अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई विंकल मित्तल पर साधारण पत्थरों के अवैध उत्खनन में 9 लाख का जुर्माना

विंकल मित्तल ने साधारण पत्थरों का किया अवैध खनन, प्रशासन ने ठोका 9 लाख रुपये का जुर्माना

अवैध खनन पर सख्ती: प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाता जा रहा है। इसी कड़ी में हाल ही में विंकल मित्तल द्वारा साधारण पत्थरों का अवैध खनन किए जाने का मामला सामने आया है, जिस पर खनिज विभाग और प्रशासन ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए करीब नौ लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई न केवल अवैध खनन करने वालों के लिए चेतावनी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और कानून के पालन की दिशा में एक मजबूत कदम भी माना जा रहा है।

यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है और स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है।Kelo Pravah


क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में विंकल मित्तल द्वारा बिना वैध अनुमति और खनन पट्टा लिए साधारण पत्थरों का उत्खनन किया जा रहा था। यह गतिविधि न तो खनिज विभाग की स्वीकृति से थी और न ही पर्यावरणीय नियमों का पालन किया जा रहा था।

लैलूंगा में साधारण पत्थर खदान के एक पट्टेदार ने दूसरी जगह पर सरकारी जमीन पर खुदाई कर पत्थर निकालकर बेच दिए। ग्रामीणों ने शिकायत की तो खनिज विभाग हरकत में आया। मौका जांच के बाद करीब 757 घन मीटर पत्थर निकाले जाने की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई जिसके बाद करीब नौ लाख रुपए का अर्थदंड वसूला गया है।

अवैध खनन केवल कोयला, चूना पत्थर या डोलोमाइट का ही नहीं होता है। बल्कि साधारण पत्थर खदानों के पट्टेदार भी मनमानी करते हुए अवैध खनन कर रहे हैं। लैलूंगा तहसील में ऐसा ही अवैध खनन का बड़ा मामला सामने आया है। ग्राम जामबहार में विंकल मित्तल पिता अशोक मित्तल को साधारण पत्थर खनन की लीज आवंटित की गई है। आवंटित खनिपट्टे की भूमि के अलावा कुछ जगहों पर अवैध खनन करने की शिकायत कलेक्टर से की गई थी।

ग्रामवासियों की शिकायत पर कलेक्टर ने खनिज विभाग को कार्रवाई के आदेश दिए थे। ग्रामवासियों की मौजूदगी में मौका जांच किया गया। मौके पर छोटी पहाड़ी को काटकर पत्थर निकाले गए थे। ग्रामीणों ने बताया कि पत्थर का अवैध उत्खनन विंकल मित्तल निवासी लैलूंगा ने किया है। नोटिस मिलने पर विंकल मित्तल ने भी अवैध उत्खनन करना स्वीकार किया।

खनिज विभाग ने प्रकरण दर्ज कर छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71/खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत 757 घन मीटर पत्थर निकालने की रिपोर्ट तैयार की। धारा 21 (5) एवं 23 क के तहत 8,93,640 रुपए की शास्ति अधिरोपित की गई जिसे खननकर्ता ने जमा किया।

शासकीय भूमि पर मिला है पट्टा
विंकल मित्तल को जामबहार में ही खसरा नंबर 534 के 1.850 हे. पर साधारण पत्थर का खनिपट्टा स्वीकृत किया गया है, लेकिन अवैध पट्टे से अलग दूसरी जगह पर किया गया। राजस्व अभिलेखों में खसरा नंबर 534 रकबा 8.980 हे. दर्ज है। इसके एक हिस्से पर पट्टा मिला है। इस बात का भी संदेह है कि खनिपट्टे की जमीन के आसपास ज्यादा एरिया में खनन किया गया हो।

खनिज विभाग को लंबे समय से क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर विभागीय टीम ने मौके पर जांच की, जहां पाया गया कि—

  • बिना खनन अनुज्ञा के पत्थरों का उत्खनन किया जा रहा था

  • भारी मशीनों का उपयोग अवैध रूप से किया गया

  • निकाले गए खनिज का कोई वैध रॉयल्टी भुगतान नहीं किया गया

  • पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन हुआ

जांच में इन तथ्यों की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की।


खनिज विभाग की जांच और कार्रवाई

खनिज विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र का मुआयना किया। जांच के दौरान खनन स्थल पर बड़े पैमाने पर पत्थरों का अवैध उत्खनन पाया गया। इसके साथ ही खनन में प्रयुक्त मशीनें, वाहन और तैयार सामग्री की भी जांच की गई।

जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि विंकल मित्तल ने—

  • खनिज नियमों का उल्लंघन किया

  • सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया

  • पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंचाई

इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने खनिज अधिनियम के तहत जुर्माना लगाने का निर्णय लिया।


नौ लाख रुपये का जुर्माना क्यों लगाया गया?

खनिज अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, बिना अनुमति खनन करने पर—

  • खनिज की कीमत

  • रॉयल्टी

  • पर्यावरणीय क्षति

  • मशीनों और संसाधनों के उपयोग

इन सभी को जोड़कर जुर्माने की राशि तय की जाती है।

विंकल मित्तल के मामले में अवैध रूप से निकाले गए साधारण पत्थरों की मात्रा काफी अधिक पाई गई। इसी आधार पर प्रशासन ने करीब नौ लाख रुपये का जुर्माना निर्धारित किया।

यह जुर्माना न केवल आर्थिक दंड है, बल्कि अवैध खनन करने वालों के लिए एक सख्त संदेश भी है।


साधारण पत्थर का अवैध खनन: क्यों है गंभीर अपराध?

अक्सर यह माना जाता है कि साधारण पत्थरों का खनन कोई बड़ा अपराध नहीं है, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है। साधारण पत्थर—

  • सड़क निर्माण

  • भवन निर्माण

  • पुल, नहर और अन्य बुनियादी ढांचे

में बड़े पैमाने पर उपयोग किए जाते हैं। इसलिए इसका अवैध खनन—

  • सरकारी राजस्व की चोरी

  • पर्यावरणीय असंतुलन

  • भूमि क्षरण

  • जल स्रोतों को नुकसान

जैसी गंभीर समस्याएं पैदा करता है।


पर्यावरण पर पड़ता है गहरा असर

अवैध खनन का सबसे बड़ा नुकसान पर्यावरण को होता है। इस मामले में भी—

  • जमीन की ऊपरी परत नष्ट हुई

  • आसपास की हरियाली प्रभावित हुई

  • धूल और प्रदूषण बढ़ा

  • भूजल स्तर पर असर पड़ा

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते ऐसे मामलों पर कार्रवाई न की जाए, तो आने वाले समय में इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।


स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

इस कार्रवाई के बाद स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन की सराहना की है। लोगों का कहना है कि—

  • अवैध खनन से क्षेत्र की सड़कें खराब हो रही थीं

  • भारी वाहनों से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया था

  • धूल और शोर से लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा था

लोगों को उम्मीद है कि इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध खनन पर रोक लगेगी।


प्रशासन का स्पष्ट संदेश

प्रशासन और खनिज विभाग ने इस मामले में साफ शब्दों में कहा है कि—

  • अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

  • नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी

  • भविष्य में भी नियमित जांच अभियान चलाए जाएंगे

अधिकारियों ने यह भी बताया कि अन्य क्षेत्रों में भी अवैध खनन की जांच जारी है।


कानून क्या कहता है?

खनिज एवं खनन से जुड़े नियमों के अनुसार—

  • बिना पट्टा या अनुमति खनन करना अपराध है

  • दोषी पाए जाने पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है

  • खनिज की जब्ती और मशीनों को सीज किया जा सकता है

विंकल मित्तल के मामले में भी इन्हीं प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई।


अवैध खनन पर रोक क्यों जरूरी है?

अवैध खनन पर रोक लगाना इसलिए जरूरी है क्योंकि—

  • यह प्राकृतिक संसाधनों की लूट है

  • सरकार को राजस्व का नुकसान होता है

  • पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंचती है

  • भविष्य की पीढ़ियों के अधिकार प्रभावित होते हैं

इसलिए प्रशासन की ऐसी कार्रवाइयों को एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।


भविष्य में क्या हो सकता है?

विशेषज्ञों का मानना है कि—

  • ऐसे मामलों में निगरानी और सख्त होगी

  • ड्रोन और तकनीक की मदद से खनन क्षेत्रों पर नजर रखी जाएगी

  • दोषियों के खिलाफ और कड़ी सजा का प्रावधान किया जा सकता है

इससे अवैध खनन पर काफी हद तक लगाम लगाई जा सकेगी।

विंकल मित्तल द्वारा साधारण पत्थरों का अवैध खनन और उस पर नौ लाख रुपये का जुर्माना यह साबित करता है कि अब प्रशासन अवैध गतिविधियों को लेकर गंभीर है। यह कार्रवाई न केवल कानून का पालन सुनिश्चित करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक हितों की रक्षा भी करती है।

इस तरह की सख्त कार्रवाइयां आगे भी जारी रहीं तो निश्चित रूप से अवैध खनन पर अंकुश लगेगा और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण संभव हो सकेगा।

Next-

AQNQcvZCTqA4jLbwj6gOHeUB0APt8kurocLpe00PjL984mnb0QboiXqZkBmWR3vDWB7zxf3p4eec77HPzwFYJ-l4Jkf5gPvy-veYY5wq3QGqs2YR3U7AykKXHdVm9rUK

“4 अक्टूबर 2025 को रायगढ़ में सास और दामाद की हत्या – एक सनसनीखेज वारदात”

1 thought on “अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई विंकल मित्तल पर साधारण पत्थरों के अवैध उत्खनन में 9 लाख का जुर्माना”

Leave a Comment