सर्किट हाउस के पास बने नवनिर्मित ‘अटल परिसर’ का भव्य लोकार्पण 25 दिसम्बर 2025, सुशासन दिवस के अवसर पर सुबह 11.30 बजे होगा ऐतिहासिक कार्यक्रम

25 दिसम्बर का दिन भारतीय लोकतंत्र और सुशासन के इतिहास में एक विशेष स्थान रखता है। यह दिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जिसे सुशासन दिवस के रूप में पूरे देश में श्रद्धा और संकल्प के साथ मनाया जाता है। इसी पावन अवसर पर सर्किट हाउस के समीप नवनिर्मित ‘अटल परिसर’ का भव्य लोकार्पण 25 दिसम्बर 2025 को सुबह 11.30 बजे से किया जा रहा है। यह आयोजन न केवल एक भवन के उद्घाटन का कार्यक्रम है, बल्कि यह सुशासन, जनसेवा और विकास के संकल्प का प्रतीक भी माना जा रहा है।
अटल परिसर का निर्माण आधुनिक प्रशासनिक आवश्यकताओं, जनसुविधाओं और सामाजिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। यह परिसर आने वाले वर्षों में प्रशासन, जनसंवाद और सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों का एक प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री अरुण साव करेंगे। विशिष्ट अतिथि वित्त एवं आवास मंत्री, ओ.पी. चौधरी होंगे। सभी अतिथि कार्यक्रम से वर्चुअल जुड़ेंगे। कार्यक्रम में रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह, नगर पालिक निगम रायगढ़ के महापौर जीवर्धन चौहान और सभापति श्री डिग्री लाल साहू भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। निगम प्रशासन द्वारा शहर वासियों से कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की गई है।
अटल बिहारी वाजपेयी: सुशासन की प्रेरणा
भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि एक विचार, एक दर्शन और सुशासन की जीवंत मिसाल थे। उनके नेतृत्व में देश ने राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक सुधार, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता की नई दिशा देखी।
उनकी जयंती पर सुशासन दिवस मनाने का उद्देश्य है—
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पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन को बढ़ावा देना
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आम नागरिक तक योजनाओं और सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना
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जनकल्याण को शासन की प्राथमिकता बनाना
अटल परिसर का नामकरण उन्हीं के नाम पर किया जाना इस बात का प्रतीक है कि यह भवन केवल ईंट-पत्थर की संरचना नहीं, बल्कि सुशासन के आदर्शों को साकार करने का माध्यम बनेगा।
सुशासन दिवस और 25 दिसम्बर का महत्व

25 दिसम्बर को सुशासन दिवस मनाने की परंपरा देशभर में स्थापित हो चुकी है। इस दिन विभिन्न स्तरों पर प्रशासनिक सुधारों, जनकल्याणकारी योजनाओं और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
अटल परिसर का लोकार्पण इसी दिन होना, इसे और भी विशेष बनाता है क्योंकि—
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यह दिन सेवा और समर्पण का संदेश देता है
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प्रशासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है
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विकास कार्यों की नई शुरुआत का प्रतीक बनता है
अटल परिसर: निर्माण की पृष्ठभूमि
सर्किट हाउस के समीप अटल परिसर के निर्माण की परिकल्पना लंबे समय से की जा रही थी। क्षेत्र में एक ऐसे आधुनिक, सुव्यवस्थित और बहुउद्देश्यीय परिसर की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जहां प्रशासनिक बैठकों के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और जनसरोकार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें।
निर्माण की प्रमुख पृष्ठभूमि में शामिल रहे—
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प्रशासनिक कार्यों के लिए पर्याप्त और आधुनिक स्थान की आवश्यकता
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जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए एक सुव्यवस्थित केंद्र
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नागरिकों के लिए सुविधाजनक और सुलभ परिसर
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शहर के सौंदर्यीकरण और सुव्यवस्थित विकास की दिशा में एक कदम
अटल परिसर की विशेषताएं
नवनिर्मित अटल परिसर को आधुनिक वास्तुकला और सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं—
1. आधुनिक भवन संरचना
अटल परिसर का निर्माण आधुनिक डिजाइन और मजबूत निर्माण मानकों के अनुरूप किया गया है। भवन को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह लंबे समय तक टिकाऊ रहे और भविष्य की आवश्यकताओं को भी पूरा कर सके।
2. बहुउद्देश्यीय सभागार
परिसर में एक विशाल और अत्याधुनिक सभागार बनाया गया है, जहां—
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प्रशासनिक बैठकें
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प्रशिक्षण कार्यक्रम
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सेमिनार और कार्यशालाएं
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सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजन
आयोजित किए जा सकेंगे।
3. बैठक कक्ष और कार्यालय
अटल परिसर में कई आधुनिक बैठक कक्ष और कार्यालय कक्ष बनाए गए हैं, जो प्रशासनिक कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने में सहायक होंगे।
4. जनसुविधाएं
परिसर को आम नागरिकों के लिए भी सुविधाजनक बनाया गया है।
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प्रतीक्षालय
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स्वच्छ पेयजल व्यवस्था
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शौचालय और दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं
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पार्किंग की समुचित व्यवस्था
5. हरित और स्वच्छ वातावरण
अटल परिसर में हरियाली और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है। परिसर के आसपास हरित क्षेत्र विकसित किए गए हैं, जिससे यह स्थान पर्यावरण के अनुकूल और सौंदर्यपूर्ण बन सके।
लोकार्पण कार्यक्रम की रूपरेखा

25 दिसम्बर 2025 को सुबह 11.30 बजे से आयोजित होने वाले लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं।
कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु
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अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन
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अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान पर प्रकाश
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सुशासन दिवस के महत्व पर संबोधन
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अटल परिसर का विधिवत लोकार्पण
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जनकल्याण और विकास से जुड़े संदेश
प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता
अटल परिसर के लोकार्पण समारोह में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति प्रस्तावित है। यह कार्यक्रम शासन और जनता के बीच समन्वय और संवाद का सशक्त उदाहरण बनेगा।
शहर और क्षेत्र के विकास में अटल परिसर की भूमिका
अटल परिसर केवल एक भवन नहीं, बल्कि शहर के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से—
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प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी
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जनसमस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी मंच मिलेगा
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सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा
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युवाओं और नागरिकों के लिए प्रशिक्षण एवं संवाद के अवसर सृजित होंगे
सुशासन और जनसेवा का केंद्र
अटल परिसर को सुशासन और जनसेवा का केंद्र बनाने की परिकल्पना की गई है। यहां आयोजित होने वाले कार्यक्रम और बैठकें जनहित को सर्वोपरि रखते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाएंगी। Navbharat Times
नागरिकों में उत्साह और अपेक्षाएं
अटल परिसर के लोकार्पण को लेकर नागरिकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि—
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प्रशासनिक सेवाएं अधिक सुगम होंगी
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जनसमस्याओं पर त्वरित कार्रवाई होगी
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शहर को एक नई पहचान मिलेगी
अटल परिसर: आने वाले समय की संभावनाएं
भविष्य में अटल परिसर—
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नीति निर्धारण और जनसंवाद का प्रमुख केंद्र बनेगा
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विभिन्न सरकारी योजनाओं की समीक्षा और निगरानी का मंच होगा
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सामाजिक संगठनों और नागरिकों के लिए संवाद का सशक्त माध्यम बनेगा
25 दिसम्बर 2025 को सुशासन दिवस के अवसर पर सर्किट हाउस के पास बने नवनिर्मित ‘अटल परिसर’ का लोकार्पण एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक क्षण होगा। यह कार्यक्रम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों और आदर्शों को समर्पित है। अटल परिसर न केवल प्रशासनिक सुविधा का केंद्र बनेगा, बल्कि यह सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के संकल्प को भी सशक्त करेगा।
यह लोकार्पण समारोह आने वाले समय में विकास, संवाद और सेवा की नई राह प्रशस्त करेगा और क्षेत्र के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
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