर लाइव स्ट्रीमिंग सेटअप करें ताकि आप कहीं भी निगरानी कर सकें।
ताले और सुरक्षा उपकरण (Locks & Security Tools)
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मजबूत एंटी-थफ्ट ताले और हैसप का इस्तेमाल करें।
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रात के समय अतिरिक्त सुरक्षा के लिए रोलिंग शटर या मेटल गेट का उपयोग करें।
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महत्वपूर्ण वस्तुएँ जैसे नकदी, जेवर आदि को तिजोरी में सुरक्षित रखें।
सुरक्षा गार्ड और नाइट पैट्रोल (Security Guards & Night Patrols)
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रात में दुकान और आस-पड़ोस की निगरानी के लिए सुरक्षा गार्ड रख सकते हैं।
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पड़ोसियों के साथ सामुदायिक नाइट पैट्रोल बनाना भी एक अच्छा विकल्प है।
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पुलिस थाने के साथ नियमित गश्त की मांग करें।
सामुदायिक जागरूकता (Community Awareness)
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पड़ोसी दुकानदार और घर के मालिकों के साथ वॉट्सएप/मैसेज ग्रुप बनाएं।
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संदिग्ध गतिविधि या अजनबी व्यक्ति को तुरंत साझा करें।
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बच्चो और घरवालों को सतर्क रहने और लॉकिंग की आदत डालें।
पुलिस से सहयोग (Collaboration with Police)
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FIR दर्ज कराने के समय पूरी जानकारी दें — चोरी गई वस्तुएँ, अनुमानित मूल्य, संदिग्धों का विवरण।
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पुलिस से नियमित संपर्क रखें और उन्हें किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
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आसपास के CCTV फुटेज की मदद मांगें और पुलिस को सहयोग करें।
प्राकृतिक और तकनीकी उपाय (Additional Measures)
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सेंसर्स और अलार्म सिस्टम: रात में चोरी रोकने के लिए मोशन सेंसर या अलार्म लगाएं।
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लाइटिंग बढ़ाएँ: अंधेरी जगहों पर ब्राइट LED लाइट्स लगाएं।
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सुरक्षा प्रशिक्षण: कर्मचारियों को चोरी से बचाव और आपातकालीन प्रतिक्रिया का प्रशिक्षण दें।
व्यापारियों के लिए नियमित निरीक्षण (Regular Inspections for Shopkeepers)
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दुकान के सभी लॉक, ताले और सुरक्षा उपकरणों की साप्ताहिक जांच करें।
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पुराने या कमजोर ताले तुरंत बदलें।
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स्टॉक की सूची नियमित रूप से अपडेट करें, ताकि चोरी होने पर तुरंत पहचान हो।
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सीसीटीवी कैमरे: दुकानों और घरों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना से अपराधियों की पहचान में मदद मिलती है।
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सुरक्षा गार्ड: रात के समय दुकानों और घरों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति की जा सकती है।
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सामुदायिक जागरूकता: स्थानीय निवासियों को आपस में सहयोग और सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता है।
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पुलिस से सहयोग: पुलिस प्रशासन से नियमित संपर्क और सहयोग से अपराधों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
रायगढ़ में हुई इस चोरी की घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा उपायों की आवश्यकता कितनी महत्वपूर्ण है। व्यापारी और स्थानीय निवासियों को मिलकर इस समस्या का समाधान ढूंढ़ने की आवश्यकता है। पुलिस प्रशासन की सक्रियता और सामुदायिक सहयोग से इस तरह की घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
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